आज के एआई-संचालित दौर में साइबर हमले बड़े पैमाने पर, गति और जटिलता में इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि वे अधिकांश सुरक्षा प्रणालियों को विफल कर देते हैं और हर संगठन को संभावित लक्ष्य बना देते हैं, इसका प्रमाण वर्ष 2025 में दर्ज हुई साइबर सुरक्षा की 20 लाख से अधिक घटनाएँ हैं। इस चुनौती का सामना करने के लिए, भारती एयरटेल (‘एयरटेल’) की बी2बी इकाई एयरटेल बिज़नेस ने एयरटेल सिक्योर वर्कफ़ोर्स लॉन्च किया है, जो देश का पहला, पूर्णतः प्रबंधित और एकीकृत ज़ीरो ट्रस्ट आर्किटेक्चर (जेडटीए) सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म है और यह उद्यमों के लिए एंड-टू-एंड, नियमों के अनुरूप सुरक्षा प्रणाली (कंप्लायंस-रेडी सिक्योरिटी स्टैक) उपलब्ध कराता है।
एयरटेल के पूरे भारत में फैले नेटवर्क और 24X7 विशेषज्ञों की निगरानी द्वारा संचालित और राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा सेवाओं के सिद्ध अनुभव के साथ, एयरटेल सिक्योर वर्कफोर्स उद्यमों को कम लागत में आवश्यक सुरक्षा प्रदान करेगा। साथ ही, यह संगठनों को अपने सुरक्षा उपाय खुद बनाने और चलाने के परिचालन बोझ से भी मुक्त करेगा। भारत के डीपीडीपी अधिनियम के अनुपालन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह समाधान उपयोगकर्ताओं, उपकरणों, नेटवर्क, एप्लिकेशन और डेटा से जुड़े एंडपॉइंट्स को सुरक्षित करेगा।
एयरटेल बिजनेस के सीईओ शरत सिन्हा ने कहा, “आज के उद्यमों पर लगातार विकसित हो रहे, लक्षित और एआई-संचालित हमलों के बीच अपने एंड यूजर्स और डिवाइसेज की सुरक्षा करने का लगातार बढ़ता दबाव है। सुरक्षित कनेक्टिविटी और साइबर सुरक्षा में अपनी अग्रणी स्थिति को आगे बढ़ाते हुए, हमने किसी भी समय, कहीं भी उपयोगकर्ताओं, डेटा और डिवाइसेज़ की सुरक्षा के लिए एयरटेल सिक्योर वर्कफोर्स को तैयार किया है। यह समाधान एंड-टू-एंड सुरक्षा प्रदान करता है, जो कनेक्टिविटी और प्रबंधित सुरक्षा को 24×7 विशेषज्ञ निगरानी के साथ जोड़ता है। इसका एकीकृत दृष्टिकोण हमें अपने एंटरप्राइज़ ग्राहकों को अधिकतम मूल्य प्रदान करने में मदद करेगा, जिससे वे अपने सुरक्षा खर्चों में 30 प्रतिशत तक लागत अनुकूलन कर सकेंगे और अपनी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त होकर अपने व्यवसाय की वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।”
हाइब्रिड वर्कफ़ोर्स के लिए डिज़ाइन किया गया और मज़बूत ज़ीरो ट्रस्ट आर्किटेक्चर ढांचे पर निर्मित यह समाधान आज की सुरक्षा चुनौतियों, जैसे अत्यधिक सुरक्षा टूल्स का दबाव, लगातार आने वाले अलर्ट से उत्पन्न दबाव और विशेषज्ञों की कमी का समाधान करेगा। बिखरी हुई मल्टी-वेंडर तैनाती की जगह एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म और 24×7 एकीकृत सुरक्षा प्रदान करके एयरटेल सिक्योर वर्कफ़ोर्स एंडपॉइंट डिटेक्शन और रिस्पॉन्स को मज़बूत करेगा। यह हर संपर्क बिंदु (टच प्वाइंट) पर सुरक्षित रिमोट एक्सेस सुनिश्चित करेगा, जिससे संगठनों को बेहतर सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर लागत दक्षता भी मिलेगी।
भारत के डीपीडीपी अधिनियम का पालन करते हुए, एयरटेल सिक्योर वर्कफोर्स बेहतर निगरानी, प्रतिक्रिया और गवर्नेंस के लिए ऑडिट-ग्रेड लॉग, डेटा मूवमेंट कंट्रोल और व्यवस्थित इंसिडेंट वर्कफ़्लो प्रदान करेगा। इसका एकीकृत डैशबोर्ड उद्यमों को नेटवर्क, एंडपॉइंट्स, उपयोगकर्ताओं और डेटा का एक ही जगह पर सिंगल व्यू प्रदान करेगा।
यह ईमेल, वेब, एप्लिकेशन और उपकरणों पर कर्मचारियों को सुरक्षित रखने में मदद करेगा। यह बिना अनुमति वाले क्लाउड और एआई एप्लिकेशन की भी निगरानी करने की सुविधा देता है।
इस लॉन्च के हिस्से के रूप में, एयरटेल बिजनेस ने ‘एयरटेल सिक्योर वर्कफोर्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (सीओई) का भी अनावरण किया है। यह एयरटेल क्लाउड पर होस्ट किया गया एक लाइव वातावरण है जहां उद्यम इसे बड़े पैमाने पर अपनाने से पहले इस प्लेटफॉर्म का अनुभव कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए, www.airtel.in/b2b/secure-workforce पर लॉग ऑन करें।













Add Comment