भारत में व्यवसायों और यूटिलिटीज के लिए चौबीसों घंटे अक्षय ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने वाली प्रमुख कंपनी सनशोर एनर्जी ने भारत की प्रमुख सिरेमिक और विट्रिफाइड टाइल निर्माता कंपनी कजारिया सेरामिक्स के साथ दीर्घकालीन पवन-सौर हाइब्रिड बिजली खरीद समझौते (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत सनशोर एनर्जी राजस्थान के बाड़मेर जिले में 10 मेगावाट (15 MWp) सौर और 10 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता, यानी कुल 20 मेगावाट हाइब्रिड क्षमता, विकसित करेगी। इसके माध्यम से राजस्थान के गेलपुर और अलवर स्थित कजारिया के उत्पादन संयंत्रों को चौबीसों घंटे अक्षय ऊर्जा की आपूर्ति की जाएगी।
यह दोनों कंपनियों के बीच दूसरा बिजली खरीद समझौता है। इससे पहले 2023 में दोनों कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में 7 मेगावाट के दीर्घकालीन सौर ऊर्जा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस नई साझेदारी के साथ दोनों कंपनियों के बीच कुल हस्ताक्षरित अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 27 मेगावाट हो गई है।
समझौते के तहत कजारिया की फैक्ट्रियों को हर वर्ष करीब 52.5 मिलियन यूनिट (MUs) अक्षय बिजली की आपूर्ति होने की उम्मीद है, जिससे अनुमानित 42,000 मीट्रिक टन CO₂e ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में हर साल कमी आएगी। यह साझेदारी सनशोर एनर्जी के ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और भारत के विनिर्माण क्षेत्र को भरोसेमंद एवं लागत-प्रभावी स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने की क्षमता को दर्शाती है।
कजारिया सेरामिक्स के उपाध्यक्ष (वित्त) श्री परवीन गुप्ता ने कहा, “सनशोर एनर्जी के साथ हमारी लगातार मजबूत होती साझेदारी हमारे परिचालन में अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह समझौता राजस्थान में हमारी विनिर्माण इकाइयों के लिए भरोसेमंद और टिकाऊ बिजली सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम अक्षय ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने में सनशोर एनर्जी की विशेषज्ञता को महत्व देते हैं और कार्बन उत्सर्जन में कमी के अपने प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए इस साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।”
सनशोर एनर्जी के एस.वी.पी. श्री विनोद शर्मा ने कहा, “सनशोर में हम अपने ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और ग्राहकों की जरूरतों को समझने की क्षमता पर गर्व करते हैं। हमें खुशी है कि कजारिया सेरामिक्स ने राजस्थान में अपनी फैक्ट्रियों के लिए हमारे साथ काम करने का निर्णय लिया है। यह समझौता हमारे भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाले अक्षय ऊर्जा समाधानों पर ग्राहकों के विश्वास का प्रमाण है। हम कजारिया के परिचालन के विस्तार के साथ उसकी कार्बन उत्सर्जन में कमी की यात्रा में सहयोग जारी रखने के लिए तत्पर हैं।”
सनशोर एनर्जी राजस्थान को भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में देखती है और 2028 तक राज्य में करीब 2 GW सौर, पवन और बैटरी भंडारण क्षमता स्थापित करने की योजना बना रही है। बाड़मेर और बीकानेर में आगामी परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों को सुनिश्चित अक्षय बिजली उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।








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