विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (नैक A+ ) ने गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक शानदार समारोह के साथ 6वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। इस दीक्षांत समारोह में कुल 830 छात्र-छात्राओं को उनकी उपाधि से सम्मानित किया गया। जिसमें कुल 8 शोधार्थियों को पी-एच.डी की उपाधि और 822 छात्र-छात्राओं को अन्य डिग्रियां प्रदान की गयी। दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला तथा अन्य प्रमुख गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह की शुरुआत में विश्वविद्यालय के अकादमिक जुलूस तथा विश्वविद्यालय परिसर बैंड के साथ गणमान्य अतिथियों को समारोह स्थल पर ले जाया गया। गणमान्य अतिथियों के मंच पर आगमन के पश्चात मंगलाचरण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गयी।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सीखना एक सतत प्रक्रिया है और लोग जीवन भर सीखते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कड़ी मेहनत और समर्पण छात्रों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाते हैं। श्री बिड़ला ने छात्रों से देश के जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा में उच्च मानकों को बनाए रखने और युवा स्नातकों को समाज के अनुरूप ढालने में मदद करने के लिए विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की। आगे उन्होंने कहा कि छात्रों ने यहां शिक्षा प्राप्त करने के बाद आज एक नए जीवन की शुरुआत करने जा रहे हैं। अलग -लग सौ से ज्यादा विषयों में शिक्षा प्राप्त की उनके लिए तो ये बड़ा दिन है ही साथ ही आज हम शिक्षकों के लिए भी बड़ा दिन है, जिन्होंने उन्हें मार्गदर्शन दिया। ऐसे छात्र-छात्राओं के माता पिता के लिए भी यह एक उत्सव का दिन है। मुझे खुशी है कि इस विश्वदियालय नेबहुत कम समय के अंदर देश में एक ख्याति प्राप्त की है, इसके लिए मैं संस्था के सभी ट्रस्टी को साधुवाद देता हूं। जो कुछ भी यहाँ से सीखा उसी के आधार पर यहाँ के छात्रों को देश की सेवा करनी है। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था की अगर देश में कोई परिवर्तन लाना है तो हमें देश के ऊर्जावान नौजवानों की आवश्यकता है जो देश में परिवर्तन लाए। उस सपनों को आज हम पूरा होते देख रहे हैं। आज भारत का नौजवान दुनिया में नेतृत्व कर रहा है, आज दुनिया के अंदर भारतीय नवजवानों की मांग है। अपने भाषण के अन्त में उन्होने युवाओं से यह आह्वान किया कि उठो जागो और आने समय में दुनिया पर राज करो यही हमारा नारा है।
विश्वविद्यालय के द्वारा कृषि और मौसम विज्ञान के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए दो बहुत ही प्रतिष्ठित और शानदार व्यक्तित्व- पद्म भूषण प्रो.आर.एस.परोडा और प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह राठौर को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि (मानद उपाधि) प्रदान करके सम्मानित किया।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विजय वीर सिंह ने अपने संबोधन में प्रो. परोदा और प्रो. राठौर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इनके जैसे विख्यात और सम्मानित हस्तियों को किसी विशेष परिचय की आवश्यकता नहीं है। उनकी उपलब्धियों के बारे में बहुत कुछ बताने के लिए उनके नाम ही काफी हैं। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली के आधुनिकीकरण और मजबूती में उनके योगदान की भी सराहना की और महानिदेशक के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की सेवा की। प्रो. राठौर ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक के रूप में कार्य किया और भारत में कृषि- मौसम संबंधी सलाहकार सेवा के विकास सहित मौसम और जलवायु पूर्वानुमान में सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विश्वविद्यालय के द्वारा कुल 830 छात्रों को उक्त डिग्रियां प्रदान की गईं। जिसमें, 63 मेधावी छात्रों को 28 स्वर्ण पदक, 20 रजत पदक और 15 कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। प्रों. सिंह ने स्नातक करने वाले सभी छात्रों को बधाई दी और कहा कि 10 नए कार्यक्रमों के छात्र जो डिग्री प्राप्त करने वाले इन कार्यक्रमों के पहले बैच हैं, विशेष सराहना के पात्र हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू) को ऑनलाइन मोड में एमबीए, बीबीए, बीसीए, बीए और एमए के पूर्ण कार्यक्रमों की पेशकश करने के लिए यूजीसी और एआईसीटीई से मंजूरी मिली है और हम इसी महीने से इन कार्यक्रमों को शुरू करने के लिए तैयार हैं।
इसके अलावा, इन कार्यक्रमों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रोफेसरों सहित विभिन्न विषयों में बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों की भर्ती करके अपने संकाय और कर्मचारियों को जोड़ा है।
विवेकानंदा ग्लोबल यूनिवर्सिटी आगामी शैक्षणिक सत्र (2023-24) से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। तदनुसार, विश्वविद्यालय बहु- प्रवेश और निकास विकल्प के साथ बहु- विषयक और अंतःविषय कार्यक्रम/ पाठ्यक्रमों की पेशकश करने के लिए यूजीसी के पाठ्यक्रम और क्रेडिट ढांचे के अनुरूप ढांचा विकसित कर रहा है। इसके अलावा, वीजीयू को यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार कई प्रवेश और निकास विकल्पों के लाभ उठाने के लिए छात्रों के क्रेडिट संचय की सुविधा के लिए अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) योजना में भी सूचीबद्ध किया गया है। हमारे छात्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए, हम सभी विषयों में पाठ्यचर्या के साथ सह- पाठ्यचर्या और पाठ्येतर के एकीकरण को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं।
नतीजतन, इस साल प्लेसमेंट संतोषजनक रहे हैं। विश्वविद्यालय हमारे छात्रों के लिए 200 से अधिक अवसर लाने में सक्षम रहा और 600 छात्रों को महिंद्रा एंड महिंद्रा, अमेज़ॅन, टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, टेक एम, अदानी, अल्ट्राटेक, एलएंडटी, डाइकिन, बॉश, जीनस पावर जैसी विभिन्न कंपनियों में नियुक्त हुये हैं। हमारे अपने पूर्व छात्रों के नेतृत्व में फ्लिटपे जैसे सफल स्टार्ट- अप भी प्रमुख भर्तीकर्ताओं में से एक रहे हैं।
विश्वविद्यालय परिवार सरकारी और कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम कर रहे दुनिया भर में अपने पूर्व छात्रों को पाकर गर्व महसूस कर रहा है। सरकार में, छात्रों को भारतीय सिविल सेवा, भारतीय इंजीनियरिंग सेवा और राजस्थान सरकार सहित विभिन्न नौकरियों में रखा जाता है। कॉर्पोरेट क्षेत्र में यहाँ के पूर्व छात्र रिलायंस, आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, एडोब, एचपी, अमेज़ॅन, टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, एक्सेंचर, बैंक ऑफ अमेरिका, केपीएमजी, अडानी ग्रुप ऑफ कंपनीज, लार्सन एंड टर्बो, बॉश, ई एंड वाई, में वीजीयू का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, फ्लिपकार्ट, डाइकिन, लीला और ताज समूह जैसे कुछ नाम हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक विभाग के विभागाध्यक्षों/ संकायध्यक्षों ने संबंधित विभागों के स्नातकों के नाम बुलाए जिन्हें सम्मानित अतिथि द्वारा प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया। इसके पश्चात अतिथि के रूप में आए छात्र-छात्राओं के माता- पिता ने अपने बच्चों को पेशेवरों के रूप में ढालने के लिए हमारे संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।













Add Comment