नोबेल हाइजीन लिमिटेड के एडल्ट डायपर ब्रांड- फ्रेंड्स (Friends)ने एक नया टेलीविजन विज्ञापन (TVC) लॉन्च किया है। यह विज्ञापन मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं में पेशाब पर नियंत्रण न रहने (यूरिन लीकेज) की समस्या को देखने के नजरिए में बदलाव लाने का प्रयास करता है। यह अभियान केवल इस समस्या से जुड़े सामाजिक संकोच को दूर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ एक और बड़ी चुनौती पर ध्यान केंद्रित करता है—पहली बार एडल्ट डायपर इस्तेमाल करने को लेकर होने वाली झिझक।
भारत में 45 वर्ष से अधिक उम्र की हर तीन में से एक महिला लंबे समय से पेशाब पर नियंत्रण न रहने की समस्या से जूझ रही है। इनमें से कई महिलाएं इस परेशानी को चुपचाप सहती हैं और समाधान तलाशने के बजाय अपनी जिंदगी को इसके अनुसार ढाल लेती हैं। वे कहां जा सकती हैं, कितनी देर घर से बाहर रह सकती हैं, क्या पहन सकती हैं और यहां तक कि किन लोगों से मिल सकती हैं—इन सभी बातों में बदलाव करने लगती हैं। समय के साथ इसका असर उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। उनकी रोजमर्रा की जिंदगी के कई फैसले इस समस्या से प्रभावित होते हैं, लेकिन इस बारे में खुलकर बात नहीं हो पाती।
पेशाब पर नियंत्रण न रहने की समस्या अपने आप में सामाजिक संकोच का कारण है, लेकिन एडल्ट डायपर के इस्तेमाल को लेकर एक अतिरिक्त बाधा भी है। आमतौर पर इन्हें बुजुर्गों या बिस्तर पर रहने वाले मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाले उत्पादों के रूप में देखा जाता है। इस वजह से मध्यम आयु वर्ग की महिलाएं खुद को इन उत्पादों से जोड़ने में असहज महसूस करती हैं। उन्हें यह चिंता भी रहती है कि क्या ये उत्पाद लीकेज को प्रभावी ढंग से रोक पाएंगे और क्या इन्हें पहनने के बाद किसी को पता नहीं चलेगा। सामाजिक संकोच और उत्पाद को लेकर इन आशंकाओं के कारण महिलाएं इनका इस्तेमाल करने से हिचकिचाती हैं।
अभियान पर टिप्पणी करते हुएकार्तिक कमल जोहरी, चीफ मार्केटिंग एंड ग्रोथ ऑफिसर, नोबेल हाइजीन लिमिटेडने कहा, “भारत में लंबे समय से पेशाब पर नियंत्रण न रहने की समस्या से जूझने वाले लोगों में लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। अनुमान के अनुसार, इनमें करीब 1.4 करोड़ मध्यम आयु वर्ग की महिलाएं शामिल हैं। यह एक बहुत बड़ा वर्ग है, जिसकी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर यह समस्या महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है। हालांकि, इस विषय पर बातचीत धीरे-धीरे खुल रही है, लेकिन एडल्ट डायपर से जुड़ा सामाजिक संकोच आज भी इनके इस्तेमाल में एक बड़ी बाधा है। इस अभियान के जरिए हमारा उद्देश्य एडल्ट डायपर को एक व्यावहारिक समाधान के रूप में स्थापित करना है, जो महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ यात्रा करने, सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने और सक्रिय जीवन जीने में मदद करे। इसके लिए उत्पाद और उसकी कार्यक्षमता, दोनों पर भरोसा बढ़ाना जरूरी है।”
साइडवेज (Sideways) द्वारा तैयार किए गए इस टीवी विज्ञापन में एक मध्यम आयु वर्ग की महिला की कहानी दिखाई गई है, जो अपनी सहेलियों के साथ यात्रा पर जाने की तैयारी कर रही है। सहेलियों की सलाह पर वह यात्रा से पहले पहली बार एडल्ट डायपर इस्तेमाल करने के लिए तैयार हो जाती है। हालांकि, सहेलियों के भरोसा दिलाने के बावजूद उसके मन में यह आशंका बनी रहती है कि जरूरत पड़ने पर उत्पाद प्रभावी साबित होगा या नहीं। उसकी यह झिझक पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोगों की एक आम चिंता को दर्शाती है—घर के आरामदायक माहौल से बाहर निकलने पर अचानक होने वाले अनैच्छिक लीकेज को संभालने के लिए क्या इस उत्पाद पर भरोसा किया जा सकता है?
अभियान पर बात करते हुएअभिजीत अवस्थी, फाउंडर, साइडवेजने कहा, “हम इस संवेदनशील श्रेणी को एक ऐसे पल के जरिए प्रस्तुत करना चाहते थे, जो सकारात्मक, सहज और मानवीय लगे। इस अभियान का मूल विचार बेहद सरल है—दोस्तों के साथ होने पर मन में भरोसा और आश्वासन बढ़ता है। इसके बाद हमारा प्रयास इस विचार को उत्पाद के साथ सहज तरीके से जोड़ने का था।”
इस अभियान में भरोसे की दो अहम भूमिकाएं दिखाई गई हैं। पहली, अपनों की सलाह और आश्वासन पर भरोसा; और दूसरी, उत्पाद की कार्यक्षमता पर विश्वास। इसकी नई टैगलाइन‘भरोसे वाली दोस्ती’इसी बदलाव को दर्शाती है। यह टैगलाइन अपनों से मिलने वाले भरोसे और उत्पाद के प्रति आत्मविश्वास के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करती है।
यह अभियान मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं को रोज़मर्रा के इस्तेमाल के साथ-साथ यात्रा जैसे विशेष अवसरों पर भी एडल्ट डायपर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसका उद्देश्य एडल्ट डायपर को उम्र बढ़ने या दूसरों पर निर्भरता के प्रतीक के बजाय ऐसे उत्पादों के रूप में प्रस्तुत करना है, जो महिलाओं की गरिमा, स्वतंत्रता और आवाजाही की सहजता बनाए रखने में मदद करते हैं। एडल्ट ड्राई पैंट्स श्रेणी की शुरुआत करने और इसमें अग्रणी भूमिका निभाने वाला ब्रांड फ्रेंड्स इस कम पहुंच वाले बाजार वर्ग में जागरूकता और उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के अपने प्रयास जारी रखे हुए है।
यह विज्ञापन अभियान उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित किया जा रहा है।













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