Business Featured

एनआरआई के लिए भारत में स्वास्थ्य बीमा के बेहतर विकल्प : पोलिसीबाज़ार

भारत में देश के बाहर रहने वाले लोगों की संख्या सबसे अधिक है, हर साल 2.5 मिलियन से अधिक भारतीय विदेश जाते हैं। अब नौकरी के बेहतर अवसरों की तलाश में भारतीयों के लिए अलग-अलग देशों की यात्रा करना आम होता जा रहा है।

कई एनआरआई को अक्सर भारत आने की आवश्यकता होती है क्योंकि उनके परिवार वहां रहते हैं। कुछ एनआरआई, विशेष रूप से गल्फ देश में रहने वाले, विदेशों में कई साल बिताने के बाद भारत लौटने की इच्छा रखते हैं। जिसकी वजह से उन एनआरआई के मन में हमेशा यह दुविधा रहती है कि क्या उन्हें बैकअप के तौर पर भारत से हेल्थ इंश्योरेसं पॉलिसी खरीदनी चाहिए, या केवल उस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर निर्भर रहना चाहिए जो उन्हें उनके निवासी देशों में कवर करती है।

सिद्धार्थ सिंघलबिजनेस हेड- हेल्थ इंश्योरेंसपॉलिसीबाजार.कॉम: “किसी भी एनआरआई के निवासी देश की तुलना में भारत में विशेष रूप से भारतीयों के लिए बनाए गए इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स का उन एनआरआई की सभी जरूरतों के अनुरूप होने की अधिक संभावना है। भारत सबसे तेजी से विकसित होने वाले इंश्योरेंस मार्किट में से एक है और इसलिए तेजी से इस क्षेत्र में विकास कर रहा है। भारत में इंश्योरेंस इंडस्ट्री ग्राहकों की जरूरत को पूरा करने के लिए ज्यादा फ्लेक्सिबल और मॉड्यूलरिटी की पेशकश करने के लिए लगातार विकास कर रही है, जो न्यू-एज प्रोडक्ट्स और सर्विस में साफ दिखाई पड़ता है। भारत से इंश्योरेंस पॉलिसी का चयन करते समय एनआरआई के पास व्यापक विकल्प होते हैं, जिससे वह अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार सही पॉलिसी का चयन कर सकते हैं। भारतीय इंश्योरेंस मार्किट वर्तमान में अब उन संभावनाओं से भरा हुआ है जिसमें से एनआरआईअपनी जरूरत के अनुसार सही पॉलिसी का चयन कर सकते है”।

कई ऐसे प्रमुख पैरामीटर हैं जो एनआरआई को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि भारतीय हेल्थ इंश्योरेंस एक अच्छा विकल्प क्यों है। भारत से खरीदा गया हेल्थ इंश्योरेंस भारत में होने वाले मेडिकल खर्चों को कवर करता है। हालांकि, अब तेजी से इंश्योरेंस कंपनियां ऐसी योजनाएं लॉन्च कर रही हैं जो वर्ल्ड वाइड कवरेज प्रदान करती हैं, बशर्ते डायग्नोसिस भारत में हो।

हेल्थ इंश्योरेंस तब खरीदा जाना चाहिए जब आप स्वस्थ हो,  क्योंकि ऐसे में आपके पास विकल्पों की विस्तृत श्रृंखला होती है। हालांकि, जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं, वैसे-वैसे बीमारियां होने की प्रवृत्ति होती है। दरअसल, आजकल बहुत से युवाओं को दिल, किडनी संबंधी बीमारियां हो रही हैं, जिससे हेल्थ इंश्योरेंस करवाना मुश्किल हो रहा है। तो ऐसी स्थिति हो सकती है जब एनआरआई अपने रिटायरमेंट के सालों में भारत वापस आते हैं, और उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस बिल्कुल नहीं मिलता है ऐसे में यह उन्हें भारी वित्तीय जोखिम में डाल सकता है।

भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है, जिसका अर्थ है कि रोजगार के बहुत से नए अवसर तैयार हो रहे हैं। कई एनआरआई विदेश में कुछ साल बिताने के बाद भारत में वापस बसने का विकल्प चुन रहे हैं। विदेश में रहने के दौरान भारत से हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने वाला एनआरआई पॉलिसी खरीदने की तारीख से वेटिंग पीरियड को पूरा करना शुरू कर देता है। इसका मतलब है कि जब तक आप स्थायी रूप से भारत वापस आएंगें; आप पहले ही पॉलिसी के वेटिंग पीरियड को पूरा कर चुके होंगे।

भारत में चिकित्सा उपचार में भी तेजी से प्रगति से हो रही है। ज्यादातर विदेशी व्यक्ति अब कैंसर, हृदय ट्रांसप्लांट आदि जैसी प्रमुख बीमारियों के इलाज के लिए भारत को अपने चिकित्सा गंतव्य के रूप में पसंद कर रहे हैं। अगर एनआरआई के लिए किसी बड़ी बीमारी का इलाज करने की स्थिति उत्पन्न होती है, तो वे भारत में अच्छे अस्पतालों का विकल्प चुन सकते हैं।

यूएई जैसे विकसित देशों की तुलना में भारत में हेल्थ इंश्योरेसं पॉलिसी की लागत 70 से 80 प्रतिशत तक सस्ती हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, दो वयस्कों और एक बच्चे को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि वाली पॉलिसी के लिए भारत में लागत लगभग 3300 रुपये प्रति माह होगी। हालांकि, यूएई में, समान कवरेज की लागत लगभग 13,990 रुपये प्रति माह हो सकती है। इसका मतलब है कि यूएई में उपभोक्ताओं के लिए प्रीमियम की कीमत 75 से 78% प्रतिशत अधिक है।

कई एनआरआई के परिवार या बुजुर्ग माता-पिता भारत में वापस आ गए हैं। बुजुर्ग माता-पिता के लिए अस्पताल में भर्ती होने का खर्च परिवार की बचत पर भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा सकता है। एक एनआरआई अब अपने माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का विकल्प चुन सकता है, क्योंकि ज्यादातर हेल्थ इंश्योरेसं पॉलिसी को जारी की जाने वाली पॉलिसी के लिए किसी मेडिकल जांच की आवश्यकता नहीं होती है। इसका मतलब है कि एनआरआई अब दूर से ही अपने माता-पिता के लिए ऑनलाइन हेल्थ इंश्योरेंस खरीद सकते हैं।

भारत में माता-पिता के लिए हेल्थ पॉलिसी निवासी देशों में उपलब्ध योजनाओं की तुलना में लगभग ~35% सस्ती हैं। सीनियर सिटीजन स्वास्थ्य स्थितियों के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि आपकी अनुपस्थिति में उन्हें पर्याप्त रूप से कवर किया जाए।

कई इंश्योरेंस कंपनियों ने सीनियर सिटीजन्स के लिए क्लेम कंसीयर्ज सेवाएं भी शुरू की हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके क्लेम्स को बिना किसी परेशानी के पूरा किया जा सके।