Entertainment Featured

मैडोक फिल्‍म्‍स (दिनेश विजन) द्वारा निर्मित और होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित तथा रचित यह शो 5 मई 2023 को रिलीज हो रहा है

रिश्‍तों के भी रूप बदलते हैं.. लेकिन किसे पता था कि सास, बहू और फ्लेमिंगो की सास-बहुएं इतनी बोल्‍ड होंगी और खेल को ही बदल देंगी! डिज्‍़नी+ हॉटस्‍टार ने ऐसी सास-बहुओं (और बेटी!) को दिखाता एक टीजर रिलीज किया है, जो जरा हटके है। पारिवारिक रिश्‍तों का यह नया युग एक बिजनेस एम्‍पायर चला रहीं चार महिलाएं दिखाएगा, जो गलत धारणाओं को चुनौती दे रही हैं और न सिर्फ पावर के गेम में हैं, बल्कि उस पर काबिज भी हैं! मैडोक फिल्‍म्‍स द्वारा निर्मित सास बहू और फ्लेमिंगो की स्‍ट्रीमिंग 5 मई 2023 से डिज्‍़नी+ हॉटस्‍टार पर होगी। इन बिंदास महिलाओं को दमदार , ऐक्‍शन, ड्रामा और पूरी बेदर्दी से धूम मचाते देखिये- एक बार में एक गनशॉट के साथ!

इस शो की शानदार महिला कलाकारों में डिम्‍पल कपाड़िया, राधिका मदान, अंगीरा धर और ईशा तलवार शामिल हैं, जबकि उनका साथ दे रहे हैं प्रतिभाशाली आशीष वर्मा, वरुण मित्रा, उदित अरोड़ा, दीपक डोबरियाल और मोनिका डोगरा। इसके रचनाकार और निर्देशक हैं होमी अदजानिया।

डिम्‍पल कपाड़िया ने कहा, “एक सफर के तौर पर ‘सास बहू और फ्लेमिंगो’ को समझाना मेरे लिये मुश्किल है, क्‍योंकि मैंने इससे पहले ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। जब दुख की घड़ी आती है और दुनिया पीठ दिखा देती है, तब सावित्री निराश होकर मरती नहीं है, बल्कि फर्श से अर्श का सफर तय करते हुए अपनी किस्‍मत खुद
बनाती है। इस किरदार की यही बात मुझे बहुत पसंद है। नैतिकता को लेकर उसकी अपनी समझ है। वह भरोसा होने पर ही सौदा करती है। सावित्री जैसी बिंदास सास आपने पहले कभी नहीं देखी होगी और वह बड़ी ही दिलचस्‍प है। उसके कई गूढ़ चेहरे हैं। वह बेदर्द और कमजोर है, चालाकी में उस्‍ताद है और एक बड़ा दांव लगा रही है, जो जिन्‍दगी और मौत के बीच झूलता है। उसके साथ की औरतें तेजतर्रार और निर्दयी हैं, वे सबसे मुश्किल हालातों से गुजरती हैं और सबसे बड़ा साम्राज्‍य बना लेती हैं, जब उनके हाथ में कुछ नहीं होता है। सावित्री की रहस्‍यों और पागलपन वाली दुनिया में हम सशक्‍त महिलाओं को देखते हैं, जो मरना चाहती हैं, लेकिन अपनी जिन्‍दगी को नहीं बदलती हैं। यह बेहतरीन है कि हम हॉटस्‍टार स्‍पेशल्‍स ‘सास बहू और फ्लेमिंगो’ से पर्दे पर इन अनूठी कहानी को एक्‍स्‍प्‍लोर कर रहे हैं और ऐसी महिलाओं को दिखा रहे हैं, जिन्‍हें नैतिकता के चाहे किसी भी चश्‍मे से देखा जाए, उनका उत्‍साह फीका नहीं पड़ता है।”

राधिका मदान ने कहा, “सास, बहू और फ्लेमिंगो के साथ हम माँ-बेटी के रिश्‍ते के आयामों में एक प्रगतिशील बदलाव देखते हैं। सावित्री की बेटी का मेरा किरदार ऐसा है, जिसे आप अपने खिलाफ नहीं चाहेंगे, बल्कि यकीनन अपने साथ चाहेंगे! मैं इससे पहले भी होमी अदजानिया के साथ काम कर चुकी हूँ और वह जिस तरह
अपने धारदार नजरिये से कहानी को आकार देते हैं, वह मुझे पसंद है। ‘सास, बहू और फ्लेमिंगो के लिये उनका विजन और किरदारों के आयाम मुझे सचमुच अच्‍छे लगे और मैं चाहती हूँ कि दर्शक इसे डिज्‍़नी+ हॉटस्‍टार पर जल्‍द से जल्‍द देखें!’’

अंगीरा धर ने कहा, “जब कभी हम ‘सास बहू’ सुनते हैं, तब तुरंत ही महिलाओं के बीच का सामान्‍य रूढ़िवादी समीकरण हमारे ध्‍यान में आता है, जिसे हम टेलीविजन पर देखते-देखते बड़े हुए हैं और जिस पर यकीन करना हमारी नियति बन चुका है। लेकिन डिज्‍़नी+ हॉटस्‍टार का ‘सास, बहू और फ्लेमिंगो’ इसी राय को बदलता है और कैसे! यह धुआंधार ऐक्‍शन से भरा सार दिखाने से बचता नहीं है, जिसके साथ एक पहेलीनुमा कहानी भी आती है। कुल मिलाकर महिलाओं को एक अलग नजरिये से देखना हम सभी को चौंका देगा।”

ईशा तलवार ने कहा, “सास, बहू और फ्लेमिंगो’ ऐसी महिलाओं का शो है, जिन्‍होंने बंधनों से एक लंबी लड़ाई की है, जो दूसरी महिलाओं के लिये खड़े होने पर यकीन रखती हैं और दुनिया में अपनी जगह जानती हैं! मैं कुछ वक्‍त से मेकर होमी अदजानिया के साथ काम करना चाह रही थी और मुझे बहुत खुशी है कि ‘सास, बहू और
फ्लेमिंगो’ में वन्‍स-इन-अ-लाइफटाइम जैसे एक रोल के साथ यह हुआ!’’

होमी अदजानिया ने कहा, “सास, बहू और फ्लेमिंगो’ के साथ मैं एक अस्‍त-व्‍यस्‍त दुनिया बनाना चाहता था, जिस पर दमदार महिलाओं का कब्‍जा हो, और रूढ़ियों को तोड़ना चाहता था, जिनमें सबसे बड़ा है सास-बहू वाला मुहावरा। मुझे जबर्दस्‍त एक्‍टर्स चाहिये थे और डिम्‍पल कपाड़िया, राधिका मदान, अंगीरा धर और ईशा
तलवार के रूप में मुझे वही मिले। उन्‍होंने अपने किरदारों में ढलकर उनमें जान फूंकी है और उन्‍हें अनूठा बना दिया है। ए‍क परिवार के तौर पर वह बेकार हैं, लेकिन जब उन्‍हें खतरा होता है, तब उनकी ताकत भयंकर होती है। और मेरा यकीन मानिये कि जब ऐसा होगा, तब आप उनके रास्‍ते में नहीं आना चाहेंगे!’’

इस सीरीज में चार अनोखी महिलाओं की कहानी है, जिनमें प्रमुख है सावित्री, फिर उसकी बहूएं बिजली और काजल और उसकी बेटी शांता, जो हस्‍तीपुर में रहती हैं, जोकि उत्‍तर-पश्चिम का एक भूला-बिसरा गांव है। सावित्री एक कंपनी चलाती है, जिसका नाम है रानी कोऑपरेटिव और जो जड़ी-बूटी से लेकर बाम और कपड़े
जैसी चीजों का व्‍यापार करती है। लेकिन जो दिख रहा है, वैसा है नहीं। यह कॉटेज बिजनेस तो दक्षिण एशिया में चल रहे सबसे बड़े ड्रग कारटेल का मुखौटा है।

~ सास-बहू की निर्णायक जोड़ी का स्‍वागत कीजिये और उसे पितृसत्‍ता को ध्‍वस्‍त करता हुआ देखिये, 5 मई से सिर्फ डिज्‍़नी+ हॉटस्‍टार पर ~