रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड ( RIL ) की CSR आर्म और याकुल्ट डोनेन इंडिया प्राईवेट लिमिटेड, जापान और फ्रेच संयुक्त कम्पनी से सहयोग करते हुए (जो प्रोबायोटिक और उनसे संबंधित क्लिनिक शोध ओर्गेनाईज़ेशन के क्षेत्र में, विश्व भर में अग्रणी हैं )- यह घोषित किया की वह रिलायंस फाउंडेशन युवा चैमप्स ( RFYC ) के साथ साझेदारी करेगी।यह एसोसिएशन RFYC स्कॉलरस का मूल्यांकन अंतर्राष्ट्रिय युवा फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए एशिया भर में करेगी। भविष्य में रिलांयंस संस्था में याकुल्ट टीम,कोचिंग और परफार्मेंस टीमों के साथ मिलकर प्रोबायोटिक और अन्य प्रकार के पोषण के विषय में जानकारी देने का काम करेगी तथा स्कॉलर्स के संपूर्ण विकास में सहयोग देगी।
भविष्य में RFYC स्कॉलर्स अलग-अलग आयु वर्ग के बीच होंने वाले टूर्नामेंट प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर पाएँगे।साथ ही वे अपना अनुभव ट्रेनिंग और ज्ञान सम्मिलित रूप से क्लब फुटबाल
के सदस्यों के साथ साझा कर सकेंगे।यह गठबंधन खेल के विषय में जानकारी को जापान और भारत के बीच साझा करने में तथा युवा खिलाडियों के विकास में सहयोग देगा।
इससे पूर्व RFYC टीम भारत की प्रीमियम लीग और इंग्लैंड की टीम के समकक्ष खेलती रही है।अक्तूबर 22 में RFYC U14 टीमों ने मलेशिया सुपर मोख कप 2022 में भाग लिया है तथा यूरोपियन, अशियन और जापानी टीमों के समकक्ष खेलती रही है।वर्ष2023 में RFYC U17 टीम जापान के सैनिटिक्स अंतर्राष्ट्रीय कप में भाग लेने के लिए जापान जाएगी।
याकुल्ट डोनेन इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री हिरोशि हमादा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा “हम रिलायंस फाउंडेशन के साथ साझेदारी में भारत के युवा वर्ग के स्वास्थ्य को सुधारने और उसे बढाने में रूचि रखते हैं । विश्व भर के लोगों के लिए स्वास्थ्य और प्रसन्नता को बढाने में सहयोग देना हमारे,समूह का दर्शन है।
“इस प्रकार के CSR कामों द्वारा हम फुटबॉल के इकोसिस्टम में स्थान रखने वाले विविध देशों जैसे जापान और मलेशिया के साथ अब भारत में भी रिलायंस फाउंडेशन यंग चैम्पस कार्यक्रम से जुडकर अपना कार्य-संबंध कायम करेगी।“
श्री हमादा ने कहा “हम एथलीटों एवम खिलाडियों के साथ-साथ – रिलांयस फाउंडेशन यंग चैमपस के साथ जुडे स्टाफ के लिए भी याकुल्ट के वे महत्वपूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराएंगे, जो वैज्ञानिक रूप से स्वास्थ्य के लिए लाभदायक सिद्ध हुए हैं ।जिससे उन्हें रोग-प्रतिरोधक क्षमता के साथ-साथ संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलेगा तथा संक्रमण का खतरा भी कम होगा। याकुल्ट की टीम इस संस्थ में कोचिंग और प्रदर्शन टीमस् के स्कॉलरस के साथ प्रोबायोटिक और पोषण के विषय में ज्ञान बढाने तथा संपूर्ण विकास हेतु काम करेगी”।













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