माइक्रोफाइनेंस उद्योग समाज के निचले स्तर पर सम्पत्ति निर्माण और आय सुरक्षा के बड़े स्तर को प्राप्त करने के लिए आर्थिक रूप से वंचित लोगों के समुदायों की
सहायता कर रहा है। भारत के ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाओं की अपर्याप्त और और प्रतिभूतियों और कोलेटरल की आवश्यकता ने भारतीय अर्थव्यवस्था के कमजोर वर्ग को औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुंचने से दूर रखा है। हालांकि, माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं के आने और टैक्नोलॉजी में प्रगति के कारण पिछले कुछ दशकों में इस स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उद्योग लाखों ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाकर उन्हें सशक्त बना रहा है।
लाइट माइक्रोफाइनेंस एक ऐसा एनबीएफसी-एमएफआई है जो आत्मनिर्भर ग्रामीण महिलाओं की कहानियां लिख रहा है और केवल घरेलू कामों तक सीमित ग्रामीण महिलाओं की रूढ़ियों को तोड़ कर उनमे आत्मविश्वास का संचार कर रहा है।
बीकानेर, राजस्थान की 37 वर्षीय गृहिणी मंजू देवी के पास शिक्षा के मामले में ज्यादा अवसर नहीं थे क्योंकि उन्होंने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। हालांकि, अपनी उद्यमशीलता की यात्रा की शुरुआत करना उनके लिए कोई बाधा नहीं थी। गांवों में महिलाओं की सामाजिक आर्थिक भूमिका के बारे में सामान्य धारणा महिलाओं को घरेलू गतिविधियों तक ही सीमित रखती है। घर से बाहर निकलने और अपना खुद का व्यवसाय करने में महिलाओं के लिए सीमित सामाजिक सहयोग ही मिल पाता है। मंजू भाग्यशाली थी कि उसके पति ने उसे सिलाई का काम करने दिया, और यह एक दशक से अधिक समय तक जारी रहा, लेकिन उनकी संयुक्त आय उनकी घरेलू जरूरतों और बेटियों की शिक्षा को पूरा करने में सक्षम नहीं थी।
मंजू अपने मौजूदा सिलाई व्यवसाय को बढ़ाकर अपनी पारिवारिक आय बढ़ाने के लिए पक्का इरादा कर चुकी थी। लाइट माइक्रोफाइनेंस के साथ समय पर जुड़ाव ने उसकी फण्डिंग की खोज को आसान बना दिया क्योंकि वह ‘कोलेटरल फ्री‘ ऋण प्राप्त कर सकती थी। मंजू ने एक ऋण अधिकारी से आवश्यक जानकारी प्राप्त की और अपने नियमित सिलाई व्यवसाय को एक बुटीक तक बढ़ाने के लिए ऋण लिया। उसने दो सिलाई मशीन और अन्य उपकरण खरीदने के लिए ऋण राशि का उपयोग किया। उसकी ईमानदारी और लगन के कारण सिलाई की दुकान तेजी से आगे बढ़ने लगी, इतना ही नहीं मिसाल के तौर पर, उसने अपनी दुकान में दो अन्य महिलाओं को काम पर रखा। उन्होंने कई अन्य इच्छुक महिलाओं के लिए मुफ्त प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना भी शुरू किया। गौरवान्वित मां मंजू अपनी बेटियों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।
अपने आसपास की अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी मंजू देवी लाइट माइक्रोफाइनेंस के प्रति अपना आभार व्यक्त करती हैं और कहती हैं, मैं हमेशा अपने परिवार की माली हालत में सुधार करना चाहती थी और मेरी उद्यमशीलता की यात्रा के दौरान मुझे लाइट माइक्रोफाइनेंस मिला।
सही तकनीकी सलाह और समय पर ऋण के वितरण ने मुझे अपने व्यवसाय को आकार देने में मदद की है। इसने मुझे परिवार में एक सम्मानजनक स्थान दिया। मैं लाइट माइक्रोफाइनेंस का बहुत आभारी हूं।












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