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प्रॉक्टर एंड गैम्बल इंडिया का लीड विथ केयर प्रोग्राम एक अप्रैल से होगा शुरू

प्रॉक्‍टर एण्‍ड गैम्‍बल इंडिया ने आज ‘लीड विद केयर’प्रोग्राम की घोषणा की है, जोकि उन कर्मचारियों को सहयोग प्रदान करता है, जो दिव्‍यांग और खास जरूरतों वाले बच्‍चों की देखभाल करते हैं। यह प्रोग्राम 1 अप्रैल, 2023 से प्रभावी होगा और कर्मचारियों को तंत्रिका विकास सम्‍बंधी, ज्ञानात्‍मक, व्‍यवहारिक या शारीरिक विकृतियों से प्रभावित बच्‍चों के लिये जल्‍द से जल्‍द निरोधात्‍मक देखभाल एवं उपचार पाने में सक्षम बनाएगा। इस प्रोग्राम में डायग्‍नोसिस, डॉक्‍टर के साथ परामर्श, उपचार, दवाओं और उपकरणों के खर्च का मेडिकल कवरेज आता है और यह कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिये मौजूदा चिकित्‍सकीय सहयोग पर आधारित है, जिनमें LGBTQ+ समुदाय के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी प्रमाणित भागीदारों के माध्‍यम से विशिष्‍ट और प्रशिक्षित डे-केयर सहयोग को आसान बनाएगी और एक एम्‍प्‍लॉयी असिस्‍टेन्‍स प्रोग्राम (ईएपी) प्रदान करेगी, जोकि इस सफर में सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिये 24×7 उपलब्‍ध होगा।

पीएण्‍डजी इंडिया की यह पहल न केवल भारतीय उद्योग जगत में, बल्कि दुनिया में कहीं भी पीएण्‍डजी द्वारा अपनाई गई अपनी तरह की पहली पहल है, जिसे पीएण्‍डजी द्वारा भारत से एकत्रित सीखों के आधार पर बाकी देशों में भी शुरू किया जायेगा|

पीएण्‍डजी इंडिया सबकॉन्टिनेंट में ह्यूमन रिसोर्सेस के हेड श्रीनिवास पी. एम. ने कहा, “पीएण्‍डजी में हम अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के स्वास्थ को प्रमुख प्राथमिकता देते हैं। इसी को ध्यान में रख कर हमने विगत कुछ वर्षों में कई पहलों की शुरआत की है, जिनके परिणाम आज हमारे सामने है। इसी प्राथमिकता को आगे बढ़ाते हुए, हमने 'लीड विद केयर' प्रोग्राम की शुरुआत की है।कई अध्‍ययन बताते हैं कि अक्षमताओं के शीघ्र निदान और उपचार से लंबे समय में सकारात्‍मक प्रभाव देखा जा सकता है। ‘लीड विद केयर’ के साथ हम अपने लोगों की उनके बच्‍चों के लिये शुरूआती अवस्‍था में चिकित्‍सा एवं देखभाल की मध्‍यस्‍थताएं पाने में मदद करने की कोशिश में हैं, जिससे उनके विकास और जीवन की संपूर्ण गुणवत्‍ता पर महत्‍वपूर्ण प्रभाव हो सकता है। हम यह भी समझते हैं कि यह समयहमारे लोगों के लिये चुनौती वाला हो सकता है और इसलिये हम अपनेएम्‍प्‍लॉयी असिस्‍टेन्‍स प्रोग्राम का भी विस्‍तार कर रहे हैं, ताकि उन्‍हें इस सफर में जरूरी सहायता मिल सके।”

लीड विद केयर के अंतर्गत हम प्रमाणित भागीदारियों के माध्यम से विशिष्ट एवं प्रशिक्षित डेय केयर सेवाओं को पाने में हमारे कर्मचारियों की मदद कर रहे हैं। हमारा मानना है की रोकथाम इलाज से बेहतर होता है, और इस लिए इन सब पहलों के द्वारा हमारी आशा है की हमारे कर्मचारियों के बच्चे एक सफर एवं स्वस्थ जीवन

व्यतीत कर सकेंग।“ ‘लीड विद केयर’ का विवरण:

यूनिसेफ ने अनुमान लगाया है कि दुनिया में 10 में से 1 बच्‍चे में डिसैबिलिटीज हैं। शीघ्र मध्‍यस्‍थता पहला महत्‍वपूर्ण चरण होती है, क्‍योंकि कई अध्‍ययन बताते हैं कि शीघ्र पता लगाने और मध्‍यस्‍थता करने से कई डिसैबिलिटीज को तेजी से रोका जा सकता है और बच्‍चे तथा उसके परिवार पर हो सकने वाले डिसैबिलिटी के प्रभाव को कम किया जा सकता है। इस दृष्टिकोण के साथ ‘लीड विद केयर’प्रोग्राम में निम्‍नलिखित शामिल हैं:

मेडिकल कवरेज: 18 साल तक की उम्र के बच्‍चों के लिये निदान, परामर्श, उपचार, विशिष्‍ट उपकरणों एवं दवाओं समेत उपचारों के 10 से ज्‍यादा प्रकारों के लिये। इसके द्वारा कर्मचारी शुरूआती अवस्‍था में मध्‍यस्‍थता और निदान करवा सकते हैं, जिससे उनके बच्‍चों के जीवन की गुणवत्‍ता और संपूर्ण विकास महत्‍वपूर्ण ढंग से प्रभावित हो सकता है। इन केन्द्रित मध्‍यस्‍थताओं में मेडिकल उपकरणों से लेकर कॉग्निटिव थेरैपी, स्‍पीच थेरैपीऔर ऑक्‍युपैशनल थेरैपी आती है, जिनमें न्‍यूरो रिहैबिलिटेशन, प्रोस्‍थेसीस/ऑर्थोसीस, आदि शामिल हैं।

डे केयर सपोर्ट: प्रमाणित भागीदारों के माध्‍यम से विशिष्‍ट एवं प्रशिक्षित डे-केयर सेवाओं को आसान बनाते हुए कर्मचारियों को उनके बच्‍चों के लिये विशेषीकृत डे केयर सुविधाएं पाने में समर्थ बनाना। इसका लक्ष्‍य कामकाजी पैरेंट्स की यह सुनिश्चित करने में मदद करना है कि उनके बच्‍चों के लिये अच्‍छी गुणवत्‍ता की देखभाल और पढ़ाई का विशेषीकृत वातावरण हमेशा उपलब्‍ध रहे, ताकि मध्‍यस्‍थता और ठीक होने में कोई बाधा न हो।

24×7 एम्‍प्‍लॉयी असिस्‍टेन्‍स हेल्‍पलाइन (ईएपी): ईएपी सुविधा सभी कर्मचारियों के लिये चौबीसों घंटे उपलब्‍ध है, जहाँ से वे इस सफर के दौरान कठिन पलों में विशिष्‍ट परामर्श, सहायता और मागदर्शन ले सकते हैं।

अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की देखभाल पीएण्‍डजी इंडिया की संस्‍कृति का मुख्‍य स्‍तंभ रही है, जिसमें उनके स्‍वास्‍थ्‍य और तंदुरुस्‍तीको सबसे अधिक प्रा‍थमिकता दी जाती है। इसका ध्‍यान रखते हुए कि ‘वन-साइज़-फिट्स-ऑल’ की सोच एक विविधतापूर्ण कार्यबल में काम नहीं आती है, कंपनी ने समय-समय पर अपने मेडिकल बेनेफिट्स प्रोग्राम को कर्मचारियों के वास्‍तविक अनुभवों और आवश्‍यकताओं के आधार पर विकसित किया है, जिससे एक ज्‍यादा व्‍यापक कार्यक्रम तैयार हुआ है, जिसमें ‘लीड विद केयर’ प्रोग्राम भी शामिल है। 

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