ब्रोकिंग हाउस एंजेल वन ने अपनी वार्षिक दिवाली सूची में विभिन्न सेक्टरों से आठ स्टॉक्स चुने हैं। इनमें आईसीआईसीआई बैंक, इंजीनियर्स इंडिया और अपोलो माइक्रो सिस्टम्स शामिल हैं। ब्रोकरेज का कहना है कि भारत की ग्रोथ स्टोरी बरकरार है, हालांकि अब इसके साथ जीवनयापन की लागत भी बढ़ गई है।
ये पिक्स एंजेल वन की शगुन के शेयर्स दिवाली पिक्स रिपोर्ट 2026 का हिस्सा हैं। आईसीआईसीआई बैंक के अलावा सूची में दो और फाइनेंशियल सर्विसेज के नाम हैं—नॉर्दर्न आर्क कैपिटल और इंजीनियर्स इंडिया के साथ इंडस्ट्रियल्स से रत्नवीर प्रिसिजन। इसमें हेल्थकेयर से आर्टी फार्मालैब्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी से शांति गोल्ड, रियल एस्टेट डेवलपर एजीआई इन्फ्रा और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स भी शामिल हैं।
30 सितंबर तक आईसीआईसीआई बैंक बास्केट का सबसे बड़ा शेयर था। इसका शेयर भाव ₹1,398 था और मार्केट वैल्यू ₹10 लाख करोड़ से अधिक थी। अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ₹397.15 पर, रत्नवीर प्रिसिजन ₹359 पर और आर्टी फार्मालैब्स ₹873 पर कारोबार कर रहा था। शांति गोल्ड, नॉर्दर्न आर्क कैपिटल और इंजीनियर्स इंडिया क्रमशः ₹292.90, ₹251.80 और ₹251.80 पर ट्रेड कर रहे थे, जबकि एजीआई इन्फ्रा ₹238.70 पर था।
ब्रोकरेज ने कहा कि हर स्टॉक के निवेश तर्क को वह 7 नवंबर तक रोजाना एक सीरीज में प्रकाशित करेगा।
ये पिक्स मिश्रित पृष्ठभूमि में आए हैं। आरबीआई और ओईसीडी दोनों ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की ग्रोथ फोरकास्ट बढ़ा दी है। दोनों ने मजबूत घरेलू मांग का हवाला दिया है। वहीं, महंगाई लगभग दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है और केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर में रेपो रेट बढ़ाया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस साल भारतीय इक्विटी से इतनी तेजी से पैसा निकाला है जितना पूरे 2025 में नहीं निकाला था। बढ़ते क्रूड ऑयल, मजबूत डॉलर और ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बिक्री बढ़ाई है। कुछ पैसा एआई रैली का फायदा उठा रहे उत्तर एशियाई बाजारों में भी गया है। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इन निकासी को पूरी तरह संभाल लिया है। रिकॉर्ड मासिक एसआईपी इनफ्लो ने इसमें मदद की है। रिपोर्ट के अनुसार, इससे भारतीय कंपनियों का स्वामित्व लगातार घरेलू हाथों में शिफ्ट हो रहा है।
ब्रोकरेज का कहना है कि महंगे ईंधन और कमजोर रुपये के बावजूद उपभोक्ता खर्च बरकरार रहा है। जीएसटी कलेक्शन, पैसेंजर वाहन बिक्री और यूपीआई पेमेंट्स रिकॉर्ड या उसके करीब हैं। हवाई यात्रा को कमजोर जगह बताया गया है, जिस पर एयरस्पेस बंद होने और फ्यूल सरचार्ज का असर पड़ा है।
सरकारी पूंजीगत व्यय निवेश चक्र का मुख्य आधार बना हुआ है और बजट से आगे चल रहा है। इसमें डिफेंस का योगदान प्रमुख है। निजी निवेश घोषणाएं तेजी से बढ़ी हैं। बैंक लेंडिंग इंडस्ट्री, सर्विसेज, कृषि और पर्सनल लोन में तेज हुई है, जबकि एनपीए कई दशकों के निचले स्तर पर आ गया है।
एंजेल वन का कहना है कि ग्रोथ, घरेलू भागीदारी और निवेश गतिविधि बाजार को आगे बढ़ाती रहेंगी। हालांकि, उसने चेतावनी दी कि वैश्विक अनिश्चितता और महंगाई मुख्य जोखिम बने हुए हैं।












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