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डॉलर इंडस्ट्रीज के संस्थापक एवं चेयरमैन एमेरिटस श्री दीनदयाल गुप्ता का निधन

होजरी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी, डॉलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के संस्थापक और चेयरमैन एमेरिटस, विख्यात उद्योगपति श्री दीनदयाल गुप्ता का आज कोलकाता में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण स्वर्गवास हो गया। उनका निधन कंपनी के साथ-साथ भारतीय होजरी और परिधान उद्योग के एक युग के अंत का प्रतीक है।

एक दूरदर्शी नेता और कंपनी की उल्लेखनीय यात्रा के मार्गदर्शक रहे श्री दीनदयाल गुप्ता ने पांच दशकों से अधिक समय तक अटूट प्रतिबद्धता, दूरदर्शिता और अखंडता के साथ डॉलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में, कंपनी एक मामूली शुरुआत से विकसित होकर होजरी और परिधान क्षेत्र में भारत के अग्रणी निर्माताओं में से एक बन गई। उनके मार्गदर्शन में, डॉलर इंडस्ट्रीज ₹1700+ करोड़ से अधिक के बड़े व्यापारिक समूह के रूप में उभरी।

हरियाणा के भिवानी जिले के मनहेरू गाँव में 13 सितंबर, 1937 को एक साधारण और बड़े परिवार में जन्मे श्री गुप्ता का जीवन दृढ़ता, जुझारूपन और बड़े सपने देखने की शक्ति का प्रमाण था। वर्ष 1962 में कोलकाता (तब कलकत्ता) आकर उन्होंने खरीदारों के बजट और आवश्यकताओं के अनुरूप होजरी उत्पादों का निर्माण और बिक्री शुरू की। उन्होंने निर्माण और फिनिशिंग सुविधाओं के समानांतर विकास, बिक्री केंद्रों और खुदरा विक्रेताओं के नेटवर्क के निर्माण और अन्य कंपनियों द्वारा उपेक्षित बाजारों के प्रत्यक्ष विकास के माध्यम से इसे संभव बनाया।

एक युवा के रूप में, उनमें कुछ सार्थक बनाने का दृढ़ संकल्प था और इसी के साथ उन्होंने 1972 में डॉलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की आधारशिला रखी। उनकी उद्यमशीलता और निरंतर प्रयास ने कंपनी को घर-घर में पहचाने जाने वाला नाम बना दिया, जिसे अपनी गुणवत्ता, नवाचार और बाजार में मजबूत उपस्थिति के लिए सराहा गया। जल्द ही, डॉलर मध्य प्रदेश (अब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़), पूर्वोत्तर भारत के सेवन सिस्टर्सऔर पूर्वी हिमालय के दार्जिलिंग जैसे पहाड़ी जिलों जैसे पिछड़े क्षेत्रों में आपूर्ति और सेवा देने वाली पहली कंपनियों में से एक बन गई।

अपने शानदार व्यावसायिक करियर के अलावा, श्री दीनदयाल गुप्ता सक्रिय रूप से आर्य प्रतिनिधि सभा से जुड़े रहे, जो सामाजिक और सामुदायिक सेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वह बंगाल प्रतिनिधि सभा की कई शाखाओं में एक प्रमुख नेता थे। वह सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के पूर्व उपाध्यक्ष और अजमेर की परोपकारिणी सभा (जो स्वामी दयानंद सरस्वती की निजी वस्तुओं का प्रमुख भंडार है) के सक्रिय सदस्य भी थे। उन्होंने कोलकाता के मारवाड़ी रिलीफ सोसाइटी में बर्न्स यूनिट और संबंधित बुनियादी ढांचे की शुरुआत और स्थापना की थी।

श्री गुप्ता पश्चिम बंगाल के उत्तर 24-परगना स्थित बिधाननगर के सीबीएसई स्कूल, हरियाणा विद्या मंदिर के संस्थापक जनक थे। वे सह-संस्थापक और प्रायोजक के रूप में गुरुकुलों से भी जुड़े थे। अपने साधारण गाँव मनहेरू के स्कूल के पुनरुद्धार के पीछे भी उन्हीं का हाथ था। शिक्षा के क्षेत्र में उनका निरंतर और व्यापक योगदान इस विश्वास को साबित करता है कि सभी स्तरों पर शिक्षा तक पहुंच का अवसर ही सामाजिक विकास और राष्ट्र की प्रगति एवं समृद्धि को सक्षम करने का एकमात्र सच्चा तरीका है।

वह बुजुर्गों की सहायता के क्षेत्र में काम करने वाले सामाजिक सेवा संगठनों जैसे महर्षि दयानंद योगाश्रम त्रिपुरा और सुखानंद फाउंडेशन के विकास और प्रभावशीलता में भी प्रमुख योगदानकर्ता थे। उनका योगदान उद्योग से परे था, जिसने समाज पर एक सार्थक प्रभाव छोड़ा।

अपनी शानदार यात्रा के दौरान उन्हें पश्चिम बंगाल होजरी एसोसिएशन की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और सन्मार्ग बिजनेस अवार्ड सहित कई पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया।

श्री दीनदयाल गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी, चार बेटे और पोते-पोतियां हैं, जो वर्तमान में डॉलर इंडस्ट्रीज के व्यापारिक साम्राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं।

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