मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (मैक्स लाइफ कंपनी) ने कांतार के साथ मिलकर इंडिया रिटायरमेंट इंडेक्स स्टडी (IRIS) का दूसरा संस्करण लॉन्च किया। इस सर्वे में सेहतमंद, स्थिर और वित्तीय तौर पर स्वतंत्र सेवानिवृत्त जीवन जीने को लेकर शहरी भारत की तैयारियों का विश्लेषण किया गया है। कंपनी द्वारा अपने स्तर पर करवायी गई डिजिटल स्टडी* में, 28 शहरों में रहने वाले 3,220 लोगों ने सर्वे में हिस्सा लिया। इन शहरों में 6 मेट्रो, 12 टियर 1 और 10 टियर 2 शहर शामिल हैं।
उत्तर भारत का रिटायरमेंट इंडैक्स 41 (0 से 100 तक के स्केल पर) है जो अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी पिछड़ा हुआ है, पूर्व 51 के साथ सबसे आगे है और पश्चिम 46 के साथ दूसरे तथा दक्षिण 43 के साथ तीसरे स्थान पर है। इस क्षेत्र का स्वास्थ और वित्तीय तैयारी क्रमश: 36 एवं 47 है जबकि भावनात्मक तैयारी सूचकांक 58 है जो दिखाता है कि यहां लोग रिटायरमेंट के दौरान अपने परिजनों, दोस्तों तथा सामाजिक सहयोग पर अधिकाधिक निर्भर हैं।
वी विश्वानंद, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, मैक्स लाइफ इंश्योरेंस ने कहा, “हमारे रिटायरमेंट संबंधी अध्ययन के दूसरे एडिशन से यह खुलासा हुआ है कि जहां एक ओर अधिकांश प्रतिभागी रिटायरमेंट को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन वे एक सुखद रिटायर्ड जिंदगी के लिए न तो वित्तीय और भावनात्मक स्तर पर तैयार हैं और न ही अपनी सेहत को लेकर उनकी कोई तैयारी है। भारत में 2050 तक बुजुर्ग आबादी का आंकड़ा 200 मिलियन से अधिक होने जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद एक आदर्श रिटायर्ड जीवन को साकार करने की तैयारियां काफी कम हैं। उत्तर भारत से मिली यह तस्वीर दिखाती है कि रिटायर्ड जीवन के लिए तैयारियों की आगामी राह अभी काफी लंबी है और यह हम सभी को जल्द से जल्द वित्तीय प्लानिंग शुरू करने के लिए अधिक प्रयास करने के महत्व को उजागर करती है ताकि हमारे ग्राहकों को दीर्घकालिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।”
इस अध्ययन के अनुसार, उत्तर भारत रिटायरमेंट को लेकर सकारात्मक नज़रिया रखता है और 70% इसे इस रूप में देखते हैं कि वे ‘अपने परिवार का अधिक ध्यान रख सकते हैं’, ‘तनावमुक्त जीवन’ बिता सकते हैं तथा यह भी कि अब उनके पास लग्ज़री/यात्रा की बेहतर संभावनाएं हैं। इससे उलट, 30 फीसदी या 10 में से 3 लोग सेवानिवृत्ति को नकारात्मक भावनाओं से जोड़कर देखते हैं। इनमें 6% का कहना है कि वे संभवत: बहुत फिट और सेहतमंद नहीं रह पाएंगे 5% को डर है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में वित्तीय संसाधन नहीं होंगे।
इसके बावजूद, जब बात रिटायरमेंट संबंधी योजनाओं की होती है तो वित्तीय मामले प्राथमिकता में काफी नीचे आते हैं। 60% मानते हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के दौरान सेहत सबसे महत्वपूर्ण पहलू होता है जबकि सिर्फ 32% ही वित्त को सबसे ज़रूरी मानते हैं और 8% लोग भावनात्मक सहयोग को सबसे अहम पहलू मानते हैं।
इंडिया रिटायरमेंट इंडेक्स स्टडी 2.0 से यह खुलासा हुआ है कि 26% उपभोक्ताओं का मानना है कि उनकी बचत सेवानिवृत्ति के 5-10 वर्षों के भीतर खत्म हो जाएगी। सच तो यह है कि 50 वर्ष से ज़्यादा उम्र के 89% उपभोक्ताओं को इस बात का अफसोस है कि उन्होंने रिटायरमेंट के लिए निवेश की जल्दी शुरुआत नहीं की थी।
लेकिन धीरे-धीरे लोगों में सही उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग संबंधी जागरूकता बढ़ रही है। 37% का कहना है कि रिटायरमेंट के लिए निवेश की शुरुआत कमाना शुरू करने के साथ-साथ होनी चाहिए जबकि 43% का मानना है कि 35 वर्ष की उम्र से पहले ही रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू कर देना चाहिए।
वित्तीय उत्पादों में निवेश को उत्प्रेरित करने वाले प्रमुख कारणों में, जीवनसाथी के लिए वित्तीय सहयोग (38%), मेडिकल इमरजेंसी होने पर वैलबींग (36%),तथा असमय मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा शामिल हैं।
48% उत्तर भारतीयों को उम्मीद है कि वे रिटायरमेंट के वर्षों में भी स्वस्थ बने रहेंगे, लेकिन 35% ही किसी प्रकार की फिटनैस गतिविधि में भाग लेते हैं। महामारी ने हैल्थ और वैलनेस जैसे मसलों को काफी उभारा है लेकिन इसके बावजूद, सर्वे में भाग लेने वाले सिर्फ आधे से भी कम प्रतिभागियों (46%) ने ही पिछले तीन वर्षों के दौरान कोई जांच कराई है। शेष 54% ने इस अवधि में किसी प्रकार की स्वास्थ्य जांच नहीं करवायी।
एकल परिवारों का चलन बढ़ने के बावजूद, सेवानिविृत्ति की योजनाओं में परिवारों पर निर्भरता अधिक बनी हुई है। उतर भारत में, 57 फीसदी यानी आधे से ज़्यादा भारतीय सेवानिवृत्ति के बाद अपने बच्चों के साथ रहना पसंद करते हैं। साथ ही, 36% अब रिटायरमेंट जीवन के दौरान अपने अकेलेपन को लेकर भी चिंतित हैं। सेवानिवृत्ति के वर्षों के दौरान भारतीयों को वित्तीय तौर पर सुरक्षित रखने के लिए मैक्स लाइफ इंश्योरेंस ने अगस्त में मैक्स लाइफ पेंशन फंड मैनेजमेंट लिमिटेड की शुरुआत करने की घोषणा की थी। पेंशन फंड मैनेजमेंट सहायक कंपनी की शुरुआत करना सेवानिवृत्ति के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी बनने की मैक्स लाइफ की वृद्धि रणनीति के तहत् इस दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, जीवन बीमा कंपनी की योजना एन्युटी और रिटायरमेंट केंद्रित अन्य प्रोडक्ट्स पेश करने की भी है, ताकि इन क्षेत्रों में मौजूद अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।













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