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ट्रूकॉलर ने दमदार ब्रांड कैंपेन की शुरुआत की

पूरी दुनिया में संचार के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म, ट्रूकॉलर ने आज एक अहम संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए अपने नए कैंपेन की शुरुआत की है। ट्रूकॉलर और द वोम्ब ने इस कैंपेन का कॉन्सेप्ट तैयार किया है जिसमें भारत और यहाँ के लोगों की मूल भावना को दर्शाया गया है। दो नाम और एक पहचान वाले हमारे विशाल और जीवंत भारत में भी बहुत से छोटे भारत मौजूद हैं। हमें मालूम है कि, बड़े शहरों के लोगों की तरह देश के छोटे शहरों में रहने वाले लोगों के लिए भी स्मार्टफोन उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी वजह से सभी लोगों को अनचाहे संचार के खतरे से बचाना बेहद जरूरी है। 

इस कैंपेन के पीछे की सोच के बारे में विस्तार से बताते हुए, श्री नवीन तलरेजा, सह-संस्थापक, द वोम्ब , ने कहा, “ट्रूकॉलर बीते 7 सालों से भारत में अपना काम कर रहा है और इसने महिलाओं तथा बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देते हुए स्मार्टफोन की बुनियादी कार्यक्षमता को सुरक्षित बनाने में अहम योगदान दिया है। हमारी टीम ने छोटे शहरों यानी ‘भारत’ में उपभोक्ताओं के बीच जाकर काम किया, और हमें महसूस हुआ कि यह प्रोडक्ट उनके लिए बेहद जरूरी था लेकिन इसके बारे में जागरूकता की कमी थी और उनके पास इसके बारे में पता लगाने के साधन भी सीमित थे। इस सच्चाई को जानने के बाद ही हमारे मन में इस कैंपेन का विचार आया: और हमने बेहद सरल लेकिन एकदम अनोखे तरीके से ‘भारत’ के लिए ट्रूकॉलर को लॉन्च करने की बात सोची। यह प्रोडक्ट उपयोगकर्ता के लिए निजी तौर पर फायदेमंद होने के साथ-साथ कम्युनिटी को भी फायदा पहुंचाता है। हम इस कैंपेन के जरिए एक मुहिम की शुरुआत करना और भारत की सबसे बड़ी कम्युनिटी को एक-दूसरे की हिफाज़त के लिए तैयार करना चाहते हैं।”

इन फिल्मों के जरिए हमने ‘लाल रंग’ के उपयोग के बारे में दर्शकों के दिलो-दिमाग पर अपनी छाप छोड़ने की एक छोटी-सी कोशिश की है। इस संदेश को अत्यंत सहज और बेहद असरदार बनाने वाली बात यह है कि, जब धोखाधड़ी/बेवजह परेशानी से संबंधित फोन कॉल को दर्शाने के लिए लाल रंग का उपयोग किया जाता है, तो यह बड़ी आसानी से लोकप्रिय कहावत – ‘बुरी नज़र वाले तेरा मुँह काला’ से जुड़ जाता है। इस कैंपेन का उद्देश्य ऑनलाइन संचार की दुनिया को सभी के लिए सुरक्षित बनाना है।

ट्रूकॉलर ने हमेशा उपयोगकर्ताओं को स्पैम, स्कैम और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने में मदद करने के लिए अपनी ओर से हरसंभव कोशिश की है और इस दिशा में लगातार कदम उठाए हैं, जिनमें अलग-अलग तरह के कैंपेन की शुरुआत करना, भारत सरकार के साथ मिलकर काम करना तथा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण की मदद से युवाओं में जागरूकता पैदा करना जैसी पहल शामिल है। बात चाहे अनजान/अनचाहे फोन कॉल के जरिए लोगों को बेवजह परेशान की हो, या फिर ओटीपी (OTP) और लॉटरी धोखाधड़ी जैसी परेशानियों की बात हो, ट्रूकॉलर ने लोगों को इन सभी चीजों का सामना करने में हमेशा मदद की है।

इस कैंपेन की फिल्मों के बारे में बात करते हुए, श्री कारी कृष्णमूर्ति, चीफ कमर्शियल ऑफिसर, ट्रूकॉलर, ने कहा, “भारतीय संस्कृति की जड़ें बहुत गहरी हैं, साथ ही हमारी परंपराएं और रीति-रिवाज भी बेहद मजबूत मान्यताओं पर आधारित हैं। अपने इस कैंपेन के जरिए, हमने न लोगों द्वारा सामना की जाने वाली बेवजह परेशानी/धोखाधड़ी की समस्या की जड़ को दर्शाने का प्रयास किया है, बल्कि हमने यह दिखाने की भी कोशिश की है कि समुदाय की सामूहिक प्रतिक्रिया और स्पैम मार्किंग से इस तरह के फर्जी कॉल कैसे लाल रंग में नज़र आते हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि, इस तरह की अर्थपूर्ण फिल्मों की मदद से हम अपने उद्देश्य को आगे बढ़ाने और इस तरह के अनचाहे संचार के खिलाफ सुरक्षा की दीवार बनाने में सक्षम होंगे।” 

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