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भारती फाउंडेशन की नो बैग डे पहल

भारती फाउंडेशन ने राज्य के छह जिलों के सरकारी स्कूलों में नो बैग डे पहल के कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए राजस्थान शिक्षा विभाग को अपना समर्थन दिया।जुलाई 2022 से ही फाउंडेशन की तरफ से स्कूल में हर बच्चे की रचनात्मकता को उभारने, उन पर बस्ते का बोझ घटाने और खुशी-खुशी कुछ सार्थक सिखाने के राज्य सरकार के प्रयासों का समर्थन किया जा रहा है | कार्यक्रम की समीक्षा और मान्यता के तहत नो बैग डे पहल की सफलता में उल्लेखनीय योगदान के लिए जोधपुर जिले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 131 स्कूलों के साथ-साथ प्रदर्शन के लिहाज पर शीर्ष पर रहे ब्लॉकों (चामू, लोहावत, देचु, बापिनी और आउ) को सम्मानित किया गया है|

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूलों में विभिन्न तरह की एक्टीविटीज अपनाए जाने पर जोर देती है | इसमें बच्चों पर स्कूली बस्ते का बोझ घटाने के लिए एक दिन नो बैग डे मनाने की सिफारिश भी की गई है |राजस्थान शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नो बैग डे के लिए विभिन्न विषयों के तहत विभिन्न संसाधनों के संग्रह में भारती फाउंडेशन का सहयोग है।इसके अलावा, इस पहल के लिए ऐसी पुख्ता डिजाइन तैयार करने में मदद कर रहा है जिससे एक मजबूत निगरानी और समीक्षा तंत्र स्थापित किया जा सके|

हाल में एक सम्मान समारोह के दौरान नो बैग डे का महत्व समझाते हुए श्री प्रेम चंद सांखला, संयुक्त निदेशक, स्कूली शिक्षा, जोधपुर ने कहा, सरकारी स्कूलों में बच्चों के लर्निंग के अनुभव को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रयासों के तहत राज्य में व्यापक स्तर पर नो बैग डे मनाने का प्रस्ताव रखा गया था | यह अभिनव कदम बच्चों पर स्कूली बस्ते का बोझ तो कुछ कम करता ही हैउनमें जीवन कौशल को बढ़ावा भी देता है | राजस्थान के छह जिलों में इस पहल के सफल कार्यान्वयन में मदद करने के लिए हम भारती फाउंडेशन के आभारी हैं I”

इस दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री भल्लू राम खीचड़ और अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक सुश्री संतोष ने भी अपनी मौजूदगी से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई |

इस अवसर पर भारती फाउंडेशन की सीईओ सुश्री ममता सैकिया ने कहा, ‘हमारा मानना है कि शिक्षा का मतलब केवल अकादमिक शिक्षा नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण कौशल विकसित करना भी होना चाहिए है जो आगे चलकर बच्चों को व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सफल बनाने में मददगार हो | हम राजस्थान के शिक्षा विभाग के आभारी हैं कि उन्होने हमें नो बैग डे को अन्वेषण करने का अवसर दिया और बच्चों के आनंदपूर्ण सीखने के अनुभव और समग्र विकास के लिए डिजाइन हस्तक्षेप किया।“

इस पहल के तहत शिक्षकों को हर माह की एक्टीविटीज संबंधी मेमो भेजे जाते हैं जिसमें राजस्थान को पहचानो, भाषा कौशल विकास, खेलेगा राजस्थान बढ़ेगा राजस्थान, मैं वैज्ञानिक बनूंगा और बालसभा-अपनों के साथ आदि प्रमुख एक्टीविटीज शामिल हैं | इन एक्टीविटीज को इस तरह डिजाइन किया गया कि ये बच्चों को महत्वपूर्ण जीवन कौशल सिखाने में मददगार हों, जैसे टीमवर्क, भाषा विकास, रचनात्मकता, विज्ञान की समझ और समस्या सुलझाने का कौशल | एनईपी 2020 के लक्ष्य के साथ भारतीय शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की शिक्षा के आकांक्षी लक्ष्यों के अनुरूप बनाने में समग्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है|

भारती फाउंडेशन अपने सत्य भारती क्वालिटी सपोर्ट प्रोग्राम के माध्यम से जिला/राज्य स्तर पर सरकारी स्कूलों में पहलऔर प्रक्रियाओं को बढ़ाने के लिए सरकार का सहयोग कर रहा है| इसके तहत फाउंडेशन मुख्य रूप से स्कूलों के प्रमुखों में नेतृत्व सशक्तिकरण, छात्रों में जीवन कौशल निर्माण, सलाह की पहल के माध्यम से घरों में अनुकूल वातावरण बनाने और शिक्षण सामग्री के उपयोग के माध्यम से प्रभावी कक्षा संचालन और एनईपी की सहायक पहल पर अमल में अहम भागीदारी निभाता है |भारती फाउंडेशन ने भारत में 14,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में 17 लाख से अधिक छात्रों और 57,000 से अधिक शिक्षकों को प्रभावित करते हुए ‘सत्य भारती क्वालिटी सपोर्ट प्रोग्राम- अएटस्केल’ पर लागू किया है।