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सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स को उत्तरी अमेरिकी नाटो ग्राहक से 174 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला

वैश्विक एयरोस्पेस और रक्षा इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (“सिग्मा”) ने आज घोषणा की कि उसे उत्तरी अमेरिका के एक ग्राहक से 19.70 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 174 करोड़ रुपये) का ऑर्डर मिला है। यह ग्राहक नाटो रक्षा इकोसिस्टम से जुड़ा है। इस ऑर्डर के तहत 155 एमएम आर्टिलरी गोला-बारूद के लिए विशेष सहायक सब-सिस्टम का निर्माण और आपूर्ति की जाएगी। इस ऑर्डर को 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 2027) तक पूरा किया जाना है, और इसका निर्माण सिग्मा के इकोसिस्टम के भीतर ही किया जाएगा।

यह ऑर्डर मई 2026 के बाद से सिग्मा का 155 mm से जुड़ा पांचवां प्रोजेक्ट है, जो आर्टिलरी एम्युनिशन (तोपखाने के गोला-बारूद) की पूरी वैल्यू चेन में इसकी क्षमताओं के लगातार विस्तार को दर्शाता है। अपने पोर्टफोलियो में शेल बॉडी, भरे हुए फ़्यूज़, एडवांस्ड बेस-ब्लीड शेल तकनीक, कोर्स-करेक्शन फ़्यूज़ के लिए सहयोग और अब सहायक सब-सिस्टम को शामिल करके, सिग्मा केवल गोला-बारूद के अलग-अलग पुर्ज़े सप्लाई करने से आगे बढ़ रहा है। अब यह आर्टिलरी राउंड के कई हिस्सों से जुड़ी एक व्यापक मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग पार्टनरशिप की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

वैश्विक स्तर पर हथियारों के पुनर्निर्माण से तोपखाने के गोला-बारूद की आपूर्ति श्रृंखला का स्वरूप बदल रहा है।

रूस-यूक्रेन युद्ध ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भीषण संघर्षों में तोपखाने के गोला-बारूद की कितनी भारी मांग होती है। नाटो (NATO) सदस्य और सहयोगी देश अपने भंडार को फिर से भरने, लंबी अवधि के लिए खरीद करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के जरिए इस स्थिति से निपट रहे हैं। यूरोपीय संघ की ‘एक्ट इन सपोर्ट ऑफ एम्युनिशन प्रोडक्शन’ (ASAP) पहल, जिसे 2024 में 500 मिलियन यूरो की फंडिंग के साथ शुरू किया गया था, इसी तरह का एक प्रयास है जिसका उद्देश्य उत्पादन में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।

यह बदलाव उन मैन्युफैक्चरर्स के लिए मौके बनाता है जो एम्युनिशन सप्लाई चेन के कई एलिमेंट्स को सपोर्ट कर सकते हैं। जैसे-जैसे इंटरनेशनल कस्टमर प्रोडक्शन बढ़ा रहे हैं, प्रोग्राम को पूरा करने के लिए खास सबसिस्टम और भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बहुत ज़रूरी होती जा रही है।

अलग-अलग पार्ट्स से लेकर गोला-बारूद बनाने की बड़ी क्षमता तक

सिग्मा की हाल की कमर्शियल जीत और कैपेबिलिटी-बिल्डिंग पहल 155 एमएम सेगमेंट में इसकी बढ़ती मौजूदगी को दिखाती हैं। मई 2026 में, कंपनी को M557 फिल्ड फ़्यूज़ (fuzes) के लिए 11.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऑर्डर मिला। इसके बाद जून में M107 शेल बॉडीज़ के लिए 21.97 मिलियन अमेरिकी डॉलर का, और जुलाई में बेस-ब्लीड शेल बॉडीज़ के लिए 104.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऑर्डर प्राप्त हुआ। अक्टूबर में, सिग्मा ने ‘कोर्स-करेक्शन फ़्यूज़‘ तकनीक, इसके एकीकरण (integration) और स्वदेशी निर्माण के लिए ‘म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड‘ के साथ एक विशेष समझौता (MoU) किया। एंसिलरी सबसिस्टम के लिए सबसे नया 19.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऑर्डर, स्टैंडअलोन कंपोनेंट्स से आगे जाकर इसके मैन्युफैक्चरिंग स्कोप को और बढ़ाता है।

नए ऑर्डर से सिग्मा का मैन्युफैक्चरिंग का दायरा स्टैंडअलोन कंपोनेंट्स से आगे बढ़ गया है। इसकी मौजूदा शेल-बॉडी और फ्यूज़ क्षमताओं के साथ, यह प्रोग्राम क्वालिफिकेशन और कस्टमर की ज़रूरतों के आधार पर, एम्युनिशन वैल्यू चेन में ज़्यादा टेक्निकली मुश्किल ज़रूरतों को पूरा करने की इसकी क्षमता को बढ़ाता है।

इंटरनेशनल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में अपनी भूमिका को मजबूत करना

यह ऑर्डर सिग्मा की इंटरनेशनल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी मौजूदगी बनाने की स्ट्रैटेजी को सपोर्ट करता है। इसका बढ़ता हुआ पोर्टफोलियो आस-पास की ज़रूरतों को पूरा करने और खास मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम की एक बड़ी रेंज में कस्टमर्स के साथ जुड़ने के लिए एक बेस देता है।

इस ऑर्डर पर टिप्पणी करते हुए, सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के सीईओ सुनील कालिदिंडी ने कहा: “ग्लोबल डिफेंस कस्टमर अब अलग-अलग पार्ट्स के अलावा ऐसे पार्टनर्स की तलाश में हैं, जो एम्युनिशन सप्लाई चेन (गोला-बारूद आपूर्ति श्रृंखला) में बढ़ती मुश्किल मैन्युफैक्चरिंग ज़रूरतों को सपोर्ट कर सकें। । इसके लिए गहरी इंजीनियरिंग समझ, मैन्युफैक्चरिंग में निरंतरता और बड़े पैमाने पर विशेष उत्पाद उपलब्ध कराने की क्षमता की आवश्यकता होती है।

यह ऑर्डर सिग्मा की 155 एमएम सेगमेंट में डेवलप की गई कैपेबिलिटीज़ पर आधारित है और इंटरनेशनल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में हमारी भूमिका को बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। हमारा फोकस ऐसी कैपेबिलिटी बनाने पर है जिससे हम टेक्निकली ज़्यादा मुश्किल प्रोग्राम में हिस्सा ले सकें और कस्टमर्स की बदलती ज़रूरतों को पूरा कर सकें। हम इस जुड़ाव को ग्राहक के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और गोला-बारूद निर्माण के व्यापक इकोसिस्टम में अपना योगदान बढ़ाने के एक अवसर के रूप में देखते हैं।” 

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