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गोवा ने जीआईटीबी 2026 में खुद को साल भर चलने वाले पर्यटन हब के रूप में पेश किया

गोवा खुद को 365-दिवसीय पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित कर रहा है। अपनी पारंपरिक समुद्र तट (बीच) अपील से अलग हटकर गोवा 26-28 अप्रैल तक जयपुर में आयोजित ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार (जीआईटीबी) में त्योहारों, सांस्कृतिक अनुभवों और उभरते पर्यटन क्षेत्रों के साल भर के कैलेंडर की पेशकश करने के लिए आगे बढ़ रहा है।

इस पहल का मकसद पर्यटन को सिर्फ सीजन तक सीमित न रखकर पूरे साल पर्यटकों की निरंतर आवाजाही बनाए रखना और हाई-वैल्यू टूरिस्ट्स को आकर्षित करना है। गोवा अब खुद को एक सस्टेनेबल और हाई-वैल्यू टूरिज्म इकोसिस्टम के रूप में विकसित कर रहा है।

गोवा बियोंड बीचेज (Goa Beyond Beaches) रणनीति के तहत राज्य पारंपरिक आयोजनों जैसे चिकाल कालो और “स्पिरिट ऑफ गोवा” जैसे बड़े इवेंट्स के साथ-साथ मॉनसून टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रहा है, ताकि ऑफ-सीजन में भी पर्यटक आकर्षित हों। गोवा सरकार के माननीय पर्यटन मंत्री रोहन ए. खौंटे ने कहा, कि गोवा अन्य वैश्विक डेस्टिनेशन की तुलना में बेहतर वैल्यू प्रदान करता है। देखो अपना देश (Dekho Apna Desh) जैसी पहल और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सहयोग से राज्य को एक ग्लोबल, सालभर चलने वाला टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने पर काम हो रहा है।

राज्य सरकार एमआईसीई (MICE), वेडिंग, वेलनेस और आयुर्वेद के साथ-साथ स्पोर्ट्स, कुलिनरी और वर्केशन टूरिज्म जैसे नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है, जिससे खासकर युवा और एक्सपीरियंस-ड्रिवन ट्रैवलर्स को आकर्षित किया जा सके।

सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं की सुरक्षा और पर्यटकों की सेफ्टी के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही कनेक्टिविटी बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार और नए एयर रूट्स शुरू करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

गोवा अब रीजेनरेटिव टूरिज्म की दिशा में भी काम कर रहा है, जिसमें स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाकर आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

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