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किसानधन ने कारोबार बढ़ाने का लक्ष्य रखा

भारत की मुख्य मल्टी-एसेट एग्री फाइनेंस कंपनी और एसएलसीएम समूह की सहायक कंपनी किसानधन ने राजस्थान में 25 प्रतिशत एफपीओ व्यवसाय को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी की रणनीति के अनुसार, कंपनी ने हाल ही में राजस्थान में 6 एफपीओ के साथ समझौता किया है और उन्हें 1 करोड़ रुपये का लोन दिया है।

केंद्र सरकार जहां फार्मर्स प्रोडूसर आर्गेनाइजेशन्स (एफपीओ) को बढ़ावा दे रही है वहीं एफपीओ की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। पिछले साल, सरकार ने 6865 करोड़ रुपये के कुल बजट लेआउट के साथ 2027-28 तक 10,000 नए एफपीओ बनाने का लक्ष्य रखा है। इसका प्रमुख उद्देश्य देश भर में किसानों की आमदनी को दोगुना करना है।

किसानधन ने जून 2021 में अपना एफपीओ व्यवसाय शुरू किया है। फ़िलहाल देश भर में कंपनी के 36 से अधिक एफपीओ हैं, जिसके माध्यम से यह 37,000+ छोटे किसानों की आजीविका को प्रभावित करने में सक्षम है। किसानधन ने 100 एफपीओ के साथ हाथ मिलाने का लक्ष्य रखा है जो चालू वित्त वर्ष के अंत तक 75000 से 1 लाख छोटे किसानों की आजीविका को और प्रभावित करेगा।

कंपनी को उम्मीद है कि 100 में से 25 एफपीओ राजस्थान से होंगे। किसानधन ने साल 2022—23 के लिए राजस्थान के 25 हजार किसानों को एफपीओ के माध्यम से बीज, खाद, कीटनाशक दवाइयों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। साथ ही फसल के सीजन में लोन उपलब्ध कराने का भी कंपनी का लक्ष्य है।
 
कंपनी ने पहले चरण में कोटा, झालावाड़, बूंदी, नागौर, अजमेर जिलों में एफपीओ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जबकि दूसरे चरण में जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ आदि जिलों में एफपीओ बनाने का लक्ष्य तैयार किया है। राज्य में एफपीओके विस्तार के लिए पूरे प्रदेश में अपनी बिजनेस टीम को भी मजबूत कर रही है।

कंपनी ने 31 जुलाई’22 तक 2500 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया है। कंपनी आरबीआई द्वारा नियंत्रण नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) है और इसे “किसानधन” नाम दिया गया है।