पिक्‍सआर्ट की जलवायु परिवर्तन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए पृथ्वी दिवस पर विशेष स्टिकर की शुरुआत
पिक्‍सआर्ट की जलवायु परिवर्तन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए पृथ्वी दिवस पर विशेष स्टिकर की शुरुआत
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पिक्‍सआर्ट की जलवायु परिवर्तन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए पृथ्वी दिवस पर विशेष स्टिकर की शुरुआत

पिक्‍सआर्ट ने जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पृथ्वी दिवस मनाने के लिए विशेष स्टिकर्स, बैकग्राउंड्स और टेम्पलेट्स की एक श्रृंखला शुरू की है। नए उपकरण इस साल की थीम “अपनी पृथ्‍वी की बहाली” और वनों और अन्य पारितंत्रों के संरक्षण के महत्व को दर्शाने वाले भारत सरकार के ग्रीन इंडिया मिशन के अनुरूप तैयार किए गए हैं।  

इन स्टिकर, टेम्प्लेट और बैकग्राउंड्स की शुरुआत के साथ, पिक्‍सआर्ट का उद्देश्य अपने सहस्राब्दी उपयोक्‍ताओं से जुड़ना और हमारे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की ज़रूरत के बारे में जागरूकता फैलाना है। इन स्टिकर्स से पिक्सआर्ट क्रिएटर्स इस पृथ्वी दिवस पर अधिक स्‍वच्‍छ, अधिक हरी भरी और स्वस्थ पृथ्वी के लिए जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए अद्वितीय डिजिटल कलाकृति बना सकेंगे। पहली बार, पिक्‍सआर्ट ने अधिक स्वच्छ, अधिक हरे भरे भारत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवीन स्वच्छ भारत स्टिकर भी पेश किए हैं। 

पर्यावरण जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हर साल 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। साथ ही, कोविड-19 महामारी के कारण इस वर्ष अधिकांश पृथ्वी दिवस समारोह वर्चुअल होंगे। पिक्‍सआर्ट के नए स्टिकर्स लोगों को जलवायु परिवर्तन के बारे में ऑनलाइन अपना संदेश फैलाने में मदद करेंगे और हम सबके लिए भावी पीढ़ियों के लिए अपनी पृथ्‍वी के संरक्षण के लिए मिल-जुलकर काम करने की आवश्यकता है।  

पिक्‍सआर्ट के कंट्री हेड रविश जैन का कहना है “प्रकृति हर चीज की कुंजी है। किंतु दुनिया भर में तेज़ी से विकास और अन्य बदलावों के साथ, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसे मुद्दे शीर्ष प्राथमिकता बन गए हैं। महामारी ने हमें यह भी महसूस कराया है कि प्रकृति में संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उस संतुलन को प्राप्‍त करने के लिए सभी को लगातार विकास और जलवायु संरक्षण की दिशा में मिलकर काम करने की ज़रूरत है। ऐसे समय के दौरान जागरूकता पैदा करना बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है। पिक्‍सआर्ट इस बेहद जरूरी बदलाव का रचनात्मक माध्यम बनना चाहता है और हम इस दिशा में अपना काम कर रहे हैं।”

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