बजट पर अपनी टिप्पणी करते हुऐ मि. अभीक बरूआ चीफ इकोनोमिस्ट, एचडीएफसी बैंक ने कहा कि, बजट बढ़ते वैश्विक जोखिमों और निजी कैपेक्स चक्र में केवल नवजात सुधार को देखते हुए बजट अर्थव्यवस्था में निवेश को चलाने में मुख्य भूमिका निभायेगा । बजट में 2023-24 के लिए पूंजी परिव्यय को बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया, जो साल-दर-साल 33% की वृद्धि है।
बजट में राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 2022-23 में जीडीपी के 6.4% से घटाकर 2023-24 में 5.9% करने की आवश्यकता पर भी ध्यान दिया गया है। इसके परिणाम स्वरूप उधारी संख्या से बॉन्ड बाजार को कुछ राहत मिलने की संभावना है। हम वित्तवर्ष 24 में 10 साल की बॉन्ड यील्ड को 7-7.1% की ओर मॉडरेट होते हुए देखते हैं।
बजट में आयकर स्लैब में समायोजन की भी घोषणा की गई है जिससे अर्थव्यवस्था में खपत और बचत को बढ़ावा मिलने की संभावना है, विशेष रूप से आय पिरामिड के निचले कोष्ठकों में करदाताओं को लाभ होगा।













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