सामान्यत: मरीज सीने में दर्द को भी गैस्ट्रिक प्रॉब्लम मान लेते हैं और लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं जबकि यह हार्ट से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। सांस लेने में कठिनाई होना पसीना आना जबड़े में दर्द होना जैसे लक्षण भी हार्टअटैक से जुड़े हो सकते हैं। कुछ ऐसी ही जानकारी रुकमणी बिरला हॉस्पिटल के कार्डियक साइंस विभाग के विशेषज्ञों ने आमजन को दी। वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर राजापार्क स्थित एक होटल में आयोजित जागरुक कार्यक्रम में हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. आलोक माथुर, डॉ. अक्षय शर्मा,सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रूद्र देव पांडेय व डॉ. सुनील बेनीवाल ने लोगों को हार्ट से जुड़ी बीमारियों, उनसे बचाव के तरीके और उनके इलाज की नवीनतम तकनीकों के बारे में बताया। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों से हृदय से जुड़े सवाल भी पूछे जिनके जवाब विशेषज्ञों ने दिए।
रेगुलर चेकअप करवाते रहना बेहद जरूरी — हॉस्पिटल के सीटीवीएस विभाग के डायरेक्टर डॉ. आलोक माथुर ने बताया कि खराब लाइफस्टाइल और तनाव ने कम उम्र में ही हृदय से संबंधित समस्याओं को काफी बढ़ा दिया है। डॉक्टर्स हृदय से संबंधित जो जांचे 40 की उम्र के बाद करने की सलाह देते थे अब कम उम्र में ही करने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि 30 से 40 साल की उम्र में ही हार्ट अटैक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही है। इसीलिए आमजन तक सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है। विश्वस्नीय स्रोतों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करना चाहिए। हार्ट की सर्जरी के बाद दोबारा खराबी हो जाए तो अब चिंता की बात नहीं। री-डू सर्जरी से मरीज की हार्ट की परेशानी दूर की जा सकती है। री-डू सर्जरी से डरें नहीं यह सेफ है और पेशेंट की लाइफ की सवाईवल रेट भी बढ़ जाती है। बस जरूरी है तो हाईटेक कार्डियक सेंटर और एक्सपर्ट कार्डियक सर्जन।
हार्ट आपके लिए दौड़ता है, आप भी इसके लिए रोज दौड़ें — कार्डियोलॉजी विभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. सुनील बेनीवाल ने बताया कि बदलती लाइफ स्टाइल, ज्यादा फास्ट फूड खाना और स्मोकिंग की लत, बढ़ता कोलेस्ट्रॉल ऐसे कारण हैं जो हेल्दी दिखने वाले व्यक्ति को भी हार्ट डिजीज का शिकार बना लेते हैं। आजकल यूथ और वीमेन्स में भी हार्ट अटैक के मामले काफी बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि हार्ट आपके लिए दौड़ता है तो आप रोज इसके लिए दौड़ें। हेल्दी हार्ट के लिए डायबिटीज, बीपी कंट्रोल रखें। स्मोकिंग और एल्कोहल से दूर रहें, स्पाइसी फूड से परहेज करें। ओबेसिटी को हावी न होने दें और बैलेंस डाइट लेकर हार्ट को हेल्दी बनाएं।
युवाओं में साइलेंट अटैक ज्यादा खतरनाक — डॉ. रूद्रदेव पांडेय ने बताया कि यूथ में साइलेंट अटैक ज्यादा खतरनाक है, इसमें मरीज को हार्टअटैक का पता नहीं चलता, दर्द भी नहीं होता। बाद में यह जानलेवा हो सकता है। इससे बचने के लिए रेगूलर चेकअप जरूरी है। हैल्दी डाइट के साथ रोज रेगुलर एक्सरसाइज करें। हार्ट अटैक आने पर तुरंत ऐसे हॉस्पिटल पहुंचे, यहां एक्सपर्ट कार्डियक टीम के साथ सभी अत्याधुनिक सुविधा हों। देर करने पर जान जा सकती है। समय पर इलाज शुरू हो जाए तो मरीज के हार्ट की मसल्स से ब्लॉक हटाकर बचाया जा सकता है। 40 साल की उम्र के बाद रेगुलर मेडिकल चेकअप कराएं।
दिल के लिए रोजाना चलें – कार्डियक सर्जन डॉ. अक्षय शर्मा ने बताया कि तेजी से बढ़ती जीवनशैली में हम अपने दिल का ध्यान रखना भूल गए हैं। खान-पान में जंक फूड ने दिल को काफी नुकसान पहुंचाया है। यदि दिल का बिना किसी परेशानी के लम्बा साथ चाहते हैं तो खाने पीने में सावधानियो और परहेज के साथ वॉकिंग भी जरूरी है। अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना करीब 30 से 40 मिनट वॉकिंग करना चाहिए। वॉक करने से हमारे दिल की कार्यक्षमता में इजाफा होता है। वहीं सुबह की ताजी हवा में वॉक करना फेफड़ों के लिए भी फायदेमंद होता है। इस दौरान लोगों का चेकअप भी किया गया और उनके दिल की सेहत की जांच की गई।













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