स्वच्छ ऊर्जा बनाने वाली कंपनी अवादा ग्रुप की ओर से आयोजित ‘अवादा भारत उदय यात्रा’ जयपुर पहुंची। स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान जयपुर में इस यात्रा के माध्यम से स्थानीय नागरिकों और संस्थाओं को टिकाऊ ऊर्जा और पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास किया गया। अवादा ग्रुप के पास 17.7 GWp से अधिक का स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो है। जो कंपनी की मजबूत निष्पादन क्षमताओं को दर्शाता है।
8 मई 2026 को कंपनी के नोएडा ऑफिस से रवाना हुई यह यात्रा एक राष्ट्रव्यापी जागरुकता आंदोलन के इरादे से आगे बढ़ रही है। इसका लक्ष्य है जमीनी स्तर पर लोगों के बीच स्वच्छ ऊर्जा की समझ को मजबूत करना ताकि वे इसे अपनाएं और सस्टेनेबल रहन-सहन को बढ़ावा मिले, इस तरह भारत पहले से ज्यादा स्वच्छ और ज्यादा स्वावलंबी ऊर्जा युक्त भविष्य की ओर अग्रसर होगा।
खास तौर पर डिजाइन की गई वैन अब तक उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित आठ राज्यों और 13 शहरों को कवर करते हुए लगभग 4033 किलोमीटर का फासला तय कर चुकी है। ऑन-ग्राउंड गतिविधियों और जन-भागीदारी कार्यक्रमों के माध्यम से यह यात्रा लोगों से सम्पर्क स्थापित करेगी।
जयपुर में इस यात्रा को वहां के स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों व स्थानीय संस्थानों से बहुत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली जिससे जाहिर होता है सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, पनबिजली जैसे नवीकरणीय ऊर्जा विकल्पों में जनता की रुचि बढ़ रही है।
इस अवसर पर अवादा ग्रुप के चेयरमैन श्री विनीत मित्तल ने कहा, “आज वह समय आ गया है जब हम पूरी तरह से प्राकृतिक ऊर्जा की ओर बढ़ें। बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहने के बजाय खुद की ऊर्जा पैदा करना देश की सुरक्षा और तरक्की के लिए बहुत जरूरी है। ‘अवादा भारत उदय यात्रा’ के जरिए हम स्वच्छ ऊर्जा को हर घर तक पहुंचाना चाहते हैं ताकि यह केवल एक अभियान न रहकर एक जन-आंदोलन बन जाए।“
इस यात्रा के जयपुर में पड़ाव के दौरान कई दिलचस्प गतिविधियां हुई जैसे नुक्कड़ नाटक द्वारा स्वच्छ ऊर्जा के कॉन्सेप्ट को सरलता से समझाना, स्वच्छ ऊर्जा के बारे में गलतफहमियों को दूर करने वाले सत्र आयोजित किए गए, लोगों को डिजिटल ग्रीन प्लेज लेने का अवसर दिया गया जिससे वे सस्टेनेबल तौर-तरीके अपनाने को प्रोत्साहित हों।
इस पहल को स्थानीय नागरिकों से बहुत अच्छी भागीदारी मिली, ऊर्जा के कुशल उपयोग पर बातचीत हुई, लोगों ने सस्टेनेबिलिटी के बारे में समझा औैर जाना की जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर वे स्वयं क्या योगदान दे सकते हैं।
जयपुर के कामयाब सफर के बाद अब यह यात्रा अलवर की ओर अग्रसर होगी और स्वच्छ ऊर्जा एवं सस्टेनेबल रहन-सहन के विषय पर जागरुकता का प्रसार करेगी।
’अवादा भारत उदय यात्रा’ के लिए दो वैन खास तौर पर डिजाइन की गई हैं जो 35 दिनों की अवधि में देश के 9 राज्यों व 27 शहरों का दौरा करेंगी और सस्टेनेबिलिटी के संदेश को जनता तक पहुंचाएंगी।
देश भर में अवादा ग्रुप स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो 17.7 GWp को पार कर चुका है, जिसमें 7.2 GWp काम कर रहा है और लगभग 10.5 GWp निर्माणाधीन है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने अपनी क्षमता में 2 GWp का इजाफा किया है जो दर्शाता है कि कंपनी की निष्पादन क्षमता मजबूत है और वह निरंतर वृद्धि कर रही है। कंपनी के विभिन्न कारोबारों में शामिल हैं- नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन हाइड्रोजन व उसके डेरिवेटिव (ग्रीन अमोनिया व ग्रीन मैथनॉल समेत), ग्रीन डाटा सेंटर, पम्पड स्टोरेज प्रोजेक्ट और एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस।
इस स्वच्छ ऊर्जा कंपनी ने राजस्थान में 1.25 GWp क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट तैयार किया है। यह किसी निजी ऊर्जा उत्पादक कंपनी द्वारा बनाया गया दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल साइट सोलर पावर प्लांट है।
अवादा ग्रुप की सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) शाखा अवादा फाउंडेशन राजस्थान में शिक्षा को अकादमिक सहायता और इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए मज़बूत बनाकर और पेड़ लगाने एवं सोलर पहलों के ज़रिए पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देकर समग्र विकास को आगे बढ़ा रही है। यह महिलाओं की क्रिकेट टीम, बादनूं को सहयोग और लंबे समय तक स्पॉन्सरशिप देकर महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रही है।












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