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 जीएपीआईओ सम्मलेन में 57 देशों के 500 से ज्यादा डॉक्टर्स शामिल

ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन (जीएपीआईओ) का 13वाँ सम्मलेन इस शनिवार को गाँधीनगर में आरम्भ हुआ। इस दो दिवसीय सम्मलेन में 500 से अधिक डॉक्टर्स ने हिस्सा लिया जो 57 देशों से यहाँ उपस्थित हुए जिनमें भारतीय मूल के डॉक्टर्स, जो यूएस, यूके और ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत हैं, वे भी शामिल थे। इस सम्मलेन के अंतर्गत, सभी भाग लेने वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित कई विषयों और स्वास्थ्य देखभाल के विभिन्न क्षेत्रों में नवीनतम इन्नोवेशंस पर विचार-विमर्श किया। इनमें कार्डियक साइंस, न्यूरोसाइंसेस, नेफ्रोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूट्रिशन और नर्सिंग जैसे विषय शामिल थे।

जीएपीआईओ के संस्थापक अध्यक्ष और अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा भारत और विदेशों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए भारतीय मूल के चिकित्सकों की भावना को पहचानने का हम प्रयास कर रहे हैं। दुनिया भर में उनके प्रशंसनीय प्रयासों और अग्रणी कार्यों ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया है। पुरस्कार विजेताओं का अनुकरणीय कार्य दूसरों के लिए एक प्रेरणा का स्त्रोत है।

गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल ने कहा भारत सफलतापूर्वक कोविड-19 महामारी की छाया से बाहर आ गया है, लेकिन गैर-संचारी रोग जैसे कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह के बढ़ते बोझ के कारण स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में आगे बड़ी चुनौतियाँ आ गयी हैं। आगे का रास्ता, समाधान प्रदान करना है, जो किफायती भी हो और समाज के सभी वर्गों द्वारा इसका लाभ उठाया जा सके। इन समाधानों को साथ लाने और मानव जाति की सेवा करने में डॉक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आगे भी रहेगी।

जीएपीआईओ के अध्यक्ष और ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर, अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप, और सीनियर कंसल्टेंट पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ अनुपम सिब्बल ने कहा, जीएपीआईओ दुनिया में कहीं भी काम करने वाले भारतीय मूल के डॉक्टरों के लिए एक मंच प्रदान करता है, ताकि वे अपने ज्ञान को साझा कर सकें और समकालीन स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान और स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के दृष्टिकोण का आधुनिकीकरण तथा क्लीनिकल स्किल विकास जैसे मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान कर सकें।

जीएपीआईओ के उपाध्यक्ष डॉ. नंदकुमार जयराम ने कहा अनुसंधान और इन्नोवेशन भारत में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल की डिलीवरी में सुधार कर सकते हैं। देश अपनी असंख्य स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है यह सम्मेलन सबसे उपयुक्त कार्यप्रणाली की पहचान करने और स्वास्थ्य सेवा कार्यबल को बढ़ाने में मदद करेगा।