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भारतीय फर्नीचर और हस्तशिल्प उद्योग का बड़ा व्यापार मेला 1-3 सितंबर को नई दिल्ली में

भारत का फर्नीचर और इंटीरियर उद्योग घरेलू मांग में वृद्धि, विनिर्माण क्षेत्र के अधिक संगठित होने और डिज़ाइन-केंद्रित तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की बढ़ती मांग के चलते तेज़ी से विस्तार कर रहा है। ऐसे समय में आयएमएम इंडिया 2026 (IMM India) भारतीय निर्माताओं, निर्यातकों, डिजाइनरों, खुदरा विक्रेताओं, हॉस्पिटैलिटी खरीदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को एक साझा मंच पर लाने की तैयारी में है।

कोएल्नमेस्से द्वारा आयोजित आयएमएम इंडिया का आयोजन 1 से 3 सितंबर 2026 तक यशोभूमि, नई दिल्ली में किया जाएगा। यह आयोजन फर्नीचर, होम डेकोर, कालीन एवं दरियां, गद्दे, सरफेस, किचन सॉल्यूशंस और हस्तनिर्मित कलेक्शंस सहित इंटीरियर क्षेत्र की विभिन्न श्रेणियों को एकीकृत मंच पर प्रस्तुत करेगा।

उद्योग के बढ़ते अवसर को रेखांकित करते हुए, भारतीय फर्नीचर बाजार का आकार 2026 में 31.51 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है और इसके 7.63 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर 2031 तक 45.52 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह वृद्धि भारतीय निर्माताओं और निर्यातकों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में नए अवसरों की ओर संकेत करती है।

इस अवसर पर कोएल्नमेस्से के प्रबंध निदेशक मिलिंद दीक्षित ने कहा, “आयएमएम इंडिया वैश्विक फर्नीचर और इंटीरियर क्षेत्र में नेतृत्व करने की भारत की क्षमता का एक मजबूत प्रदर्शन है। हमारा दृष्टिकोण ऐसा बाजार मंच तैयार करना है, जहां भारतीय निर्माता वैश्विक मांग से सहज रूप से जुड़ें, डिजाइन और व्यवसाय के बीच बेहतर तालमेल बने तथा दीर्घकालिक साझेदारियां विकसित हों।” 

हस्तशिल्प और होम डेकोर क्षेत्र की भूमिका पर जोर देते हुए, हैंडलूम हैंडिक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सी. पी. शर्मा ने कहा, “भारत के हस्तशिल्प और होम डेकोर निर्यातकों के लिए नए कारोबारी और निर्यात अवसर पैदा करने की दिशा में आयएमएम इंडिया के साथ साझेदारी महत्वपूर्ण है। हम भारतीय निर्यातकों के विकास, वैश्विक दृश्यता और प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” 

वहीं, जोधपुर हैंडिक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत दिनेश ने कहा, “यह व्यापार मेला हमारे सदस्यों और व्यापक उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र को भारतीय डिजाइन और विनिर्माण क्षमता प्रदर्शित करने, वैश्विक खरीदारों से जुड़ने तथा ऐसी दीर्घकालिक साझेदारियां बनाने के लिए एक केंद्रित मंच प्रदान करता है, जो वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को और मजबूत कर सकती हैं।” 

आयोजन में जोधपुर, मुरादाबाद, करूर और सहारनपुर जैसे प्रमुख भारतीय विनिर्माण केंद्रों से 100 से अधिक निर्यात-तैयार प्रदर्शकों के भाग लेने की उम्मीद है। इन्हें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और यूएई सहित 14 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आने वाले होस्टेड खरीदारों के साथ सीधे व्यावसायिक संपर्क का अवसर मिलेगा।

इस आयोजन को उद्योग के प्रमुख निकायों का व्यापक समर्थन प्राप्त है, जिनमें एसोसिएशन ऑफ फर्नीचर मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इंडिया, जोधपुर हैंडिक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, और हैंडलूम हैंडिक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन प्रमुख रूप से शामिल हैं। 

भारत का हस्तशिल्प क्षेत्र भी वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। भारतीय हस्तशिल्प बाजार के 6.13 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर 2034 तक 8.29 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 में गैर-कालीन हस्तशिल्प का निर्यात 15,855 करोड़, जबकि कालीन का निर्यात 12,887 करोड़ रहा। ये आंकड़े भारतीय हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग में निरंतर वृद्धि को दर्शाते हैं।

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