कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ झोटवाड़ा में बूथ अध्यक्षों और पार्टी कार्यकर्ताओं की बड़ी बैठक को संबोधित करते हुए।
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बूथ अध्यक्षों संग राठौड़ की बड़ी बैठक, विकास कार्यों पर हुआ फोकस

कहा जाता है कि किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत सबसे छोटी इकाई से होती है। लोकतंत्र में वह सबसे महत्वपूर्ण इकाई ‘बूथ स्तर’ है। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ इसी जमीनी रणनीति पर काम करने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों और प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण और बड़ी बैठक की।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनावी विमर्श नहीं, बल्कि क्षेत्र की हर गली, हर मोहल्ले तक चल रहे विकास कार्यों की प्रगति को सुनिश्चित करना था। एक रिटायर्ड इंडियन आर्मी कर्नल के रूप में उन्होंने हर बूथ अध्यक्ष को विकास का “कमांडर” नियुक्त किया है।

1. बूथ स्तर पर ‘ग्राउंड रियलिटी’ चेक

एक कुशल झोटवाड़ा विधायक की तरह काम करते हुए कर्नल राठौड़ ने इस बैठक में प्रत्येक बूथ अध्यक्ष से उनके क्षेत्र की समस्याओं की लिखित रिपोर्ट ली। उनका स्पष्ट मानना है कि योजनाओं की सफलता दफ्तरों में नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर रहने वाले अंतिम नागरिक के चेहरे की मुस्कान से मापी जाती है।

इस बैठक में पेयजल योजनाओं, नई सड़कों के निर्माण और जलभराव की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई, ताकि Viksit Jhotwara development मॉडल का लाभ क्षेत्र के हर घर तक बिना किसी देरी के पहुंच सके।

2. कार्यकर्ताओं को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी: विकास कार्यों की मॉनिटरिंग

आमतौर पर विकास कार्यों की देखरेख केवल सरकारी अधिकारियों पर छोड़ दी जाती है, जिससे काम में देरी होती है। कर्नल राठौड़ ने इस पुरानी परिपाटी को बदलते हुए बूथ अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के कार्यों की सीधी मॉनिटरिंग सौंप दी है।

  • गुणवत्ता पर नजर: यदि किसी सड़क या सीवरेज कार्य में गुणवत्ता की कमी दिखे, तो उसकी सूचना तुरंत सीधे विधायक कार्यालय को दी जाएगी।
  • समय सीमा की पाबंदी: हर कार्य समय पर पूरा हो, इसके लिए बूथ अध्यक्ष स्थानीय स्तर पर प्रशासन और जनता के बीच पुल का काम करेंगे।
  • यह अनोखा जनसंवाद मॉडल ही है जो झोटवाड़ा को अन्य निर्वाचन क्षेत्रों से अलग और अधिक पारदर्शी बनाता है।

3. सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना

राजस्थान के मंत्री के रूप में कर्नल राठौड़ ने बैठक में कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और खेल विकास नीतियों को आम जनता तक ले जाने के निर्देश दिए।

चाहे वह सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग की डिजिटल योजनाएं हों या कौशल विकास (Skill Development) के अवसर, बूथ अध्यक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि पात्र युवाओं को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके और वे इसके लिए आवेदन कर सकें।

4. विजन 2026: एक सशक्त और विकसित झोटवाड़ा

बैठक का समापन करते हुए कर्नल राठौड़ ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य राजनीति करना नहीं, बल्कि झोटवाड़ा को राजस्थान की सबसे विकसित और आदर्श विधानसभा बनाना है।” ₹924 करोड़ से अधिक के बजट के साथ जो विकास की नींव रखी गई है, उसे बनाए रखना और आगे बढ़ाना हर एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।

निष्कर्ष

बूथ अध्यक्षों के साथ कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की यह बैठक यह साबित करती है कि सुशासन केवल नियमों से नहीं, बल्कि सक्रिय जनभागीदारी से आता है। जब हर बूथ का नेतृत्व मजबूत और जवाबदेह होगा, तो विकास की रफ्तार को कोई नहीं रोक सकता। झोटवाड़ा आज इसी अनुशासित मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

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