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द कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन ने जिम्मेदारी के साथ कचरा प्रबंधन को दिया बढ़ावा

भारत में त्योहारों का मौसम चल रहा है। इस दौरान देशभर में सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले त्योहारी आयोजनों में हजारों लोग जुटते हैं। इस तरह के आयोजनों में वहां आने वालों द्वारा फेंके गए कचरे का प्रबंधन करना महत्वपूर्ण काम होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस बार त्योहारों के मौसम में आनंदना– द कोका–कोला इंडिया फाउंडेशन ने वडोदरा में नवरात्रि आयोजन, कोलकाता में दुर्गा पूजा और मैसुरु में दशहरा आयोजनों तक अपने ‘मैदान साफ’ अभियान का विस्तार किया। स्थानीय स्तर पर की गई साझेदारियों के माध्यम से इस पहल ने पीईटी कचरे को जिम्मेदारी के साथ एकत्र करने और दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले (रीयूजेबल) विकल्पों के प्रयोग को बढ़ावा दिया।

इन पहलों का उद्देश्य त्योहारी आयोजनों में शामिल होने वालों के लिए जिम्मेदारी के साथ कचरे के निपटान को आसान बनाना और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने में समाज की भागीदारी को प्रोत्साहित करना था।

वडोदरा में आनंदना ने नवरात्रि के दौरान लक्ष्मी विलास पैलेस हेरिटेज पंडाल में पीईटी बोतलों के संग्रह की व्यवस्था करने के लिए एचसीसीबी और गैर–सरकारी संगठन ‘लक्ष्य’ के साथ साझेदारी की। इस पहल के माध्यम से यहां प्रतिदिन आने वाले अनुमानित 35,000 लोगों को प्लास्टिक की बोतलों का जिम्मेदारी के साथ निपटान करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

मैसुरु में भी इसी तरह की पहल के तहत आनंदना और एचसीसीबी ने मैसुरु सिटी कॉरपोरेशन (एमसीसी) तथा कार्यान्वयन साझेदार (इम्प्लिमेंटेशन पार्टनर) ‘संगम प्रतिष्ठान’ के साथ मिलकर दशहरा के दौरान चामुंडी हिल्स और फूड मेला परिसर में कचरा एकत्रित करने में सहयोग दिया। इस प्रयास में 30 से अधिक स्वयंसेवकों और सफाई साथियों ने जिम्मेदारी संभाली। कचरा संग्रह करने के लिए निर्धारित केंद्रों के माध्यम से लोगों को कचरे के निपटान के लिए सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराए गए। कन्नड़ भाषा में किए गए नुक्कड़ नाटकों ने भी इस बारे में संदेश को मजबूती से लोगों तक पहुंचाया, जागरूकता बढ़ाई और लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया।

कोलकाता में इस अभियान के तहत खरीदारी वाली जगहों और त्योहारी आयोजनों, दोनों जगहों पर कचरे के प्रबंधन पर ध्यान दिया गया। आनंदना ने गड़ियाहाट और एसएस हॉग मार्केट में दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले (रीयूजेबल) टोट बैग वितरित करने के लिए ‘राह’ चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ साझेदारी की। स्थानीय दुकानदारों को भी इस प्रयास का हिस्सा बनाया गया, ताकि वे ग्राहकों को एक बार इस्तेमाल होने वाले (सिंगल यूज) बैग के बजाय दूसरे विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित कर सकें।

अहिरिटोला सार्वजनिक दुर्गोत्सव पंडाल में भी कचरा एकत्र करने के लिए अभियान चलाया गया। इसके तहत लोगों को इस्तेमाल की जा चुकी पीईटी बोतलों का निपटान जिम्मेदारी से करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

त्योहारों के दौरान एकत्र की गई पीईटी बोतलों को अधिकृत रीसाइक्लिंग चैनलों में भेजा गया। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली कि इस्तेमाल के बाद फेंक दिए गए पैकेजिंग मैटेरियल को ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े की तरह पड़े रहने देने के बजाय उन्हें रीसाइकिल किया जा सके। 

कोका–कोला इंडिया और साउथवेस्ट एशिया में पब्लिक अफेयर्स, कम्युनिकेशंस एंड सस्टेनेबिलिटी की वाइस प्रेसिडेंट देवयानी आर. एल. राणा ने कहा, “बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में कचरे का प्रबंधन करने के लिए उद्योग जगत, स्थानीय संस्थानों और समाज के बीच समन्वित प्रयास जरूरी हैं। ‘मैदान साफ’ अभियान के माध्यम से हम जमीनी स्तर पर संग्रह प्रणालियों (कलेक्शन सिस्टम) को मजबूत करने और विभिन्न तरह के उत्सवी आयोजनों के दौरान जिम्मेदारी के साथ कचरे के निपटान को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मजबूत साझेदारियां करते हुए और आयोजनों में व्यावहारिक समाधान देते हुए हमारा लक्ष्य ऐसी प्रभावी व्यवस्थाएं बनाने में योगदान देना है, जो सिर्फ किसी एक आयोजन तक सीमित न रहें, बल्कि अन्य आयोजनों में भी उन्हें विस्तार दिया जा सके।”

ये पहलें जिम्मेदारी के साथ प्लास्टिक कचरे को एकत्रित करने, उन्हें छांटकर अलग करने और रीसाइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए ‘मैदान साफ’ अभियान के माध्यम से आनंदना द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रयासों पर आधारित हैं। 2023 में आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान शुरू होने के बाद से यह अभियान अब तक कई बड़े खेल और सांस्कृतिक आयोजनों तक पहुंच चुका है। इनमें आईसीसी मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2024, मुंबई में गणेश चतुर्थी, पुरी में रथ यात्रा और प्रयागराज में महाकुंभ 2025 जैसे बड़े आयोजन शामिल हैं। तिरुपति ब्रह्मोत्सव और अमरनाथ यात्रा के दौरान भी रीयूजेबल कलेक्शन बैग वितरित किए गए।

इन प्रयासों के माध्यम से आनंदना– द कोका–कोला इंडिया फाउंडेशन भारत में आयोजित होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान वहां आए लोगों द्वारा इस्तेमाल के बाद फेंक दिए गए पैकेजिंग मैटेरियल को ज्यादा जिम्मेदार तरीके से मैनेज करने के प्रयासों को समर्थन दे रहा है।

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