भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू एसएफबी) और पिछले एक दशक में यूनिवर्सल बैंक में परिवर्तन के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) से इन–प्रिंसिपल स्वीकृति प्राप्त करने वाला पहला संगठन, ने आज घोषणा की कि आरबीआई (RBI) ने विवेक त्रिपाठी की तीन वर्ष की अवधि के लिए बैंक के पूर्णकालिक निदेशक (कार्यकारी निदेशक) [ Whole Time Director (Executive Director)] के रूप में नियुक्ति को मंज़ूरी प्रदान कर दी है।
47 वर्षीय विवेक त्रिपाठी की बोर्ड में कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्ति, एयू एसएफबी की आंतरिक रूप से अगली पीढ़ी के नेतृत्व को विकसित करने और दीर्घकालिक उत्तराधिकार योजना को संस्थागत स्वरूप देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
वर्तमान में एयू एसएफबी के चीफ़ क्रेडिट ऑफ़िसर के रूप में कार्यरत विवेक त्रिपाठी वर्ष 2014 से बैंक से जुड़े हुए हैं और उन्होंने कमर्शियल बैंकिंग, होलसेल बैंकिंग, क्रेडिट एवं स्ट्रैटेजी सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएँ निभाई हैं। पिछले एक दशक में उन्होंने एयू की विकास यात्रा में अहम भूमिका निभाई है तथा मज़बूत जोखिम और गवर्नेंस ढाँचों के संस्थानीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अपने मौजूदा पद पर, श्री त्रिपाठी बैंक स्तर पर क्रेडिट पॉलिसी एवं अंडरराइटिंग, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट, कलेक्शंस और लीगल रिकवरी की एंटरप्राइज़–वाइड निगरानी एकीकृत गवर्नेंस संरचना के तहत करते हैं। विवेक का विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन, नीतियों और प्रक्रियाओं के मानकीकरण तथा प्रारंभिक चेतावनी ढाँचों को सशक्त बनाने पर विशेष ज़ोर रहा है, जिससे पोर्टफोलियो की पूर्वानुमेयता मजबूत हुई है और बैलेंस शीट की मजबूती में वृद्धि हुई है।
इससे पूर्व, उनके नेतृत्व में बैंक के कमर्शियल बैंकिंग पोर्टफोलियो ने स्थिर और संतुलित वृद्धि दर्ज की, जिसे अनुशासित क्रेडिट विस्तार, मजबूत ज़मीनी निष्पादन और बैंक की देनदारी (लायबिलिटी) फ्रैंचाइज़ को सशक्त बनाने का समर्थन मिला। उन्होंने डिजिटल ट्रेड और रेमिटेंस सॉल्यूशंस सहित नवाचार–आधारित बिज़नेस चैनलों में भी पहल का नेतृत्व किया है, जिससे एमएसएमई और उभरते उद्यमों के साथ एयू की सहभागिता और गहरी हुई।
विवेक त्रिपाठी को वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। एयू से पहले, वे आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस कैपिटल और आदित्य बिड़ला समूह के साथ कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्हें विभिन्न क्रेडिट चक्रों और विविध परिचालन परिवेशों में काम करने का अनुभव मिला।
इस नियुक्ति पर टिप्पणी करते हुए, संजय अग्रवाल, संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, ने कहा, “विवेक पिछले एक दशक से एयू की नेतृत्व यात्रा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और उन्होंने व्यवसाय, क्रेडिट तथा संस्थागत गवर्नेंस के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जोखिम समझ, पोर्टफोलियो प्रबंधन और निष्पादन अनुशासन की उनकी गहरी समझ ने एयू की बैलेंस शीट की मजबूती को और सुदृढ़ किया है। उनकी नियुक्ति हमारी सुव्यवस्थित उत्तराधिकार योजना को दर्शाती है, क्योंकि हम बैंक को अगले विकास चरण के लिए तैयार कर रहे हैं।”
वे भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लखनऊ के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने पेरिस स्थित ईएससीपी बिज़नेस स्कूल से एग्ज़ीक्यूटिव एजुकेशन पूरा किया है। इसके अतिरिक्त, उनके पास वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट (वीजेटीआई), मुंबई विश्वविद्यालय से एम.टेक की डिग्री है।
यह नियुक्ति एयू एसएफबी के नेतृत्व क्षमता को और सुदृढ़ करने, संस्थागत गवर्नेंस को मजबूत करने तथा संगठन को सतत और जिम्मेदार विकास के अगले चरण के लिए तैयार करने पर निरंतर फोकस को रेखांकित करती है।













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