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ए-वन स्टील्स इंडिया लिमिटेड का आईपीओ 24 सितंबर 2026 को खुलेगा

बैंगलुरु मुख्यालय वाली इंटीग्रेटेड स्टील निर्माता कंपनी ए-वन स्टील्स इंडिया लिमिटेड (ए.एस.आई.एल.) ने घोषणा की है कि कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख बुधवार, 23 सितंबर 2026 है, और बिड/ऑफर सोमवार, 28 सितंबर 2026 को खत्म होगा। कंपनी को इक्विटी शेयरों के नए इश्यू के ज़रिए ₹35,500 लाख प्राप्त होंगे और कंपनी का इरादा बीएसई व एनएसई प्लैटफॉर्म पर सूचीबद्ध होना है।

ऑफर के लिए प्राइस बैंड ₹385-₹405 प्रति शेयर तय किया गया है, और कम से कम 37 इक्विटी शेयर (₹10 फेस वैल्यू के इक्विटी शेयर और उसके बाद 37 के मल्टीपल) के लिए बोली लगाई जा सकती हैं। पीएल कैपिटल मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड व खम्बाटा सिक्योरिटीज़ लिमिटेड इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं, और बिगशेयर सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड ऑफर की रजिस्ट्रार है।

इस आईपीओ में कंपनी द्वारा ₹10 अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू, कुल ₹35,500 लाख तक का इश्यू और कंपनी के प्रमोटरों श्री संदीप कुमार, श्री सुनील जालान और श्री कृष्ण कुमार जालान द्वारा बुक-बिल्डिंग के ज़रिए ₹10 फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (कुल ₹5,000 लाख तक का इश्यू) शामिल है। प्राइस बैंड (कैप प्राइस) के ऊपरी छोर पर, (1) क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49,75,308 से ज्यादा इक्विटी शेयर आावंटित नहीं किए गए, जिनमें से बुक रनिंग लीड मैनेजर के साथ सलाह-मशविरा करके, ₹10 फेस वैल्यू वाले 29,85,185 इक्विटी शेयर एंकर निवेशकों के लिए आवंटित किए गए हैं (2) ₹10 अंकित मूल्य के कम से कम 14,92,593 इक्विटी शेयर नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स (एनआईबी) के लिए आवंटित किए गए हैं और (3) ₹10 फेस वैल्यू वाले कम से कम 34,82,716 इक्विटी शेयर रिटेल इंडिविजुअल बिडर्स (आरआईबी) के लिए आवंटित किए गए हैं। इस ऑफर में पात्र कर्मचारियों (ऐम्प्लॉई रिज़र्वेशन) द्वारा खरीदने के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले 49,382 इक्विटी शेयर तक का रिज़र्वेशन शामिल है। ऐम्प्लॉई रिज़र्वेशन कैटेगरी के तहत बोली लगाने वाले पात्र कर्मचारियों को हर इक्विटी शेयर पर ₹38 का डिस्काउंट दिया जा रहा है।

रैड हैरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, ए.एस.आई.एल. का प्रस्ताव है कि ऑफर से मिले ₹25,000 लाख का इस्तेमाल कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया उधारों के एक भाग के पूर्व-भुगतान या आंशिक पुनःभुगतान के लिए किया जाएगा और बाकी धन का इस्तेमाल आम कॉर्पोरेट कार्यों तथा आईपीओ के खर्चों के लिए किया जाएगा।

ए.एस.आई.एल. एक बैकवर्ड/वर्टिकली इंटीग्रेटेड स्टील मैन्युफैक्चरर है, जिसके पास लम्बे और फ्लैट स्टील प्रोडक्ट्स के साथ-साथ इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स का एक डायवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो है। कंपनी और उसकी सहायक कंपनियां कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में छह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स चलाती हैं, जिनमें गौरीबिदानूर, हिंदूपुर, चिक्कंतपुर, बेल्लारी और कोप्पल में मौजूद फैसिलिटीज़ शामिल हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 17,33,100 एमटीपीए है।

कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्टील बनाने की प्रक्रिया के कॉम्प्लिमेंट्री चरणों में भी काम करती हैं। कोप्पल फैसिलिटी स्पाँज आयरन बनाती है; गौरीबिदानूर और हिंदूपुर प्लांट एमएस बिलेट्स और टीएमटी बार बनाते हैं; बेल्लारी फैसिलिटी-1 स्पाँज आयरन, एमएस बिलेट्स, एचआर कॉइल्स और एचआर (एमएस) पाइप बनाती है; बेल्लारी फैसिलिटी-2 गैल्वेनाइज़्ड पाइप बनाती है; और चिक्कंतपुर फैसिलिटी मैट् कोक और फेरो एलॉय बनाती है।

ए.एस.आई.एल. के गौरीबिदानूर फैसिलिटी और हिंदूपुर फैसिलिटी में बने टीएमटी बार को सीआईआई – ग्रीन प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज़ काउंसिल से ग्रीन प्रोडक्ट के तौर पर सर्टिफाइड किया गया है और उन्हें ग्रीनप्रो इकोलेबल एक्रेडिटेशन मिला है। इसके अलावा, कंपनी के बेल्लारी-1 फैसिलिटी में बने एचआर कॉइल और एचआर (एमएस) पाइप को भी कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री – ग्रीन प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज़ काउंसिल ने ग्रीनप्रो इकोलेबल फ्रेमवर्क के तहत ग्रीन प्रोडक्ट के तौर पर प्रमाणित किया है।

कंपनी को वित्त वर्ष 2026 के दौरान 1,80,351 टन टीएमटी बार बनाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सेकेंडरी स्टील टेक्नोलॉजी, मंडी, गोबिंदगढ़ (भारत) से ग्रीन स्टील सर्टिफिकेट मिला, जिसकी औसत उत्सर्जन गहनता 0.67t-CO2e/tfs थी।

ए.एस.आई.एल. ने अनुपालन प्रक्रिया भी आरंभ की है, जिससे कंपनी के स्टील निर्यात को कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) के तहत यूरोपियन यूनियन में स्वीकार किया जा सकेगा।

ए-वन स्टील इंडिया इस्पात उद्योग की उन कंपनियों में से एक है, जिनका प्रति टन अपरिष्कृत इस्पात उत्सर्जन कम होता है और नवीकरणीय विद्युत के उपयोग में कंपनी का ज्यादा हिस्सा रहता है। कंपनी को कर्नाटक के चिक्काबालापुर में टीएमटी बार बनाने की अपनी प्रोडक्शन फैसिलिटी के लिए इस्पात मंत्रालय से 5-स्टार रेटिंग मिली है। वित्त वर्ष 2026 में, ए.एस.आई.एल. की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए कुल बिजली की ज़रूरत का 83.20 प्रतिशत ग्रीन ऐनर्जी से पूरा किया गया, जिससे कंपनी को वित्त वर्ष के दौरान बिजली की लागत में लगभग ₹1.57 प्रति यूनिट की बचत करने में मदद मिली।

कंपनी अपने उत्पाद डायरेक्ट रिटेल सेल्स चैनलों, अधिकृत वितरकों, संस्थानिक ग्राहकों और दूसरे मध्यस्थों एवं ट्रेडिंग चैनलों के कॉम्बिनेशन के ज़रिए बेचती है। 31 मार्च 2026 तक ए-वन स्टील्स के सेल्स नेटवर्क में 1,246 डायरेक्ट रिटेल सेल्स चैनल्स, 32 अधिकृत वितरक और 57 संस्थागत ग्राहक शामिल थे।

ए-वन स्टील्स इंडिया लिमिटेड ने 2013 में अपनी गौरीबिदानूर फैसिलिटी में एमएस बिलेट्स की मैन्युफैक्चरिंग के साथ अपना परिचालन प्रारंभ किया था। कंपनी के प्रमोटर श्री संदीप कुमार, श्री सुनील जालान और श्री कृष्ण कुमार जालान हैं।

ए.एस.आई.एल. ने वित्त वर्ष 2026 में परिचालन से ₹4,14,856.74 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में परिचालन से ₹3,54,178.09 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया गया था। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में ऐक्सेप्शनल आइटम्स के बाद, कर पश्चात् लाभ (पीएटी) ₹12,740.82 लाख दर्ज किया है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में ऐक्सेप्शनल आइटम्स के बाद, कर पश्चात् लाभ (पीएटी) ₹771.05 लाख था।

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