कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने 23 अप्रैल 2026 को श्रीनगर में कहा — नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 से पहले लागू करना ज़रूरी था। विपक्ष की देरी से भारत की महिलाएं हार रही हैं।
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देशभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व: कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का सफर

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का सार्वजनिक जीवन भारतीय सेना, अंतरराष्ट्रीय खेल और राजनीति के विभिन्न अनुभवों से जुड़ा है। सेना में सेवा, निशानेबाजी में भारत का प्रतिनिधित्व और सार्वजनिक जिम्मेदारियों तक का उनका सफर अनुशासन, प्रशिक्षण और निरंतर प्रयास के महत्व को दर्शाता है। उनके जीवन के अलग-अलग पड़ावों की जानकारी उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

भारतीय सेना में सेवा और अनुशासन

राज्यवर्धन राठौड़ ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में प्रशिक्षण प्राप्त किया। आधिकारिक जीवनी के अनुसार, उन्हें IMA में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड जेंटलमैन कैडेट के लिए ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। 15 दिसंबर 1990 को उन्हें 9 ग्रेनेडियर्स (मेवाड़) रेजिमेंट में कमीशन मिला।

उन्होंने भारतीय सेना में लगभग 26 वर्ष सेवा की और कारगिल युद्ध सहित विभिन्न सैन्य जिम्मेदारियां निभाईं। जम्मू-कश्मीर में उनकी तैनाती के दौरान आतंकवाद-विरोधी अभियानों में भागीदारी भी उनकी सेवा का हिस्सा रही। सैन्य जीवन में प्रशिक्षण, टीमवर्क और जिम्मेदारी का महत्व उनके करियर का एक प्रमुख पहलू रहा।

निशानेबाजी में भारत का प्रतिनिधित्व

सेना में सेवा के साथ-साथ निशानेबाजी में राज्यवर्धन राठौड़ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। वर्ष 2004 के एथेंस ओलंपिक में उन्होंने डबल ट्रैप शूटिंग में रजत पदक जीता। आधिकारिक जीवनी के अनुसार, यह ओलंपिक में भारत का पहला व्यक्तिगत रजत पदक था।

उन्होंने 2002 और 2006 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक भी जीते। इसके अलावा, विश्व कप शूटिंग प्रतियोगिताओं और अन्य अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में उनकी उपलब्धियों ने भारतीय निशानेबाजी को पहचान दिलाई। वर्ष 2005 में उन्हें पद्म श्री और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया गया।

खेल से सार्वजनिक जीवन तक

सेना से समयपूर्व सेवानिवृत्ति लेने के बाद राज्यवर्धन राठौड़ ने अगस्त 2013 में भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश किया। वर्ष 2014 में वे जयपुर ग्रामीण से लोकसभा सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा युवा मामले और खेल से संबंधित जिम्मेदारियां निभाईं।

आधिकारिक जीवनी में उनके राजनीतिक सफर के अंतर्गत जयपुर ग्रामीण से सांसद के रूप में उनके कार्यकाल और वर्ष 2023 से झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक के रूप में उनकी भूमिका का उल्लेख है। वर्तमान विभागीय जिम्मेदारियों की जानकारी समय के साथ बदल सकती है, इसलिए उनके लिए आधिकारिक वेबसाइट देखना उचित है।

नेतृत्व, युवाओं और खेलों पर ध्यान

सेना और खेलों में मिले अनुभव नेतृत्व, तैयारी और लक्ष्य के प्रति निरंतरता के महत्व को समझने का एक संदर्भ देते हैं। युवा विकास और खेलों से जुड़ी गतिविधियों में प्रशिक्षण सुविधाएं, प्रतिभाओं को अवसर और खेलों में भागीदारी बढ़ाना महत्वपूर्ण विषय हैं।

राजस्थान में खेलों से संबंधित नीतियों, सुविधाओं और अन्य पहलों की जानकारी आधिकारिक News & Updates सेक्शन में देखी जा सकती है। युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग भी उपयोगी स्रोत है।

अनुभव से सार्वजनिक जिम्मेदारी तक

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का सफर सेना, खेल और राजनीति के तीन अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ता है। इन क्षेत्रों में उनकी भूमिका और उपलब्धियां उनके सार्वजनिक जीवन की पृष्ठभूमि को समझने में मदद करती हैं। उनके वर्तमान कार्यों, विभागीय जिम्मेदारियों और नई गतिविधियों के बारे में जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट के About और News & Updates पेज देखे जा सकते हैं।

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