रेनॉ और निसान ने भारत के लिए नई दीर्घकालिक रणनीति की घोषणा करते हुए प्रोडक्शन और आर एंड डी गतिविधियां बढ़ाने, इलैक्ट्रिक वाहनों की पेशकश करने तथा आने वाले समय में कार्बन-न्यूट्रल मैन्यूफैक्चरिंग की तरफ बढ़ने की अपनी दीर्घकालिक योजनाओं की जानकारी दी है।
ये कंपनियां चेन्नई स्थित अपनी फैक्ट्री में, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए छह नए वाहनों के निर्माण के लिए मिलकर काम करेंगी जिनमें दो नए इलैक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। साथ ही, इस रेनॉ-निसान सेंटर को एक अंतरराष्ट्रीय निर्यात केंद्र के तौर पर स्थापित किया जाएगा।
इन नए प्रोजेक्ट्स को समर्थन देने के लिए करीब 600मिलियन डॉलर/ ₹5300करोड़ के निवेश की योजना है जिसके परिणामस्वरूप चेन्नई स्थित रेनॉ निसान टैक्नोलॉजी एंड बिज़नेस सेंटर में नौकरियों के 2,000 नए अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही, इसRNAIPL फैक्ट्री में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देकर इसे आने वाले समय में कार्बन-न्यूट्रल बनाने की भी योजना है।
रेनॉ-निसान-मित्सुबिशी गठबंधन के लिए पिछले सप्ताह नई हाइ-वैल्यू-क्रिएशन परिचालनगत परियोजनाओं की घोषणाओं के मद्देनज़र, आज चेन्नई में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में निसान के डायरेक्टर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, रिप्रिज़ेन्टेटिव एग्ज़ीक्युटिव ऑफिसर तथा एलायंस बोर्ड के सदस्य अश्वनी गुप्ता ने तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री थिरु एम के स्टालिन और तमिलनाडु सरकार के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में रेनॉ तथा निसान के भारतीय परिचालनों के भविष्य की रूपरेखा का खुलसा किया।
गिलॉम कार्टियर, चेयरपर्सन, निसान – अफ्रीका, मिडल ईस्ट, इंडिया, यूरोप एवं ओशनिया रीजन ने कहा, ”रेनॉ तथा निसान भारतीय मार्केट के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, भारतीय मार्केट को इलैक्ट्रिफाइ करने तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को न्यूनतम करने के लिए वचनबद्ध हैं।”
”भारत पहला एलायंस प्लांट था और भारत ही इस अलायंस के नए अध्याय का केंद्रबिंदु होगा जहां से नए वाहन, नई आर एंड डी गतिविधियां तथा नए निर्यात बाजारहमारे संयुक्त परिचालनों को अगले स्तर पर ले जाएंगे।
”यह पहला अवसर है जबकि भारत में निसान की पेशकश में भी हाइ-क्वालिटी एसयूवी और ईवी की हमारी वैश्विक ताकत को देखा जा सकेगा और कुल-मिलाकर, हमारे कर्मियों, ग्राहकों तथा समुदायों के लिए अधिक मूल्य-सृजन होगा।”
फ्रांसवां प्रोवोस्त, इंटरनेशनल डेवलपमेंट एंड पार्टनरशिप्स, रेनॉ ग्रुप एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, अलायंस परचेज़िंग ऑर्गेनाइज़ेशन ने कहा, ”भारत रेनॉ ग्रुप के लिए प्रमुख बाजार है। पिछले 14 वर्षों में, हमने अपनी टीमों और डीलरों के साथ मिलकर रेनॉ ब्रैंड को विकसित किया है और हर साल 100,000 वाहनों की बिक्री दर्ज करा रहे हैं। भारत हमारी विश्वव्यपी आर एंड डी गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निसान के साथ यह प्रोजेक्ट 6 फरवरी को जारी नई अलायंस एंबिशन को साकार करने की दिशा में उठाया गया पहला ठोस कदम है।”













Add Comment