करुणा, सेवा और सामाजिक प्रभाव के तीन दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में, भगवान महावीर फाउंडेशन ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय महावीर पुरस्कारों के 30वें संस्करण के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। यह भारत के उन सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में शामिल है जो अहिंसा एवं शाकाहार, शिक्षा, चिकित्सा तथा सामुदायिक एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में ऐसे विशिष्ट व्यक्तियों एवं संस्थानों द्वारा किए गए निस्वार्थ सेवा-कार्य को मान्यता देते हैं, जिनके प्रयासों ने जीवनों और समुदायों में परिवर्तन किया है। प्रत्येक पुरस्कार के साथ ₹10 लाख की नकद राशि, एक प्रशस्ति-पत्र तथा एक स्मृति-चिह्न प्रदान किया जाएगा। नामांकन 31 जुलाई, 2026 तक खुले रहेंगे।
सीमाओं से परे सेवा का उत्सव मनाते हुए, भगवान महावीर फाउंडेशन ने विगत तीन दशकों में, तथा हाल ही में घोषित 29वें संस्करण सहित, 26 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 101 असाधारण व्यक्तियों एवं संस्थानों को सम्मानित किया है। अब तक 10 राष्ट्रीय महावीर पुरस्कार विजेताओं के साथ, राजस्थान ने राष्ट्रीय महावीर पुरस्कारों की विरासत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन विशिष्ट परिवर्तनकर्ताओं को सामाजिक विकास, मानवीय सेवा और अहिंसा के प्रसार में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है, जिनका समाज पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा है।
राजस्थान से राष्ट्रीय महावीर पुरस्कारों के प्राप्तकर्ता 1999 – भगवान महावीर विकलांग
सहायता समिति, जयपुर 2003 – मारुधर महिला शिक्षण संघ, खीमल 2005 – श्री सिद्धराज धड्ढा, जयपुर 2006 – श्री राजमल एस. जैन, पाली 2010 – श्री करनी नगर विकास समिति, कोटा 2013 – गांधी विद्या मंदिर, चूरू 2013 – श्रीमती सुशीला बोहरा, जोधपुर 2017 – एनिमल ऐड चैरिटेबल ट्रस्ट, उदयपुर 2022 – पीपल फॉर एनिमल्स, सिरोही 2025 – श्री कृष्णा गोपाल गौ सेवा समिति, नागौर।
जरूरतमंदों, वंचितों और वाणीहीनों के कल्याण के लिए निःस्वार्थ सेवा में संलग्न भारतीय नागरिक एवं संस्थाएँ नामांकन के लिए पात्र हैं। पुरस्कार विजेताओं का चयन भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम. एन. वेंकटचलैया की अध्यक्षता में गठित एक विशिष्ट जूरी द्वारा किया जाएगा, जिससे पुरस्कारों की गरिमा के अनुरूप कठोर और विश्वसनीय मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।
महावीर पुरस्कारों के लिए जूरी: न्यायमूर्ति एम. एन. वेंकटचलैया, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश – अध्यक्ष, महावीर पुरस्कार; न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश; एस. गुरुमूर्ति, संपादक, थुगलक एवं आरबीआई के अंशकालिक निदेशक; प्रो. बी. एम. हेगड़े, अध्यक्ष, भारतीय विद्या भवन, मंगळूर केंद्र; टी. एस. कृष्णमूर्ति, भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त; डी. आर. मेहता, सेबी के पूर्व अध्यक्ष; प्रभात कुमार, भारत सरकार के पूर्व कैबिनेट सचिव एवं झारखंड के पूर्व राज्यपाल; न्यायमूर्ति जी. एस. सिंहवी, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश; डॉ. शिव कुमार सारिन, निदेशक एवं कुलाधिपति, इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज़, नई दिल्ली।













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