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सॉफ्टेल लाया पारंपरिक पिसाई, आधुनिक रसोई की नई पहचान

ताज़ा पिसे हुए आटे या मसालों की खुशबू सिर्फ खाने की चीज़ नहीं है। यह उस समय की याद है, जब खाद्य वस्तुएँ शुद्ध होती थी, प्रक्रिया धीमी थी और स्वाद के साथ कोई समझौता नहीं था। जैसे-जैसे रसोई तेज़ी और सुविधा की ओर बदलती गई, यह अनुभव धीरे-धीरे रोज़मर्रा के जीवन से गायब होता गया।

सॉफ्टेल  (SOFTEL), 35 वर्षों से अधिक के उत्पादन प्रक्रिया के अनुभव के साथ, अब आधुनिक घरों के लिए एक नया तरीका लेकर आ रहा है।

सॉफ्टेल  के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अनिल कुमार जैन कहते हैं, “ताज़ा भोजन कोई विलासिता नहीं है, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य का आधार है। रोज़ ताज़ा पीसना हमारे भोजन में शुद्धता, पोषण और विश्वास वापस लाने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।”

इसकी कॉम्पैक्ट घरघंटी ताज़ा पीसने को फिर से आसान बनाती है। यह इतनी छोटी है कि रसोई के प्लेटफ़ॉर्म पर आसानी से रखी जा सकती है और इतनी शक्तिशाली है कि अनाज, बाजरा और मसाले आसानी से पीस सकती है। इस तरह यह पारंपरिक तरीकों को बिना किसी जटिलता के फिर से रोज़मर्रा के जीवन में वापस लाती है।

घरघंटी के मूल में पत्थर-आधारित पीसने की प्रक्रिया है, जो प्राकृतिक स्वाद, बनावट और पोषण को बनाए रखने में मदद करती है। प्रति घंटे 7.5 से 10 किलोग्राम पीसने की क्षमता और केवल एक यूनिट प्रति घंटे ऊर्जा खपत के साथ, यह निरंतर और दैनिक उपयोग के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

घर की अलग-अलग ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए सॉफ्टेल तीन मॉडल प्रदान करता है: फुली ऑटोमैटिक, सेमी ऑटोमैटिक और मैनुअल, ताकि उपयोगकर्ता अपनी सुविधा और नियंत्रण के अनुसार चयन कर सकें।

इस लॉन्च के साथ सॉफ्टेल सिर्फ एक उत्पाद पेश नहीं कर रहा हैबल्कि ताज़ा और ईमानदार भोजन को फिर से रोज़मर्रा की आदत बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा रहा है।

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