क्या आपको लगता है कि सिर्फ एक अच्छी डिग्री आपको एक शानदार करियर दिला सकती है? 22 अप्रैल 2026 को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस भ्रम को तोड़ दिया। विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उन्होंने युवाओं को एक कड़वा मगर जरूरी ‘ग्राउंड रियलिटी चेक’ दिया—2026 की इस भागती दुनिया में केवल डिग्री काफी नहीं है, अब आपकी ‘काबिलियत’ ही आपकी असली पहचान होगी।
स्किल ही है नई ताकत
राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि आज की ‘डायनेमिक दुनिया’ में या तो आप बदलाव लाने वाले बनिए या फिर बदलाव के लिए तैयार रहिए। प्रधानमंत्री मोदी जी के स्किल इंडिया विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने समझाया कि ‘स्किलिंग’ एक कभी न खत्म होने वाली प्रक्रिया है। चाहे आप स्नातक हों या पोस्ट ग्रेजुएट, अगर आप अपनी स्किल्स को ‘अपग्रेड’ नहीं कर रहे हैं, तो आप पीछे छूट जाएंगे।
सेना से सीखी ‘मल्टी-डायमेंशनल’ सफलता
समारोह में रिटायर्ड इंडियन आर्मी कर्नल राठौड़ ने अपने एनडीए के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे सेना में उन्हें वेल्डिंग से लेकर कंप्यूटर तक सिखाया गया। उनका संदेश साफ था: अपने आप को किसी एक दायरे में न बांधें। आज के राजस्थान समाचार में यह बात सबसे अहम है कि युवा मल्टी-टास्किंग बनें।
असफलता से न डरें, बड़े लक्ष्य रखें
अक्सर युवा एक असफलता से टूट जाते हैं। राठौड़ ने उन्हें सलाह दी कि “असफलता आपको ग्रो करती है, इसलिए इससे निराश न हों।” उन्होंने अभिभावकों की भी सराहना की और युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद के मंत्र “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” को अपने जीवन का आधार बनाएं।
आज राजस्थान कैबिनेट मंत्री के नेतृत्व में प्रदेश का कौशल विकास विभाग युवाओं को तकनीक और उद्योगों से जोड़ने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है। याद रखिए, दुनिया आपका इंतजार कर रही है, लेकिन वह सिर्फ आपकी डिग्री नहीं, आपका हुनर देखना चाहती है।













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