अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, जो बिक्री की मात्रा और क्षमता के आधार पर दुनिया (चीन को छोड़कर) की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है, ने एनर्जी इन मोशन (ईआईएम) के साथ साझेदारी में 45 इलेक्ट्रिक हैवी-ड्यूटी ट्रकों की तैनाती शुरू की है. यह बेड़ा अल्ट्राटेक की राजस्थान स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट कोटपुतली सीमेंट वर्क्स से क्लिंकर को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्थित उसकी ग्राइंडिंग यूनिट्स दादरी सीमेंट वर्क्स और सिकंदराबाद सीमेंट वर्क्स तक पहुंचाएगा. लगभग 250 किलोमीटर की दूरी वाले इस मार्ग में राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों से होकर ट्रांसपोर्टेशन किया जाएगा. इन 45 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती से अल्ट्राटेक के 750 से अधिक ग्रीन ट्रकों के मौजूदा बेड़े को और मजबूती मिलेगी.
यह तैनाती अल्ट्राटेक, ईआईएम और एक लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता के बीच परिवहन सेवा अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के बाद की गई है. यह उत्तर भारत में सीमेंट सेक्टर में इस तरह की सबसे बड़ी पहलों में से एक है. यह पहल देश में लंबी दूरी के परिचालन में इलेक्ट्रिक हैवी-ड्यूटी ट्रकों की व्यवहार्यता स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. 55 टन क्षमता वाले 45 इलेक्ट्रिक ट्रकों के इस बेड़े से कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में सालाना 8,900 टन से अधिक की कमी का अनुमान है, जो लगभग 29 लाख लीटर डीजल का उपयोग कम करने के बराबर है. यह पहल शून्य-उत्सर्जन वाले वाणिज्यिक परिवहन को बढ़ावा देने की भारत सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप है, जो सरकार की ईवी और लॉजिस्टिक्स नीति की रूपरेखाओं का हिस्सा है.
अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के सी झंवर ने इस बारे में कहा, ‘‘स्वच्छ और एनर्जी-सिक्योर परिवहन के लिए भारत की महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. अल्ट्राटेक इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है. यह तैनाती इस विश्वास का प्रतीक है कि लॉजिस्टिक्स में कार्बन उत्सर्जन को कम करना उतना ही रणनीतिक है, जितना उत्पादन प्रक्रिया में उत्सर्जन कम करना. लंबी दूरी के क्लिंकर ट्रांसपोर्टेशन को इलेक्ट्रिक पर आधारित बनाकर हम आयातित फॉसिल फ्यूल्स पर निर्भरता घटाने के देश के उद्देश्य के अनुरूप काम कर रहे हैं. साथ ही ऐसी आपूर्ति श्रृंखला विकसित कर रहे हैं, जो मजबूत, जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार हो.’’
अल्ट्राटेक सीमेंट सेक्टर में सस्टेनेबल परिवहन को बढ़ावा देने में अग्रणी रही है. कंपनी भारत में सबसे पहले ‘ग्रीन लॉजिस्टिक्स’ की शुरुआत करने वालों में शामिल रही है, जिसके तहत 2021 में सीएनजी ट्रकों, 2022 में एलएनजी ट्रकों और 2024 में इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती की गई. कंपनी अपने लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर डीजल से स्वच्छ ईंधनों की ओर बदलाव को आगे बढ़ा रही है. वित्त वर्ष 2025-26 तक के आंकड़ों के हिसाब से अल्ट्राटेक अपने विभिन्न विनिर्माण संयंत्रों में 638 सीएनजी ट्रक, 32 एलएनजी ट्रक और 89 इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन कर रही है.













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