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एमओयू की मदद से पर्ल एकेडमी के स्‍टूडेंट्स को मिलेंगी यूजी/पीजी की डिग्रियां

 पर्ल एकेडमी की निर्वाचित एकेडेमिक फैसिलिटीज के माध्‍यम से परिचालन कर रहे क्रिएटिव आर्ट्स एजुकेशन सोसायटी (CAES) ने राजीव गांधी नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ यूथ डेवलपमेंट (RGNIYD), इंस्‍टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्‍पॉर्टेंस, एमओवायएएस, भारत सरकार के साथ साझेदारी की है। यह साझेदारी पश्चिम दिल्‍ली, दक्षिण दिल्‍ली, बेंगलुरू, मुंबई और जयपुर सहित पर्ल एकेडमी के सभी कैम्‍पसों में इसकी सभी बैचलर्स एवं मास्‍टर्स डिग्रियों के लिये की गई है। इसके साथ पेश किये जा रहे पाठ्यक्रमों में फैशन, डिजाइन, मीडिया, कम्‍यूनिकेशन और अन्‍य क्रिएटिव डिजाइन प्रोग्राम्‍स सहित विभिन्‍न क्षेत्रों में बैचलर ऑफ डिजाइन (बी.डेस), एम. डिजाइन (एम. डेस), बीबीए और एमबीए शामिल हैं। इस एमओयू पर 5 सितंबर 2023 को हस्‍ताक्षर किये गये और इसके अंतर्गत डिग्रियां 2024 से प्रभावी पाठ्यक्रमों के लिये दी जायेंगी।

अदिति श्रीवास्‍तव, प्रेसिडेंट, पर्ल एकेडमी ने कहा, “पर्ल एकेडमी भारत में डिजाइन, फैशन, मीडिया और कम्‍युनिकेशन एजुकेशन में अग्रणी रही है। RGNIYD के साथ साझेदारी हमारे और स्‍टूडेंट्स  के लिये एक महत्‍वपूर्ण उपलब्धि है। इस नई साझेदारी से हम सभी बेहद खुश हैं और एक रोमांचक शैक्षणिक वर्ष के लिये तत्‍पर हैं।”

देबाशीष डे, डायरेक्‍टर, RGNIYD ने आगे बताया, “क्रिएटिव आर्ट्स एजुकेशन सोसायटी के साथ साझेदारी करके हमें बेहद खुशी हो रही है, क्‍योंकि हमारा मानना है कि अंतरराष्‍ट्रीयता, उद्यमिता और रोजगारपरकता पर संस्‍थान के फोकस के कारण इससे विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा। इसके साथ ही यह डिजाइन, फैशन, बिजनेस और रिटेल इंडस्‍ट्रीज की जरूरतों को भी पूरा करेगा। य‍ह एमओयू हमारे लक्ष्‍यों को पूरा करने में मदद करेगा।”

अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम्‍स : पर्ल एकेडमी के परिसरों में CAES द्वारा पेश अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्‍स आमतौर पर चार साल के होते हैं, जिसमें गहन अध्‍ययन और विशेषज्ञता के लिये अवसर शामिल हैं। बैचलर ऑफ डिजाइन (बी.डीईएस) प्रोग्राम्‍स में फैशन डिजाइन, फैशन स्‍टाइलिंग, फैशन कम्‍युनिकेशन, इंटीरियर डिजाइन, कम्‍युनिकेशन डिजाइन और प्रोडक्‍ट डिजाइन सहित कई तरह के डिग्री कोर्सेज शामिल हैं। इसके अतिरिक्‍त, इंस्‍टीट्यूट द्वारा एक बी.डेस रेगुलर कोर्स की पेशकश की जाती है। बिजनेस के क्षेत्र में दिलचस्‍पी रखने वालों के लिये, यह बीबीए रेगुलर और बीबीए इन फैशन एवं लग्‍जरी मैनेजमेंट जैसे विकल्‍पों को भी उपलब्‍ध कराता है। यह दोनों ही तीन-वर्षीय प्रोग्राम हैं।

पोस्‍ट-ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम : पोस्‍ट-ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम्‍स में फैशन डिजाइन, फैशन स्‍टाइलिंग, फैशन कम्‍युनि‍केशन, इंटीरियर डिजाइन, कम्‍युनिकेशन डिजाइन और प्रोडक्‍ट डिजाइन में एम.डिजाइन डिग्री प्रोग्राम्‍स शामिल हैं। इसके अलावा, इंस्‍टीट्यूट द्वारा विभिन्‍न शैक्षणिक एवं कॅरियर महत्‍वाकांक्षियों की जरूरतों को पूरा करने के लिये फैशन एवं लग्‍जरी मैनेजमेंट में एमबीएस प्रोग्राम, एम.‍डेस रेगुलर और एमबीएस रेगुलर प्रोग्राम्‍स भी उपलब्‍ध कराये जाते हैं।

शैक्षणिक उत्‍कृष्‍टता में तीन दशकों से अधिक की विरासत के साथ, पर्ल एकेडमी फैशन और डिजाइन में अग्रणी रहा है और विद्यार्थियों को अपनी रचनात्‍मक सीमायें पार करने और एक आकर्षक डिजाइन को साकार करने के लिये सशक्‍त बना रहा है। इसका अत्‍याधुनिक तकनीक से लैस इंफ्रास्‍ट्रचर एवं दुनिया भर में एक्‍सपोजर, तकनीकी विशेषज्ञता और जीवन कौशल पर फोकस और फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया, द एसोसिएशन ऑफ डिजाइनर्स ऑफ इंडिया तथा इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडियन इंटीरियर डिजाइनर्स जैसे उद्योग में अग्रणी संस्‍थानों के साथ इसके दीर्धकालिक सहयोग से विद्यार्थियों को सम्‍पूर्ण डिजाइन प्रोफेशनल्‍स के रूप में विकसित होने में मदद मिली है। पर्ल एकेडमी के पूर्व विद्याथियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर प्रतिस्‍पर्धा करने की अपनी क्षमता को प्रदर्शित किया है और इसका प्रमुख कारण वे कौशल हैं, जो उन्‍हें बतौर स्‍टूडेंट्स यहां सीखने को मिली थीं।