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स्वस्थ और सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य के लिए – ध्यान से चुनें अपना आहार!

“सेहतमंद जीवनशैली के लिए स्वस्थ आहार।” व्यक्ति को संतुलित आहार लेना चाहिए, जिससे शरीर को वृद्धि, स्वास्थ्य और इम्यूनिटी के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सकें। लेकिन शरीर को अच्छा बनाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी है।

समांथा क्लेटन, वाइस प्रेसिडेंट, स्पोर्ट्स परफॉरमेंस एंड फिटनेस एजूकेशन, हर्बालाइफ ने कहा की, ‘मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रखने के लिए तीन प्रमुख बातें बहुत जरूरी हैं – भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक रूप से सही बने रहना। स्कूली बच्चे हों या बुजुर्ग, आजकल हर कोई तनाव, चिंता और मानसिक दबाव जैसे शब्दों का इस्तेमाल खूब करने लगा है। चाहे स्कूल, दफ्तर या अन्य क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव हो, ये बातें व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती हैं। खेल, योग और व्यायाम कुछ तरीके हैं मगर इन सभी के साथ एक सरल किंतु जरूरी बात जुड़ी होनी चाहिए: पोषक और संतुलित आहार। इससे दिमाग को जरूरी पोषण मिलता है। इससे मानव मस्तिष्क स्थिर बना रहता है और उसे ऊर्जा मिलती है। साथ ही इससे याद्दाश्त भी तेज होती है, जो रोजमर्रा के जीवन में बहुत जरूरी है।

इसलिए प्रश्न उठता है कि मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए हमें किस तरह का आहार लेना चाहिए? पोषण से भरपूर आहार में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट जैसे वे सभी तत्व पाए जाते हैं, जो मानव शरीर के विकास के लिए  जरूरी हैं। लेकिन आप मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी कुछ आहार लेने की सोच सकते हैं। उनमें सब्जियां, फल, नट्स आदि शामिल होते हैं। यदि आप तेज और स्वस्थ दिमाग चाहते हैं तो आपके आहार में ये खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए।‘

आज के दौर में हमें ऐसे कई लोग दिखते हैं, जो शारीरिक फिटनेस को बहुत अहमियत देते हैं। वे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करते हैं मगर उन्हें संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य के बीच रिश्ते का पता ही नहीं होता। हाल के वर्षों में पोषण तथा मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध में लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ी है।

मानसिक स्वास्थ्य को शामिल किए बगैर फिटनेस का विचार अधूरा रहता है। मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए भारत बहुत नाजुक दौर में है। हाल में आए एनसीआरबी के एक अध्ययन के अनुसार 2020 से आत्महत्या की दर 7.2 प्रतिशत बढ़ गई है, जिससे पता चलता है कि लोगों का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है। इसलिए हमें वर्तमान स्थिति का ध्यान रखते हुए विभिन्न तरीके अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इस मामले में पोषण और भोजन की भी अहम भूमिका है।