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डिजायर एनर्जी के 12वें स्थापना दिवस पर पेयजल संकट को लेकर हुआ पैनल          डिस्कशन

डिजायर एनर्जी ने अपने वार्षिक दिवस समारोह के पानी की कमी पर स्थानीय एक होटल में पैनल डिस्कशन का आयोजन किया। इस पैनल में इज़राइली दूतावास में जल अताशे, डॉ लियोर आसफ, इज़राइल दूतावास के जल विशेषज्ञ श्री गहलावत; नमामि गंगे की प्रतिनिधि श्रीमती कृतिका गहलावत, श्री अर्पित चतुर्वेदी, ग्लोबल पॉलिसी इनसाइट्स के को फाउण्डर और सीईओ, पत्रकार एचं चिंतक राजकिशोर तिवारी, एनवायरमेंटलिस्ट पूरवी झवेरी सहित अन्य विशेषज्ञों लोगों ने भाग लिया तथा जल संकट से निपटने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस सम्मेलन के माध्यम से, डिज़ायर एनर्जी प्रा.लि. का उद्देश्य पानी की कमी से निपटने के लिए सार्थक संवाद को बढ़ावा देना और स्थायी जल प्रबंधन समाधानों के लिए सहयोग को बढ़ावा देना है।

पैनल डिस्कशन में यह बात उभर कर आई कि भारत नदियों के मामले में काफी समृद्ध देश रहा है लेकिन अब यहां से पानी का भंडार धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है. वहीं इस देश में वेस्ट वॉटर यानि खराब पानी की मात्रा दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. हाल ही में काउंसिल ऑन एनर्जी, इनवायरनमेंट एंड वॉटर के एक स्वतंत्र अध्ययन ‘रीयूज ऑफ ट्रीटेड वेस्टवॉटर इन इंडिया में दी गई जानकारियां बेहद चौंकाने वाली हैं. यह न केवल दो साल बाद भारत में पैदा होने जा रहे जलसंकट की ओर इशारा करती है साथ ही वेस्टवॉटर की बढ़ रही मात्रा को भी बता रही है। जहां तक ऊर्जा का सम्बन्ध है हमारे पास पर्यावरण अनुकूल बदलावों के लिए बहुत अच्छी योजना है। लेकिन पानी के मामले में हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। बढ़ते जल संकट के साथ यह संसाधन कहीं ज्यादा मूल्यवान होता जा रहा है।

भारत में इजरायली दूतावास में जल विशेषज्ञ डॉ. लियोर आसफ का यह भी कहना था  कि जलवायु में आते बदलाव इस संकट को और बढ़ा रहे हैं। पानी को लेकर की गई संधियां इससे जुड़े राजनैतिक संघर्षों को तो हल कर सकती हैं, लेकिन हम जिस तरह से इस संसाधन का दोहन, उपभोग और प्रबंधन कर रहे हैं या किस तरह से स्वच्छता से जुड़ी प्रणालियों के विषय में योजनाएं बनाते हैं वो उनमें मौलिक रूप से जरूरी बदलाव की आवश्यकता से नहीं निपटेंगी।

आगन्तुको का स्वागत करते हुए डिजायर एनर्जी प्रा.लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव गुप्ता ने भारत को पानी से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के समाधानों पर चर्चा की तथा स्मार्ट वॉटर मैनेजमेंट पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र और जल प्रबन्धन पर टेक्नोलाजी की भूमिका तथा वैश्विक जल संकट के उबरने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर भी जोर दिया।

इजरायली दूतावास में वरिष्ठ जल संसाधन विशेषज्ञ नीरज गहलावत ने इजरायल और भारत के बीच भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालने के साथ ही वॉटर टेक्नोलॉजी के हस्तांतरण के माध्यम से अन्य देशों को इस प्रकार की चुनौतियों से निपटने में किस प्रकार मदद की जा सकती है इस बात की जानकारी दी।

ग्लोबल पॉलिसी इनसाइट के को फाउण्डर अर्पित चतुर्वेदी ने वैश्विक जल संकट से निपटने के लिए पॉलिसी दायरे की आवश्यकता प्रतिपादित की तथा आर्थिक विकास तथा सस्टेनेबल वॉटर मैनेजमेंट पर अपने विचार व्यक्त किए।

यूएन वाटर कॉन्फ्रेंस 2023 में एनवायरमेंटल माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. पूर्वी झवेरी और वरिष्ठ पत्रकार एवं कॉलमिस्ट राजकिशोर तिवारी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।