What India’s Youth Should Learn From Modi’s Push for National Security & Self-Reliance
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राहुल गांधी की राजनीति पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का तंज, बोले- हर मुद्दे को सड़क पर ले जाना उचित नहीं

जयपुर। राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री और कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने एक सार्वजनिक चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष की राजनीतिक कार्यशैली पर अपनी राय रखी। उन्होंने लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन के अधिकार को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हर मुद्दे को सड़क पर ले जाने के बजाय संसद जैसे लोकतांत्रिक मंचों पर चर्चा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

30 अक्टूबर 2026 को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राठौड़ ने युवाओं से लोकतंत्र, राजनीति, सेना और सामाजिक मुद्दों पर संवाद किया। इस चर्चा में उन्होंने आंदोलन और राजनीतिक उद्देश्य से किए जाने वाले विरोध के बीच अंतर समझने की बात भी कही।

लोकतंत्र में विरोध और चर्चा का महत्व

राठौड़ के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार से सवाल पूछना और नीतियों का विरोध करना नागरिकों का अधिकार है। किसी मुद्दे पर तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि संसद सरकार से सवाल पूछने और नीतिगत विषयों पर बहस करने का प्रमुख मंच है। उनके विचार में राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा और समाधान के लिए संवैधानिक संस्थाओं तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाना चाहिए।

युवाओं से राजनीति और जिम्मेदारी पर संवाद

कार्यक्रम में युवाओं को अपने विचारों, फैसलों और भविष्य के प्रति जिम्मेदार रहने का संदेश भी दिया गया। राठौड़ ने लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के साथ तथ्यों को समझने और विचार-विमर्श के महत्व पर जोर दिया।

राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़े उनके अन्य वक्तव्यों और गतिविधियों के लिए आधिकारिक समाचार एवं अपडेट सेक्शन देखा जा सकता है।

लोकतंत्र में असहमति, बहस और शांतिपूर्ण विरोध की अपनी भूमिका है। साथ ही, सार्वजनिक मुद्दों पर तथ्य आधारित संवाद और संस्थागत प्रक्रियाओं के माध्यम से समाधान तलाशना भी महत्वपूर्ण है।

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