केंद्र सरकार ने दाल इंडस्ट्रीज़ के बाय प्रोडक्टस चूरी, छिलका, खण्डा (सप्लीमेंट्स एण्ड हस्क ऑफ पल्सेस) पर 05% जीएसटी समाप्त कर दिया है, इसके लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदीजी और वित्तमंत्री माननीया श्रीमती निर्मला सीतारमनजी को बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार | इस सम्बंध मे जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, उपाध्यक्षद्वय सुभाष गुप्ता, अनिल सुरेका (अकोला), राजकुमार पचीसिया (बीकानेर), रूपेश राठी (अकोला), अशोक वासवानी (बीकानेर) एवं अनुग्रह जैन (जबलपुर) ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति मे बताया कि पूर्व मे केंद्र सरकार ने बाय प्रोडक्टस चूरी, छिलका, खण्डा (सप्लीमेंट्स एण्ड हस्क ऑफ पल्सेस) जो कि दुधारू पशुओ (गाय, भैंस आदि) के आहार के रूप मे आने वाली सामग्री है, पर सर्क्युलयर क्रमांक 179/11/2022 दिनांक 3 अगस्त 2022 से 05% जीएसटी लगा दिया था | जिसे समाप्त कराने के लिए संगठन से लगातार प्रयास किए जा रहे थे|
पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस सम्बंध मे ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधि मण्डल ने नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली मे वित्त मंत्री, भारत सरकार माननीया श्रीमती निर्मला सीतारमनजी के साथ दिनांक 12/09/2022 को मीटिंग की एवं उनसे अनुरोध किया कि चूरी, छिलका, खण्डा को जीएसटी से मुक्त किया जावे | साथ ही माननीय प्रधानमंत्री जी एवं वित्तमंत्री महोदया से लगातार पत्र व्यवहार किया गया और दिल्ली जीएसटी कौन्सिल के वरिष्ठ अधिकारियों से सतत विडिओ कॉन्फ्रेंस और फोन पर संपर्क किया गया | संगठन के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने जीएसटी कौन्सिल की 48वी मीटिंग मे निर्णय लेकर पशु आहार के रूप मे आने वाले दाल इंडस्ट्रीज़ के बाय प्रोडक्ट चूरी, छिलका, खण्डा पर 5% जीएसटी समाप्त कर दिया है |
इस सम्बंध मे सरकार से जीएसटी समाप्त करने के लिए नई दिल्ली मे माननीया वित्त मंत्री महोदया को लगातार अवगत कराया गया कि इस प्रकार से 5% जीएसटी लगाया गया है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए –
*A.* सीरियल न. 102 अधिसूचना क्रं. 02/2017 सेंट्रल टैक्स (रेट) दिनांक 28/06/2017 जब जीएसटी लागु हुआ था, तभी से सप्लीमेंट्स एण्ड हस्क ऑफ पल्सेस, जीएसटी से मुक्त है | इसी प्रकार सीरियल न. 103/ए अधिसूचना क्रं. 01/2017 सेंट्रल टैक्स (रेट) दिनांक 28/06/2017 मे भी सप्लीमेंट्स एण्ड हस्क ऑफ पल्सेस, जीएसटी से मुक्त है | वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के कारण दुधारू पशुओ (गाय, भेस आदि) के उपयोग मे आने वाली वस्तु महंगी हो रही है |
*B.* ओडीशा हाईकोर्ट के एक जजमेंट, जो कि मिश्रित पशु आहार (COMPOUNDED CATTLE FEED) के बारे मे था, उस डिसिशन के प्रकाश में एक अधिसूचना जारी हुई, जिसमे इन दोनों वस्तुओ को बाय प्रोडक्ट ऑफ केटल फ़ीड मानकर कर योग्य बताया गया, उस अधिसूचना से समस्त व्यापारी जगत और दाल इंडस्ट्रीज़ मे कारोबार प्रभावित हो रहा है तथा व्यापार मे रुकावट आ रही है |
*C.* भारत में दाल मिले विगत 1960 से कार्यरत है तथा यह मिश्रित पशु आहार के प्लांट पिछले 10 वर्षों से प्रचलन मे आए है | इन केटल फ़ीड प्लांट द्वारा MOLASSES (गुड़ की राब), CORN FLOUR (मक्का का आटा), RICE BRAN, CALCIUM तथा ARTIFICIAL CEMICAL का उपयोग करके मिश्रित पशु आहार (COMPOUNDED CATTLE FEED) बनाया जाता है |
*D.* दाल इंडस्ट्रीज़ के सप्लीमेंट्स एवं चूरी की उच्च कीमते होने के करण मिश्रित पशु आहार के प्लांट्स द्वारा इसका उपयोग नहीं के बराबर किया जाता है |
*E.* दाल इंडस्ट्रीज़ के बाय प्रोडक्ट चूरी, छिलका, खण्डा (सप्लीमेंट्स एण्ड हस्क ऑफ पल्सेस) का उपयोग गत कई वर्षों से देश के किसानों और पशु पालकों द्वारा अपने दुधारू पशुओ (गाय, भेस आदि) को पौष्टिक पशु आहार के रूप मे खिलाया जाता है |
सरकार ने संगठन के अनुरोध पर दाल इंडस्ट्रीज़ के बाय प्रोडक्ट चूरी, छिलका, खण्डा (सप्लीमेंट्स एण्ड हस्क ऑफ पल्सेस) को 5% जीएसटी से मुक्त कर दिया है, इसके लिए प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदीजी और वित्त मंत्री माननीया श्रीमती निर्मला सीतारमनजी को बहुत बहुत धन्यवाद, आभार एवं साधुवाद |













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