लोकसभा के माननीय स्पीकर श्री ओम बिड़ला ने शुक्रवार को लॉयंस क्लब इंटरनेशनल के रोर टू रिस्टोर एसडीजी पुरस्कार प्रदान किए। ये पुरस्कार दिल्ली में लॉयंस इंटरनेशनल की चौथी गोल मेज़ चर्चा में 20 व्यक्तियों को दिए गए। जो लोग अपनी कोशिशों और योगदान से बदलाव लाते हैं, जलवायु परिवर्तन, लैंगिक समानता व महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं कल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करते हैं तथा सब के लिए ज्यादा सस्टेनेबल और एक समान भविष्य की बुनियाद रखते हैं – ऐसे लोगों की कोशिशों के सम्मान स्वरूप ये पुरस्कार दिए जाते हैं। पुरस्कार ग्रहण करने वालों में प्रमुख रूप से आदित्य बिड़ला फाउंडेशन की श्रीमती राजश्री बिड़ला, मि. मोतीलाला ओसवाल, बिड़ला कॉर्पोरेशन के मि. संदीप घोष, जॉनसन एंड जॉनसन की सुश्री टीनी सेनगुप्ता, सेवा मंदिर के मि. जनत शाह, जायडस समूह के विठ्ठल दास शाह, आडानी फाउंडेशन की डॉ. प्रियंका गौतम एवं इमामी फाउंडेशन के सुशील गोयनका शामिल है।
स्पीकर महोदय ने अपने संबोधन में कहा, ’’भारत हर क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। आने वाला वक्त भारत का है, चाहे वह आर्थिक हो, सामाजिक हो, राजनीतिक हो या लोकतंत्र हो। हर तरफ भारत के एसडीजी के चर्चे हैं। हमने एसडीजी की प्राप्ति हेतु संसद में लंबी चर्चाएं कीं। हम एसडीजी लक्ष्यों को हासिल करने में किस तरह योगदान कर सकते हैं। स्वतंत्रता के पश्चात् जब भारत ने संसदीय लोकतंत्र को अपनाया तब बहुत से देशों को इस पर संदेह था कि इतनी बड़ी आबादी, इतने विशाल भूभाग तथा अपने हालात के चलते भारत क्या कर सकेगा? लेकिन आज भारत दुनिया को आईना दिखा रहा है। युवाओं की नई सोच के बल पर हमारी क्षमता बढ़ी है। आज हमारे युवा हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। मुझे यह सोच कर बहुत खुशी होती है कि आने वाले दिनों में भारत हर क्षेत्र में सारी दुनिया का नेतृत्व करेगा।’’
एसडीजी लक्ष्यों की प्राप्ति में लॉयंस क्लब के प्रयासों को सराहते हुए उन्होंने कहा, ’’लॉयंस क्लब देश भर में समर्पित भाव से काम कर रहा है। सकारात्मक बदलावों के साथ हमने एसडीजी लक्ष्यों पर गोल मेज चर्चा से कई लक्ष्यों को हासिल किया है। कॉर्पोरेट जगत के लोगों के अलावा सरकार भी चार एसडीजी लक्ष्यों के संदर्भ में समाज में बदलाव लाने का काम कर रही है। लंबी चर्चा हुई है, तत्पश्चात् निष्कर्ष निकले और आगे की रणनीति बनाई गई। लॉयंस क्लब भी उसी रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।’’













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