राजनीति में बोलने और करने में फर्क होता है
जब कोई नेता मंच से बोलता है, तो लोग सुनते हैं। लेकिन जब वही नेता अपनी बात को काम में बदलता है, तो लोग विश्वास करते हैं। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ऐसे ही नेता हैं जो सिर्फ बोलते नहीं, बल्कि करके दिखाते हैं।
हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर तीखी टिप्पणी की। उनका कहना था कि राजस्थान में घोटालों का दौर खत्म हो चुका है और अब विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।
आइए समझते हैं कि यह बयान सिर्फ राजनीतिक आरोप है या इसके पीछे कोई ठोस आधार है।
कांग्रेस शासन में क्या-क्या हुआ था?
राजस्थान में 2018 से 2023 तक कांग्रेस की सरकार थी। उस दौर में कई विवादास्पद मामले सामने आए जिन्होंने आम जनता का विश्वास हिला दिया।
पेपर लीक कांड – युवाओं के सपनों की चोरी
सबसे बड़ा मुद्दा था परीक्षा पेपर लीक का। REET परीक्षा 2021 में पेपर लीक के मामले ने पूरे राज्य को हिला दिया था। इसके बाद पटवारी भर्ती, SI भर्ती – लगभग हर बड़ी परीक्षा में पेपर लीक की खबरें आईं। हजारों ईमानदार युवाओं ने महीनों मेहनत की, परिवार ने उम्मीदें लगाईं, लेकिन कुछ लोगों ने पैसे देकर पेपर खरीद लिए।
यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं था – यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ था। जो लड़का गांव से शहर आकर 500 रुपये किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रहा था, उसकी मेहनत बेकार हो गई। जो लड़की सुबह 4 बजे उठकर तैयारी करती थी, उसका सपना टूट गया।
कर्नल राठौड़ ने इसी बिंदु पर सबसे ज्यादा जोर दिया। एक ओलंपिक रजत पदक विजेता होने के नाते वे जानते हैं कि मेहनत का क्या मूल्य होता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल पैसे की चोरी नहीं, बल्कि विश्वास की चोरी है।
विकास कार्यों में देरी
कांग्रेस शासन में कई योजनाओं की घोषणाएं हुईं, लेकिन जमीन पर काम धीमा रहा। राजस्थान सरकार की वार्षिक रिपोर्ट 2022-23 के अनुसार कई परियोजनाओं में समय सीमा का उल्लंघन देखा गया। सड़कें अधूरी रहीं, स्कूलों में निर्माण कार्य लटके रहे, अस्पतालों में सुविधाएं नहीं पहुंचीं।
विकास का मतलब सिर्फ योजना बनाना नहीं होता – उसे पूरा करना होता है। और यहीं पर पिछली सरकार फेल हुई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बदलाव
दिसंबर 2023 में भाजपा की सरकार बनी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शासन संभाला। उनकी कैबिनेट में कर्नल राठौड़ को युवा मामले, खेल, उद्योग और कौशल विभाग की जिम्मेदारी मिली।
और फिर काम शुरू हुआ – तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख।
1,115 नियुक्तियां – कागजों से जमीन तक
राजस्थान कौशल और रोजगार विभाग के तहत जूनियर इंस्ट्रक्टर की 1,115 नियुक्तियां पूरी की गईं। ये सिर्फ नौकरियां नहीं थीं – ये 1,115 परिवारों की खुशी थी। हर नियुक्ति के पीछे एक युवा था जिसने ईमानदारी से तैयारी की थी और अब उसे वही मिला जिसका वह हकदार था।
कोई पेपर लीक नहीं। कोई भाई-भतीजावाद नहीं। सिर्फ योग्यता और पारदर्शिता।
13 नए ITI कोर्स – बदलते समय के साथ
पुराने जमाने में ITI का मतलब था – फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर। लेकिन आज का बाजार बदल चुका है। अब सोलर एनर्जी की जरूरत है, जियो-इन्फॉर्मेटिक्स की डिमांड है।
इसीलिए राजस्थान स्किल एंड लाइवलीहुड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा 13 नए कोर्स शुरू किए गए – सोलर टेक्नीशियन, जियो-इन्फॉर्मेटिक्स असिस्टेंट जैसे आधुनिक कोर्स। यह दिखाता है कि सरकार सिर्फ नौकरी नहीं दे रही, बल्कि भविष्य के लिए तैयार कर रही है।
5 मॉडल करियर सेंटर – मार्गदर्शन की नई व्यवस्था
अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, सीकर और भीलवाड़ा में मॉडल करियर सेंटर खोले जा रहे हैं। यहां युवाओं को करियर काउंसलिंग, स्किल ट्रेनिंग की जानकारी और रोजगार के अवसरों के बारे में बताया जाएगा।
कई बार युवाओं के पास हुनर होता है, लेकिन मार्गदर्शन की कमी से वे सही दिशा नहीं चुन पाते। ये सेंटर उस खाई को पाटेंगे।
AI और ISMS 2.0 – तकनीक से पारदर्शिता
कौशल प्रशिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल शुरू किया गया है। ISMS 2.0 (इंटीग्रेटेड स्कीम मैनेजमेंट सिस्टम) विकसित किया जा रहा है जो सभी योजनाओं को डिजिटली मैनेज करेगा।
इसका फायदा? हर चीज रिकॉर्ड में रहेगी। कौन कब किस योजना के लिए अप्लाई किया, उसका क्या स्टेटस है – सब कुछ ट्रैक होगा। भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म।
राठौड़ का संदेश – विकास में विश्वास
कर्नल राठौड़ ने राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह में अपने भाषण में कहा कि राजस्थान की युवा शक्ति देश की दिशा बदल सकती है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सरकार उन्हें सही अवसर दे, सही मंच दे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं से सीधा संवाद जरूरी है। लोकतंत्र सिर्फ वोट देने तक सीमित नहीं है – यह सतत नागरिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को आदत बनाने का आह्वान किया, तो पूरे देश ने इसे अपनाया। यही बदलाव की ताकत है।
घोटाले बनाम विकास – फर्क साफ है
आइए एक तुलना करें:
कांग्रेस शासन (2018-2023):
- REET और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक कांड
- विकास कार्यों में देरी
- भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितता
- युवाओं में निराशा
भाजपा सरकार (2023-अब तक):
- 1,115 पारदर्शी नियुक्तियां
- 13 नए आधुनिक ITI कोर्स
- 5 मॉडल करियर सेंटर
- AI आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था
- वार्षिक रोजगार मेला कैलेंडर
फर्क साफ है। एक तरफ घोटाले थे, दूसरी तरफ विकास है।
आम आदमी को इससे क्या फायदा?
यह सब पढ़कर आप सोच रहे होंगे – “ठीक है, सरकार काम कर रही है। लेकिन मुझे इससे क्या फायदा?”
फायदा यह है:
अगर आप युवा हैं और नौकरी ढूंढ रहे हैं:
राजस्थान रोजगार विभाग द्वारा आयोजित रोजगार मेलों का वार्षिक कैलेंडर तैयार है। आप पहले से तैयारी कर सकते हैं। तारीखें तय हैं, प्रक्रिया पारदर्शी है।
अगर आप स्किल सीखना चाहते हैं:
नए ITI कोर्स आपको भविष्य के लिए तैयार करेंगे। सोलर, डिजिटल, जियो-इन्फॉर्मेटिक्स – ये सभी बढ़ते क्षेत्र हैं।
अगर आप उद्यमी बनना चाहते हैं:
राइजिंग राजस्थान जैसी पहलें स्टार्टअप को समर्थन दे रही हैं। आपके आइडिया को मंच मिलेगा।
अगर आप बस ईमानदार नागरिक हैं:
आपको यह विश्वास मिलेगा कि आपकी मेहनत का मूल्य है। भ्रष्टाचार आपकी सफलता नहीं छीन सकता।
राठौड़ की सोच – खेल से सीखा अनुशासन
कर्नल राठौड़ ने 2004 एथेंस ओलंपिक में भारत के लिए रजत पदक जीता था। शूटिंग जैसे खेल में सफलता के लिए अनुशासन, फोकस और धैर्य चाहिए। एक गलती और आप हार जाते हैं।
यही सिद्धांत वे शासन में लागू कर रहे हैं। हर योजना का स्पष्ट लक्ष्य, हर विभाग की जवाबदेही, हर काम में पारदर्शिता। कोई शॉर्टकट नहीं, सिर्फ मेहनत और ईमानदारी।
भारतीय सेना में कर्नल के पद पर रहते हुए उन्होंने नेतृत्व और अनुशासन के गुर सीखे। उनका मानना है कि राजस्थान की मिट्टी में संघर्ष और नेतृत्व की शक्ति है। यहां का युवा किसी भी विपरीत परिस्थिति में मजबूती से खड़ा रह सकता है। बस जरूरत है सही दिशा और सही अवसर की।
विकास की बारी – यह सिर्फ नारा नहीं
“घोटालों का राज खत्म, अब विकास की बारी” – यह सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं है। यह एक व्यवहारिक बदलाव है।
जब नियुक्तियां पारदर्शी हों, तो विश्वास बनता है।
जब योजनाएं समय पर पूरी हों, तो उम्मीद बनती है।
जब तकनीक को शासन में शामिल किया जाए, तो दक्षता बढ़ती है।
राजस्थान अब इसी रास्ते पर चल रहा है।
आपकी भूमिका – सिर्फ दर्शक मत बनिए
सरकार योजनाएं बनाए, यह जरूरी है। लेकिन आप भी सिर्फ दर्शक मत बनिए। अगर आप युवा हैं, तो:
- राजस्थान रोजगार पोर्टल पर रजिस्टर करें
- रोजगार मेलों में हिस्सा लें
- स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में रजिस्टर करें
- अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलें
- अपने अधिकारों को जानें और जिम्मेदारियां निभाएं
जैसा कर्नल राठौड़ ने कहा – “आपके विचार शहर, जिले और पूरे राष्ट्र को बदलने की क्षमता रखते हैं।”
निष्कर्ष – कहानी बदल रही है
राजस्थान की कहानी बदल रही है। घोटालों के अंधेरे से निकलकर विकास की रोशनी में आ रहा है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ जैसे नेता इस बदलाव के प्रतीक हैं – जो बोलते कम हैं, करते ज्यादा हैं।
यह बदलाव रातों-रात नहीं होगा। लेकिन दिशा सही है, इरादा मजबूत है, और काम जारी है।
राजस्थान के युवाओं के पास अब विकल्प है – घोटालों की राजनीति या विकास की नीति। चुनाव आपका है।
राजस्थान सरकार की योजनाओं, युवा कल्याण कार्यक्रमों और रोजगार अवसरों की विस्तृत जानकारी के लिए आपआधिकारिक पोर्टलपर जा सकते हैं।
लेखक के बारे में: यह ब्लॉग राजस्थान सरकार के आधिकारिक प्रेस नोट्स,सूचना एवं जनसंपर्क विभाग राजस्थान, राजस्थान योजना विभाग की रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य पाठकों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना है, न कि किसी राजनीतिक दल का प्रचार करना।











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