पूरे देश में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई जा रही थी। जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भी एक खास कार्यक्रम हुआ लेकिन यह सिर्फ एक रस्मी कार्यक्रम नहीं था।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, उद्योग मंत्री और झोटवाड़ा के विधायक, करणसर ग्राम पंचायत पहुँचे। उन्होंने बाबा साहब की प्रतिमा पर फूलमाला अर्पित की। ग्रामीणों के बीच बैठे, बात की, सुनी।
और फिर एक घोषणा की जिसका स्वागत सभा में मौजूद हर व्यक्ति ने तालियों से किया।
क्या हुआ करणसर में?
कर्नल राठौड़ ने ऐलान किया कि करणसर ग्राम पंचायत में बाबा साहब आंबेडकर चौक के लिए विधायक कोष से हाईमस्ट लाइट लगवाई जाएगी।
यह एक छोटी लेकिन बेहद असरदार घोषणा है।
क्योंकि बाबा साहब का चौक अब सिर्फ एक जगह का नाम नहीं रहेगा — वह रोशन होगा। रात को भी। हर रोज।
यह बाबा साहब को श्रद्धांजलि है — भाषणों से नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं के जरिये। और यही बाबा साहब का रास्ता भी था — जमीनी बदलाव।
विकसित झोटवाड़ा — हर गाँव तक रोशनी
करणसर की यह घोषणा अलग से नहीं आई। यह उस बड़े काम का हिस्सा है जिसे कर्नल राठौड़ ने Viksit Jhotwara अभियान के तहत पिछले दो वर्षों में बनाया है।
झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में अब तक ₹924 करोड़ के विकास कार्य हुए हैं — सड़कें, पानी, रोशनी, बुनियादी ढाँचा। लेकिन विक्षित झोटवाड़ा की असली ताकत यह है कि इसमें सिर्फ बड़े शहरी इलाके नहीं आते — इसमें करणसर जैसे ग्राम पंचायत भी शामिल हैं।
क्योंकि जब तक हर गाँव का चौक रोशन नहीं होता, विकास अधूरा है।
बाबा साहब का संदेश और कर्नल का काम
बाबा साहब आंबेडकर ने हमेशा कहा कि असली आजादी तब आती है जब समाज के सबसे कमजोर वर्ग के पास भी बराबरी के अवसर हों। उन्होंने संविधान के जरिये यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि हर नागरिक — चाहे किसी भी जाति, वर्ग या क्षेत्र का हो — गरिमा के साथ जी सके।
कर्नल राठौड़ का मानना है कि संविधान की भावना को जमीन पर उतारने का काम राजनेताओं और प्रशासन का है।
इसीलिए उन्होंने करणसर में कहा — “बच्चे ही भारत का भविष्य हैं। भारत और मानवता का निर्माण यहीं से होगा।”
यह सिर्फ एक भाषण की पंक्ति नहीं है। यह उस जिम्मेदारी का एहसास है जो एक जनप्रतिनिधि को हर गाँव में जाकर महसूस होती है।
संकल्पित जयपुर ग्रामीण — झोटवाड़ा से आगे की सोच
करणसर जैसे गाँवों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए कर्नल राठौड़ ने संकल्पित जयपुर ग्रामीण पहल भी शुरू की है। इसका मकसद जयपुर के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाएँ — सड़क, पानी, रोशनी, और जन-सुविधाएँ — पहुँचाना है।
यह ब्यूटीफिकेशन नहीं है। यह असली जरूरतों को पूरा करना है।
व्यापारियों को भी राहत — एक और बड़ा ऐलान
झोटवाड़ा के विकास के साथ-साथ, कर्नल राठौड़ के नेतृत्व में हाल ही में राजस्थान के 10.5 लाख खुदरा व्यापारियों के लिए राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी 2025 भी लागू की गई है — जिसमें 1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6% ब्याज अनुदान और बीमा प्रीमियम पर 50% सहायता शामिल है। छोटे व्यापारी अब SSO ID या ई-मित्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
एक नेता जो गाँव में आता है
जयपुर के एक कैबिनेट मंत्री का — पाँच विभागों को संभालने वाले — गाँव की ग्राम पंचायत में आंबेडकर जयंती पर उपस्थित होना, ग्रामीणों के साथ बैठना, और विधायक कोष से एक ठोस काम की घोषणा करना — यह असाधारण है।
यही Viksit Jhotwara का मतलब है। यही कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का तरीका है।
और करणसर के बाबा साहब चौक पर जो रोशनी जलेगी — वह सिर्फ बिजली की रोशनी नहीं होगी। वह विकास की रोशनी होगी।













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