ट्रूकॉलर ने सरकार और भारत के नागरिकों के बीच संपर्क को आसान बनाने के लिए ऐप में डिजिटल सरकारी डायरेक्टरी को लॉन्च किया है, जहाँ आम लोगों की सुविधा के लिए सरकारी अधिकारियों के हजारों सत्यापित संपर्क-विवरण सहज तरीके से उपलब्ध हैं। यह जन सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा कायम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उपयोगकर्ताओं को किसी भी तरह की जालसाज़ी, धोखाधड़ी और स्पैम से बचाता है।
ट्रूकॉलर ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोग इस डिजिटल सरकारी डायरेक्टरी की मदद से केंद्र शासित प्रदेशों सहित लगभग 23 राज्यों के हेल्पलाइन नंबरों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, दूतावासों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और अन्य प्रमुख विभागों से बड़ी आसानी से संपर्क कर सकते हैं। यह जानकारी सीधे सरकार और आधिकारिक सरकारी स्रोतों से ली गई है। इस पहल का उद्देश्य आम लोगों के लिए सरकार के प्रतिनिधियों से संपर्क को आसान बनाना और भारत में ट्रूकॉलर का उपयोग करने वाले 24 करोड़ से अधिक लोगों को बिना किसी परेशानी के सरकार के साथ जोड़ने में मदद करना है।
ट्रूकॉलर ने बड़ी संख्या में नेटिज़न्स और संबंधित भागीदारों के साथ बातचीत की, जिससे यह बात सामने आई कि फोन के जरिए सरकारी अधिकारियों के नाम पर होने वाली जालसाज़ी और धोखाधड़ी के मामलों की संख्या सबसे ज्यादा है। सरकारी अधिकारियों के संपर्क-विवरण वाली इस डायरेक्टरी को जाँच-परखकर तैयार किया गया है, जो संचार के क्षेत्र में लोगों के भरोसे को मजबूत बनाने और उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी एवं जालसाज़ी से बचाने के ट्रूकॉलर के प्रयासों की अगली कड़ी है। उपयोगकर्ता को हरे रंग का बैकग्राउंड और ब्लू टिक दिखाई देगा, जो दर्शाता है कि वह फोन नंबर पूरी तरह सत्यापित है। ट्रूकॉलर इस डायरेक्टरी के विस्तार के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के साथ काम कर रहा है और उपयोगकर्ताओं के फ़ीडबैक के आधार अगले चरण में ज़िला एवं नगरपालिका स्तर के संपर्क-विवरणों को इसमें शामिल करने की योजना बनाई है। ट्रूकॉलर ने किसी भी सरकारी एजेंसी के लिए जानकारी साझा करने और उसे इस डायरेक्टरी पर वेरीफाई करने के लिए एक सरल प्रक्रिया भी तैयार की है।
इस सुविधा के लॉन्च के बारे में बात करते हुए, प्रज्ञा मिश्रा, डायरेक्टर ऑफ़ पब्लिक अफेयर्स, ट्रूकॉलर, ने कहा कि “ट्रूकॉलर अब सिर्फ कॉलर की पहचान करने वाले ऐप से कहीं ज्यादा विकसित हो गया है और आज डिजिटल संचार के प्रति लोगों के भरोसे को मजबूत बनाकर भारत में शहरी और बढ़ते अर्ध-शहरी/ग्रामीण बाजारों के बीच डिजिटल अंतराल को दूर कर रहा है। हम सरकारी अधिकारियों के नाम पर बड़े पैमाने हो रही जालसाज़ी और धोखाधड़ी से लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें यकीन है कि, आम नागरिक जरूरत पड़ने पर इस सुविधा की मदद से सही अधिकारियों से बड़ी आसानी से संपर्क कर सकते हैं। यह सरकारी फोन नंबरों वाली अपनी तरह की पहली डिजिटल डायरेक्टरी है और हम उपयोगकर्ताओं के फ़ीडबैक के आधार पर इसमें सुधार करते रहेंगे। हम भरोसे का निर्माण करके संचार को सुरक्षित बनाने के अपने प्रयासों को आगे भी जारी रखेंगे।”













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