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मैपल हाईवेज ने एक्सप्रेसवे ईपीई का किया अधिग्रहण

वैश्विक निवेश समूह सीडीपीक्यू द्वारा भारत में सड़क क्षेत्र में निवेश के लिए समर्पित रूप से स्थापित मैपल हाईवेज ने आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बाहर से गुजरने वाले ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) का अधिग्रहण पूरा करने का एलान किया।

भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी) के तहत 6,267 करोड़ रुपये में हुआ यह सौदा इस साल केंद्र सरकार के एसेट मोनेटाइजेशन प्रोग्राम के तहत सड़क क्षेत्र में हुआ सबसे बड़ा सौदा है।

135 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेस हाईवे 2018 से परिचालन में है और इसे दिल्ली में आने वाले वाणिज्यिक वाहनों की संख्या को कम करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है, जो एनसीआर के पूर्वी ओर से होते हुए हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से गुजरता है। इस एक्सप्रेसवे पर प्रकाश की सभी व्यवस्थाएं सौर ऊर्जा से संचालित हैं।

नेशनल एक्सप्रेसवे 2 के नाम से लोकप्रिय ईपीई भारत का पहला इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) से लैस मार्ग है। इसमें ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और हर 500 मीटर पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बना है। इसमें क्लोज्ड लूप टोलिंग सिस्टम है और 99 प्रतिशत राजस्व इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग के माध्यम से आता है। इसमें इंटरऑपरेबल आरएफआईडी टैग का प्रयोग होता है, जिसे फास्टैग के नाम से जाना जाता है।

सीडीपीक्यू के लिए यह अधिग्रहण भारत में लंबी अवधि तक राजस्व निर्माण में सक्षम रोड एसेट में एवं रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्रों में पोर्टफोलियो विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस साल की शुरुआत में मैपल हाइवेज ने पूर्वी भारत के ओडिशा में भुवनेश्वर से चंडीखोल के बीच 67 किलोमीटर के टोल रोड प्रोजेक्ट श्री जगन्नाथ एक्सप्रेसवे का भी अधिग्रहण पूरा किया था।

भारतीय राजमार्ग बहुत बड़े एवं अवसरों का उभरता हुआ बाजार हैं। सरकार के रोड मोनेटाइजेशन प्रोग्राम के तहत सार्वजनिक-निजी हिस्सेदारी को गति देने के उद्देश्य से कई टोल रोड्स के लिए टीओटी प्रस्तावित हैं। साथ ही बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल पर भी काम हो रहा है।

भारत का पहला स्वतंत्र, समर्पित रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) तैयार करते हुए सीडीपीक्यू ने अपने साथ घरेलू पूंजी को भी शामिल किया है, जिसमें आईआईएफएल एएमसी जैसे अग्रणी निवेशकों और फैमी केयर ग्रुप की तपारिया फैमिली जैसे निवेशकों ने रुचि दिखाई है।

सीडीपीक्यू के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड ऑफ इन्फ्रास्ट्रक्चर इमैनुएल जैकलट ने कहा, ‘गुणवत्तापूर्ण राजमार्गों से भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास सुनिश्चित होता है। सीडीपीक्यू द्वारा 2021 में स्थापित मैपल हाईवेज रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर में विशेषज्ञता के साथ ही ईएसजी को लेकर भी प्रतिबद्ध है। इसने अपने निवेशकों के लिए ऐसे एसेट चुने हैं, जिनसे लंबी अवधि तक रिटर्न सुनिश्चित हो। जैसे-जैसे वैश्विक सप्लाई चेन में तेजी से बदलाव हो रहा है और भारत में मात्रात्मक वृद्धि हो रही है, हम अपने रोड पोर्टफोलियो को और विस्तार देने के लिए प्रयासरत हैं।’

मैपल हाईवेज के सीईओ अनूप विकल ने कहा, ‘मैपल हाईवेज सही मायनों में अलग तरह का प्लेटफॉर्म है। यह निवेशकों द्वारा समर्थित इनविट का नया मॉडल है, जो भारतीय राजमार्गों को संचालित एवं संवर्धित कर रहा है। ईपीई का अधिग्रहण करने के बाद मैपल हाईवेज इस एक्सप्रेसवे को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। साथ ही रोड सेक्टर में सीडीपीक्यू के अनुभव का भी लाभ लिया जाएगा। साथ ही हाईवे मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी की तकनीकों एवं ईएसजी में इसकी विशेषज्ञता का भी लाभ मिलेगा।’

मैपल हाईवेज और सीडीपीक्यू ऐसी संभावनाओं पर आगे भी काम करते रहेंगे जहां बेहतर ट्रैफिक और स्थायी कैश फ्लो के माध्यम से टोल रोड एसेट के जरिये शेयरधारकों को लंबी अवधि के रिटर्न मिलें। सीडीपीक्यू वैश्विक स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा संस्थागत निवेशक है। भारत समेत वैश्विक स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो में कंपनी का नेट एसेट 45 अरब कनाडाई डॉलर का है। विकास की संभावनाओं एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को देखते हुए सीडीपीक्यू के लिए भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार है।