क्विक हील फाउंडेशन ने अपनी सीएसआर पहल के माध्यम से राजस्थान के सिरोही में मूलभूत सुविधाओं से वंचित और आदिवासी समुदाय के लोगों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मेडिकल वैन, आरोग्य यान प्रदान की। विनोद परसरामपुरिया सेवा फाउंडेशन के सहयोग में, यह वैन सिरोही स्वरूपगंज, नितोदा, रोहिडा और भुला में 3 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को अच्छी सेहत और बेहतर स्वास्थ्य का उपहार प्रदान करेंगी। इसमें क्षेत्र में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 7138 परिवार शामिल हैं।
आरोग्य यान को सौंपने का समारोह क्विक हील फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती अनुपमा काटकर और संगठन मंत्री सेवा भारती-जोधपुर प्रांत श्री स्वरूप दान की मौजूदगी में किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों में वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक, क्विक हील फाउंडेशन श्री अजय शिर्के, विभाग प्रचारक श्री श्याम सिंह और सिरोही के चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर डॉ. राजेश कुमार शामिल थे।
स्थानीय प्राइमरी स्वास्थ्य रक्षा केंद्रों पर कर्मचारियों की भारी कमी के चलते सिरोही जिले के कर्मचारियों को मूलभूत स्वास्थ्य रक्षा केंद्रों तक पहुंच बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। परिवारों की कम आय के साथ जागरूकता और संसाधनों में कमी ने उन नागरिकों की तकलीफ और बढ़ा दी है, जो मुख्य रूप से उपेक्षित जनजातियों से आते हैं। आधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह लैस मेडिकल वैन इलाके में रहने वाले लोगों के घरों की दहलीज पर स्वास्थ्य रक्षा की गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान करेंगी, जिससे उनकी संपूर्ण सेहत बेहतर होगी।
इस अवसर पर क्विक हील टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन की चेयरपर्सन और क्विक हील टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में चीफ –ऑपरेशनल एक्सिलेंस श्रीमती अनुपमा काटकर ने कहा, “क्विक हील की सीएसआर पहल का मूलतत्व स्वास्थ्य रक्षा की सुविधाएं सुलभ कराकर उपेक्षित समुदायों को सशक्त बनानाहै। इस तरह हमारे फाउंडेशन के माध्यम से सिरोही की जनजातीय आबादी और गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों के लिए आरोग्य यान bhet karana, इसी दिशा में कदम है। हमने इस पहल से 10 राज्यों के 600 से ज्यादा गांवों के 11 लाख से ज्यादा परिवारों के जीवन को प्रभावित किया है। हम इन वंचित समुदायों को स्वास्थ्य रक्षा की प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर बेहद खुश हैं। इन दिनों जिस तरह से कोविड-19 वायरस फिर से फैल रहा है, उसे देखते हुए इस मेडिकल वैन में मौजूद योग्य और प्रशिक्षित डॉक्टर इन निवासियों को पूर्णरूप से सुरक्षा प्रदान करने में हमारी मदद करेंगे।”
इस अवसर पर विनोद परसरामपुरिया सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष – श्री अरुण परसरामपुरिया ने कहा, “सीमित संसाधन, जागरूकता में कमी और दूरदराज की जगहों ने स्थानीय निवासियों के लिए मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं हासिल करने की दिशा में सबसे बड़ी बाधा है। हम क्विक हील और उनके फाउंडेशन के बेहद आभारी हैं कि उन्होंने जिले में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित आदिवासियों तक पहुंच बनाने में हमारी काफी मदद की और उन्हें एक स्वस्थ जीवन जीने में मदद की।”
मेडिकल वैन में पैरा मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर मौजूद होंगे, जो ऑन द स्पॉट लघु स्वरुप की सर्जरी कर सकते हैं। क्षेत्र में स्वास्थ्य रक्षा और जागरूकता कैंप के आयोजन से, आरोग्य यान पहल लाभार्थियों की सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य रक्षा योजनाओं के बारे में जानकारी एकत्र करने में भी मदद करेगी।













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