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हेल्पडॉटको ने पढ़ाई के लिए फ्री सलाह की पहल की

 हेल्पडॉटको, दुनिया के अग्रणी टेक-इनेबल्ड इंटरनेशनल स्टडी प्लेटफार्म में से एक है, अब भारत में भी अपनी सर्विसेज उपलब्ध करा रहा है।  विदेश में पड़ने के इच्छुक छात्रों के लिए अब बिना कोई पैसा दिए कभी भी किसी समय एक्सपर्ट से सलाह ले सकते है। टेनिस दिग्गज सेरेना विलियम्स द्वारा समर्थित हेल्प ने मुंबई, दिल्ली और पंजाब में अपने कार्यालय स्थापित करके भारतीय शिक्षा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

हेल्प न केवल छात्रों को प्रवेश से जुड़े परामर्श देता है बल्कि छात्रों को विदेश में रहने से लेकर अन्य सुविधाएं जैसे फ्लाइट, फोन प्लान, बैंक अकाउंट, आवास, वीजा, स्कॉलरशिप, लोन आदि में भी सहायता करता है। 

हेल्प के सह-संस्थापक और सीईओ मैथ्यू मैकलेलन ने कहा, “हम चाहते हैं कि छात्र अपना पैसा बचाएं, जिससे आप अपने पसंदीदा संस्थान में विदेश में पढ़ाई कर सके।  हम एकमात्र ऐसी कंपनी हैं जो प्रीमियम, एंड-टू-एंड कोचिंग मुफ्त में दे रही है। हेल्प न केवल अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के कमीशन एजेंटों से छात्रों को दूर रखने का प्रयास कर रहा है बल्कि पारदर्शिता लाने और सही सलाह के साथ सही कॉलेजों में छात्रों को प्रवेश दिलाने की संभावना पर भी काम कर रहा है”। 

हर कोई अपना जीवन बदलने के लिए विदेश के कॉलेज में पढ़ाई करने का सपना देखता है, शायद यही कारण है कि इन दिनों अधिक से अधिक भारतीय छात्र अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद विदेश में पढ़ने की ख्वाहिश रखते हैं। हम एक ऐसे दृष्टिकोण के साथ काम करते हैं जो छात्रों के विश्वास को बनाए रखने का काम करता है। 

मैक्लेलन ने आगे कहा कि हेल्प प्रत्येक छात्र को पर्सनलाइज्ड कॉउन्सिलिंग करता है, मुफ्त साइन-अप से लेकर कॉलेज शुरू होने तक सारी जिम्मेदारी हेल्प की होती है. यह छात्रों को वह ज्ञान देता है जो उन्हें घर से निकलकर विदेश में सफल होने की संभावना को बढ़ाता है। छात्र कनाडा, यूएस, यूके और ऑस्ट्रेलिया में 15,000+ प्रोग्राम्स के लिए आवेदन कर सकते हैं और अपने पसंदीदा देश में अपने पसंदीदा विषय का अध्ययन बिना किसी परेशानी के सही संस्थान में कर सकते हैं.

हेल्प के काम करने के तरीके के बारे में बात करते हुए, मैकलेलन ने समझाया, “हमारा काम उस समय शुरू होता है जब छात्र विदेश में अध्ययन करने का फैसला करते हैं।  हम छात्रों को फ्री साइन अप करके हेल्प  का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। फिर प्रत्येक छात्र की प्रोफाइलिंग का रिव्यु करने के बाद हमारे प्रशिक्षक छात्रों और अभिभावकों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं, जिससे देशों, स्कूलों और कोर्सो की जानकारी में मदद मिलती रहे।  कंपनी वित्तीय सहायता से लेकर दस्तावेज़ अपलोड और वीज़ा आवेदन तक सभी काम डिजिटल तरीके से करता है। 

अभी पूरे देश से 18,000 से अधिक छात्रों को कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में 3,000 से अधिक कॉलेजों में हेल्प द्वारा चयनित कराये जा चुके है।