Business Featured

फ्लिपकार्ट और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन ने जोधपुर में ओरिएंटेशन और ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित

भारत के प्रमुख ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट और पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन (पीडब्ल्यू आईएफ) ने रविवार को राजस्थान के जोधपुर में एक ओरिएंटेशन और ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की। इस वर्कशॉप का मकसद उभरते उद्यमियों, छोटे कारोबारियों और कारीगरों को ऑनलाइन व्यापार के जरिए अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए जरूरी जानकारी और कौशल से लैस करना था। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और ई कॉमर्स कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट व पब्लिक पॉलिसी हेड डॉ. तफ़हीम सिद्दीकी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित करके की गई। इसके बाद दोनों गणमान्य अतिथियों ने आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने, सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सशक्त बनाने और समावेशी आर्थिक विकास में तेजी लाने में डिजिटल कॉमर्स की अहम भूमिका पर जोर दिया।
इस वर्कशॉप का मुख्य मकसद डिजिटल कॉमर्स तक सबकी समान पहुंच सुनिश्चित करना और प्रतिभागियों को ऑनलाइन मार्केटप्लेस, सेलर रजिस्ट्रेशन, प्रोडक्ट लिस्टिंग, डिजिटल प्रोडक्ट शोकेसिंग और बिजनेस डेवलपमेंट के बारे में ट्रेनिंग देना था। ट्रेनिंग सेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने प्रोडक्ट्स के लिए बड़े बाजार तक पहुंच बनाने, बिजनेस को स्थायी बनाने और भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस वर्कशॉप में राजस्थान के कोने-कोने से आई महिला उद्यमियों, स्वयं-सहायता समूहों और लघु व छोटे उद्यमों ने हिस्सा लिया। उन्हें भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ने और देश भर के ग्राहकों तक पहुंचने के लिए जरूरी कौशल और प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच उपलब्ध कराई गई। इसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन फाउंडेशन का भी सहयोग मिला। प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केटप्लेस पर सेलर रजिस्ट्रेशन, प्रोडक्ट लिस्टिंग, डिजिटल मर्चेंडाइजिंग और बिजनेस डेवलपमेंट की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। राजस्थान के हजारों छोटे-बड़े कारोबारी पहले से ही इन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और राज्य में डिजिटल कॉमर्स के विकास में योगदान दे रहे हैं।
वर्कशॉप के दौरान वाइस प्रेसिडेंट और पब्लिक पॉलिसी के हेड डॉ. तफहीम सिद्दीकी की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम ने राजस्थान के छोटे कारोबारों के लिए उन बड़े अवसरों पर रोशनी डाली जो डिजिटल कॉमर्स से खुल सकते हैं। आज राज्य के कई पारंपरिक प्रोडक्ट्स ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से देशभर के ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।
यह पहल समर्थ पहल के लक्ष्यों को आगे बढ़ाती है, जिसका मकसद सभी तक ई-कॉमर्स के फायदे पहुंचाना और ज्यादा समावेशी इकोसिस्टम बनाकर जरूरतमंद समुदायों को सशक्त बनाना है।
यह समर्थ एक देशव्यापी कार्यक्रम है जिसकी शुरुआत 2019 में की गई थी। यह MSME, कारीगरों, महिला उद्यमियों और कम सुविधा वाले समुदायों को व्यवस्थित ऑनबोर्डिंग,
क्षमता-निर्माण और प्लेटफॉर्म सपोर्ट के माध्यम से लगातार ई-कॉमर्स इकोसिस्टम से जुड़ने में मदद करता है। यह कार्यक्रम अभी पूरे भारत में 70 लाख से ज़्यादा लोगों की आजीविका में मदद कर रहा है। इसमें शामिल कारोबारों में 300% तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
यह पहल एक समान और समावेशी डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम बनाने की लंबी अवधि की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि बड़े पैमाने पर काम करने, टेक्नोलॉजी और राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने के फ़ायदे भारत के हर कोने तक पहुंचे।
पिछले कुछ सालों में इस समर्थ पहल ने केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सहयोगी संगठनों के साथ रणनीतिक साझेदारी के ज़रिए काफी विस्तार किया है। इन साझेदारियों ने देश भर के हजारों उद्यमियों तक डिजिटल कॉमर्स के फायदे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे समावेशी विकास और डिजिटल सशक्तिकरण के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है।

Topics