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वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट ने नेशनल स्‍मॉल इंडस्‍ट्रीज़ कार्पोरेशन के साथ समझौता किया

वॉलमार्ट तथा फ्लिपकार्ट ने आज नेशनल स्‍मॉल इंडस्‍ट्रीज़ कार्पोरेशन (एनएसआईसी) के साथ मिलकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर की घोषणा की है। इस समझौते के चलते, देशभर में सूक्ष्‍म,लघु एवं मध्‍यम उद्यमों (एमएसएमई) को अपनी क्षमताओं में विस्‍तार करने के लिए सक्षम बनाया जाएगा। यह भागीदारी एमएसएमई को स्‍थानीय एवं वैश्विक बाजारों की रिटेल सप्‍लाई श्रृंखलाओं से जुड़ने में मदद करेगी। इस समझौता ज्ञापन पर आज नई दिल्‍ली में आयोजित वॉलमार्ट वृद्धि सैलर समिट के मौके पर हस्‍ताक्षर किए गए। इस कार्यक्रम का आयोजन, 20,000एमएसएमई को वॉलमार्ट वृद्धि सप्‍लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम (वॉलमार्ट वृद्धि) के अंतर्गत अपनाप्रशिक्षण पूरा करने के मौके पर किया गया। स्‍वस्ति भी इस प्रोग्राम से पार्टनर के तौर पर जुड़ी है। इस अवसर पर, माननीय सूक्ष्‍मलघु एवं मध्‍यम उद्यम केंद्रीय मंत्री श्री नारायण राणेतथा श्री गौरांग दीक्षितअध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशकनेशनल स्‍मॉल इंडस्‍ट्रीज़ कार्पोरेशन (एनएसआईसी) उपस्थित थे।

एनएसआईसी के साथ भागीदारी के चलते, देशभर के अधिकाधिक लघु कारोबारों एवं उद्यमियों को वृद्धि प्रोग्राम से जुड़ने का मौका मिलेगा जो कि उन्‍हें अपने व्‍यवसायों को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से जरूरी जानकारी हासिल करने के लिए विशेषज्ञों तक पहुंच और मुफ्त प्रशिक्षण मुहैया कराता है। वृद्धि प्रोग्राम के तहत् एमएसएमई के लिए नियमित रूप से ट्रेनिंग, सेमिनार और मेंटॉरिंग सेशंस आयोजित किए जाते हैं। इस प्रोग्राम में देशभर के महानगरों के अलावा टियर 2 एवं टियर 3 शहरों से हजारों एमएसएमई ने रजिस्‍ट्रेशन करवाया है और अब तक 20,000 से अधिक एमएसएमई प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। यह पार्टनरशिप प्रतिभागी एमएसएमई को एनएसआईसी की योजनाओं तक पहुंच का लाभ दिलाने के साथ-साथ वृद्धि के संसाधनों को उन सभी एमएसएमई तक पहुंचाएगी जिन्‍होंने एनएसआईसी के साथ खुद को रजिस्‍टर किया है।

माननीय सूक्ष्‍मलघु एवं मध्‍यम उद्यम केंद्रीय मंत्री श्री नारायण राणे ने कहा, ”मुझे यह देखकर खुशी महसूस हो रही है कि वॉलमार्ट के वृद्धि प्रोग्राम ने बड़ी संख्‍या में भारतीय एमएसएमई को विस्‍तार करने, अपना उत्‍पादन बढ़ाने और अनुभव में बढ़ोतरी करने में सक्षम बनाया है। वॉलमार्ट इन एमएसएमई को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनकी क्षमता निर्माण करने, खासतौर से महामारी के दौरान, के लिहाज से अग्रणी रहा है। भारत के एमएसएमई सैक्‍टर में फिलहाल 6.3 करोड़ एमएसएमई हैं जिनसे करीब 11 करोड़ लोग रोजगाररत हैं। हम देश में बढ़ते एमएसएमई सैक्‍टर को वॉलमार्ट द्वारा लगातार सपोर्ट दिए जाने को लेकर उत्‍सुक हैं।”

श्री गौरांग दीक्षितअध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशकनेशनल स्‍मॉल इंडस्‍ट्रीज़ कार्पोरेशन (एनएसआईसी) ने कहा, एनएसआईसी भारत में मजबूत एमएसएमई सैक्‍टर के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम एसएसएमई को मदद करने के लिए वॉलमार्ट वृद्धि के साथ मिलकर काम करने को उत्‍सुक हैं ताकि उन्‍हें हमारी योजनाओं से जुड़ने का मौका मिले और साथ ही, वृद्धि के संसाधनों को एनएसआईसी के तहत् एमएसएमई के लिए उपलब्‍ध कराया जा सके। इस पार्टनरशिप के जरिए, देशभर के एमएसएमई को अपने कारोबार देश-विदेश में बढ़ाने के लिए भी जरूरी मदद मिल सकती है।”

जैसॉन फ्रेमस्‍टाड, वरिष्‍ठ उपाध्‍यक्ष, सप्‍लायर डेवलपमेंट, वॉलमार्ट ने कहा, ”वॉलमार्ट को वृद्धि प्रोग्राम के तहत् 20,000 से अधिक एमएसएमई द्वारा आज अपना प्रशिक्षण पूरा करने की घोषणा करते हुए बेहद गर्व महसूस हो रहा है। हमें भारत में उद्यमिता के जज्‍़बे को प्रोत्‍साहित करने तथा इस प्रोग्राम के जरिए, लघु कारोबारों के मालिकों की आगे बढ़ने की महत्‍वाकांक्षाओं को सपोर्ट करने की भूमिका निभाते हुए खुशी है। भारत से निर्यात को 2027 तक तिगुना कर सालाना अरब $10अरब डॉलर पहुंचाने की हमारी प्रतिबद्धता के चलते, हम अधिकाधिक व्‍यवसायों को देश-विदेश के ऑनलाइन एवं ऑफलाइन बाजारों तक पहुंच दिलाने में सहयोग करने के लिए उत्‍सुक हैं।”

रजनीश कुमार, चीफ कार्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर, फ्लिपकार्ट ग्रुप ने कहा, ”घरेलू कंपनी के तौर पर, हम भारत के एमएसएमई के विकास तथा एक समर्थ एवं समावेशी ई-कॉमर्स इकोसिस्‍टम का निर्माण करने को लेकर काफी उत्‍साहित हैं। साथ ही, हम भारत के आर्थिक विकास की गाथा का हिस्‍से बनने के लिए भी रोमांचित और प्रतिबद्ध हैं ताकि लाखों स्‍थानीय कारोबारों को वॉलमार्ट वृद्धि तथा फ्लिपकार्ट के मार्केटप्‍लेस के जरिए ई-कॉमर्स से जुड़ने का मौका मिल सके। भारत में लघु उद्यमों के विकास में टैक्‍नोलॉजी तथा इनोवेशन की महत्‍वपूर्ण भ‍ूमिका है। इसी मकसद को ध्‍यान में रखते हुए, हमारा प्रयास उन्‍हें अपने कारोबारों को डिजिटाइज़ करने तथा ई-कॉमर्स के माध्‍यम से आगे बढ़ने के अवसरों को टटोलने में मदद देना है। हम इस समझौता ज्ञापन के जरिए एनएसआईसी के साथ अपने जुड़ावों को और गहना बनाने को लेकर भी बेहद प्रसन्‍न हैं जिससे देशभर में लघु व्‍यवसायों, कारीगरों एवं बुनकरों को विस्‍तार करने में मदद मिलेगी।” 

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