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सी के बिरला हॉस्पिटल में हुई प्रदेश की पहली पोस्ट हर्निया नेफ्रेक्टॉमी की रोबोटिक सर्जरी

60 वर्षीय सरिता देवी (परिवर्तित नाम) को पिछले 8-10 महीने से पेट में तेज दर्द होने लगा था एवं पुराने ऑपरेशन वाली जगह पर दर्द एवं गाँठ जैसा महसूस होने लगा था ।  जब उसकी जांच कराई गई तो सामने आया कि उनके पेट में किसी कारण बेहद जटिल जगहों पर हर्निया हो गया था जिसे सामान्य सर्जरी से ठीक करने में बेहद जोखिम था। ऐसे में शहर के सीके बिरला हॉस्पिटल की अनुभवी टीम ने रोबोटिक सर्जरी कर मरीज को राहत प्रदान की। हॉस्पिटल के मिनिमल इनवेसिव, बैरिएट्रिक सर्जरी विभाग के डायरेक्टर और रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. राजेश शर्मा ने राजस्थान में पहली बार इस तरह के केस में रोबोटिक सर्जरी कर मरीज को ठीक किया।

रीढ़ और पसलियों की ओर विकसित हुआ हर्निया –

डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि मरीज के पेट में तेज दर्द हो रहा था। सीटी स्कैन जांच से मालूम चला कि उनके पेट में काफी अंदर पीछे पीठ की तरफ (लगभग रीढ़ की हड्डी के पास) और बाएं पसलियों की ओर हर्निया विकसित हो गया था। सामान्य सर्जरी से यहां तक पहुंच कर हर्निया ठीक करना बेहद मुश्किल था। हर्निया निकलने वाली जगह में छोटी और बड़ी आंत का कुछ हिस्सा भी घुस गया था जिससे सर्जरी और मुश्किल हो गई। इसीलिए हमने रोबोटिक सर्जरी करने का निर्णय लिया।

सर्जरी के दो दिन बाद ही हुईं डिस्चार्ज –

मरीज का वजन भी ज्यादा था जिसके अनुसार ही सर्जरी की प्लानिंग की गई। डॉ. राजेश ने बताया कि सर्जरी में रोबोटिक आर्म हर्निया वाली दोनों जटिल जगहों पर पहुंच कर रोबोटिक सर्जरी द्वारा टाँके लगाये तथा उसके बाद उस पर जाली (MESH) लगा कर ठीक कर दिया गया | करीब 2 घंटे चली सर्जरी के 48 घंटे में ही मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया। मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। डॉ. राजेश ने जानकारी दी कि रोबोटिक सर्जरी कई मायनों में बेहद सुरक्षित और बेहतर परिणाम देने वाली होती है। इससे मरीज को छोटा चीरा लगता है और सर्जरी के कुछ समय बाद ही दर्द कम होता है। मरीज अपने सामान्य जीवनचर्या में वापस लौट सकता है। सर्जरी में एनिस्थिसिया विभाग के डायरेक्टर डॉ. अतुल पुरोहित, डॉ. रुचि बैद और सर्जरी टीम में मुकेश, रितेश, कमलेश और राहुल का विशेष सहयोग रहा।

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