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राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर चर्चा आयोजित

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर डिजायर एनर्जी सॉल्यूशंस की ओर से द पावर ऑफ कंजर्व अवॉर्ड् के 10वें संस्करण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 2070 तक नेट ज़ीरो हासिल करने के लिए जल इंफ्रा में ऊर्जा दक्षता की भूमिका विषय पर नेट ज़ीरो और पानी के महत्वपूर्ण विषय पर एक पैनल चर्चा की गई। गौरतलब है कि राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस प्रत्येक वर्ष 14 दिसम्बर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ऊर्जा दक्षता और संरक्षण में देश की उपलब्धियों को दिखाना है।

इस पैनल में पैनल में आईएएस अजिताभ शर्मा, अध्यक्ष और एमडी, जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज, धीरज संतदासानी एसोसिएट, नीति आयोग, गौरव कुमार गुप्ता, प्रबन्ध निदेशक डिजायर एनर्जी सॉल्यूशंस, गणेश शंकर सीईओ, फ्लक्सजेन टेक्नोलॉजीज, जोसियन अबोनियो कैनेडी फॉर्मर प्रोजेक्ट ऑफिसर (पी2), विश्व मौसम विज्ञान संगठन, उपायुक्त (राज्य परियोजनाएं) आईएएस श्रेयस गुने, जल संसाधन विभाग, भारत सरकार, और प्रवीण सिंह बिजनेस हेड, पम्प डिवीजन, इण्डिया शामिल थे। इस पैनल चर्चा का संचालन अर्पित चतुर्वेदी, सीईओ ग्लोबल पॉलिसी इनसाइट्स द्वारा किया गया।

इस चर्चा में आईएएस अजिताभ शर्मा ने पानी पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने आईपीसीसी की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि जलवायु परिवर्तन के सबसे बुरे प्रभावों को पानी के लेंस के माध्यम से देखा जाएगा, जिसमें समुद्र का स्तर बढ़ना, एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स और मानसून चक्र में बदलाव शामिल हैं। उन्होंने हमारे भविष्य के ऊर्जा मार्ग के लिए जल ऊर्जा गठजोड़ के महत्व पर जोर दिया और नीति निर्माताओं को अपने विश्लेषण में पानी और ऊर्जा के बीच आपसी सम्बन्धों पर विचार करने की आवश्यकता पर बल दिया।

डिज़ायर एनर्जी के प्रबन्ध निदेशक गौरव गुप्ता ने अधिक प्रभाव डालने के लिए नीति निर्माण पर नए दृष्टिकोण की आवश्यकता पर अपने विचारों के साथ सत्र का समापन किया। उन्होंने 2070 तक नेट जीरो हासिल करने के हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मिशन के साथ संबन्ध करते हुए युवाओं के साथ जुड़ने और ऊर्जा संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने में पावर ऑफ कंजर्व अवॉर्ड्स की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

पैनल चर्चा के बाद, एक ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जो आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रमुख संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए खुली थी। प्रतियोगिता में 3000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया और पानी और ऊर्जा के विषय पर अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के विजेताओं को कार्यक्रम में भाग लेने वाली साझेदार कम्पनियों में परियोजना के अवसरों के साथ ही नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा। उन्होंने कहा पावर ऑफ कंजर्व अवार्ड्स डिजायर एनर्जी सॉल्यूशंस द्वारा आयोजित एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक प्रभाव डालने वाले व्यक्तियों और संगठनों को पहचानने और उन्हें मान्यता देने के लिए आयोजित किया जाता है। उन्होने यह भी बताया कि इस आयोजन का 10वां संस्करण एक शानदार सफलता थी, और हम आने वाले वर्षों में इस महत्वपूर्ण चर्चा को आगे भी जारी रखने की आशा करते हैं।

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस क्यों मनाया जाता है?
भारत के बिजली मंत्रालय के तहत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने पुरस्कारों के माध्यम से अपने उत्पादन को बनाए रखते हुए ऊर्जा की खपत को कम करने में उद्योगों और प्रतिष्ठानों के योगदान को मान्यता देने के लिए 1991 में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार शुरू किया।

पहली बार पुरस्कार 14 दिसंबर, 1991 को दिए गए थे। तब से, इस दिन को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के रूप में घोषित किया गया है। ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष उसी दिन आयोजित एक समारोह में प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा प्रदान किए जाते हैं।

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