Business Featured

ग्रामीण विकास मंत्रालय का मीशो से एमओयू

ग्रामीण विकास मंत्रालय और भारत के एकमात्र ट्रू ऑनलाईन मार्केटप्लेस, मीशो ने आज एक समझौतापत्र पर हस्ताक्षर किए ताकि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत सभी महिलाओं का डिजिटल समावेशन करके उन्हें ऑनलाईन बिक्री करने में समर्थ बनाया जा सके। इस साझेदारी द्वारा विभिन्न राज्यों में ग्रामीण महिला उद्यमियों को ऑनबोर्ड करने के मीशो के प्रयासों को बल मिलेगा, और वो अपना व्यवसाय ऑनलाईन लॉन्च कर उसे बढ़ाने में समर्थ बन सकेंगी। मीशो ने पिछले कुछ महीनों में सरकार द्वारा संचालित अनेक सेल्फ-हेल्प समूहों जैसे संजीवनी कर्नाटक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और उम्मीद जम्मू एवं कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ गठबंधन किया है।

संजीव बर्नवाल को-फाउंडर एवं सीटीओ मीशो ने कहा हमें हर व्यक्ति तक इंटरनेट कॉमर्स पहुँचाने का अपना मिशन पूरा करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ साझेदारी करने की खुशी है। 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के भारत के उद्देश्य में महिला उद्यमशीलता बहुत महत्वपूर्ण है, और पिछले सालों में मीशो ने लाखों महिलाओं को ऑनलाईन सफलता हासिल करने तथा वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने में समर्थ बनाया है। यह साझेदारी उसी दिशा में हमारे प्रयास बढ़ाएगी और उनकी सामाजिक एवं आर्थिक वृद्धि के लिए इंटरनेट कॉमर्स की शक्ति का उपयोग करेगी। हम उन्हें मीशो के साथ ऑनलाईन व्यवसाय का विकास करने के लिए सभी टूल्स और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।’’

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री, गिरिराज सिंह ने कहा, ‘‘भारत में ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के अवसरों का सृजन कर उनके जीवन में सुधार लाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। हम ग्रामीण समुदायों की वृद्धि एवं विकास में निरंतर सहयोग करने का प्रयास करते हैं और मीशो के साथ गठबंधन उनके लिए वित्तीय समावेशन लाने में मुख्य भूमिका निभाएगा। बाजार की जानकारी और उत्पाद की कैटालोगिंग एवं पैकेजिंग के प्रशिक्षण द्वारा इन सेल्फ-हैल्प समूहों की महिलाएं टेक्नॉलॉजी की मदद से अपने उत्पाद बड़े ग्राहक वर्ग को प्रदर्शित कर सकेंगी, जिससे उनकी आय अर्जित करने की क्षमता बढ़ेगी।

अब मीशो व्यापक स्तर पर डिजिटाईज़ेशन करने के लिए केंद्र सरकार के साथ काम करेगा, ग्रामीण महिलाओं को सामुदायिक संगठनों के रूप में विकसित करेगा, उनमें वित्तीय समावेशन लेकर आएगा और बाजार में उनकी पहुँच बढ़ाने में मदद करेगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय राज्य के स्वामित्व के एवं एसआरएलएम प्रमोटेड उद्यमों के साथ मीशो की संलग्नता में मदद करेगा, ताकि स्थानीय कारीगर, बुनकर और शिल्प निर्माता ई-कॉमर्स के दायरे में आ सकें।

महिलाओं की 40 प्रतिशत आबादी गैरकृषि कार्यों में संलग्न है, इसलिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम क्षमता निर्माण कर ऑनलाईन सैलिंग प्लेटफॉर्म द्वारा उन्हें विस्तृत अवसर दे सकें। इस गठबंधन द्वारा हम 10 करोड़ महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए आशान्वित हैं, जिससे वो 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के भारत के उद्देश्य का एक अभिन्न हिस्सा बन जाएंगी।’’

सबसे छोटे विक्रेता को एक समान अवसर देने की मीशो की निरंतर प्रतिबद्धता और उद्योग में इसके पहले अभियानों, जैसे जीरो कमीशन से पूरे देश की महिलाएं इंटरनेट कॉमर्स अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगी, और उन्हें एक विशाल बाजार उपलब्ध हो सकेगा। 100 मिलियन छोटे व्यवसायों को ऑनलाईन सफलता हासिल करने में समर्थ बनाने के मीशो के उद्देश्य के साथ यह पहल उन्हें स्वरोजगारी उद्यमी बनने में मदद करेगी और वो वित्तीय आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की अपनी इच्छा पूरी कर पाएंगी।

मीशो एसएचजी को एंड-टू-एंड सपोर्ट प्रदान करेगा और उन्हें ऑनलाईन व्यवसाय चलाने के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण देगा। सही उत्पादों को पहचानने और विक्रेता अकाउंट बनाने से लेकर कैटालोग और पैकेजिंग अपलोड करने तक, मीशो कई क्षेत्रीय भाषाओं में अनेक इन-पर्सन ट्रेनिंग वर्कशॉप्स का आयोजन करेगा। इसके अलावा मीशो अनेक फीचर्स, जैसे उत्पाद एवं मूल्य के सुझावों पर शिक्षा व प्रशिक्षण करेगा करेगा, और संबंधित राज्यों में लॉजिस्टिक्स के टाई-अप संभव बनाएगा।